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रेप पीड़िता ने अस्पताल में बच्चे को दिया जन्म, परिजनों का अपनाने से इनकार

Thu, 11 May 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा) Updated Thu, 11 May 2017 09:16 AM IST
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rape victim given birth] family refuse to adopt
रेप पीड़ितसिि परिवार का किनारा - फोटो : Demo Pic
दुष्कर्म पीड़िता युवती ने बुधवार को सिविल अस्पताल में लड़के को जन्म दिया। पीड़िता के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक युवती और उसके बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया है। शाम के समय परिजन पीड़िता को अस्पताल में छोड़ कर चल गए। पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, चाइल्ड प्रोटेक्शन एवं चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम ने स्थिति देखी। बच्चे को मेडिकल फिट होने के बाद शिशु गृह पंचकूला भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
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थाना सदर जगाधरी के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 20 मार्च को पुलिस को शिकायत दी थी उसकी पोती (19) के साथ गांव के ही अमित ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। उसकी पोती सात माह की गर्भवती हो गई थी। उसने आरोपी को शादी करने के लिए कई बार कहा, लेकिन आरोपी ने शादी करने से मना कर दिया। दोबारा इस पर बात करने पर उसकी पोती और परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। व्यक्ति ने बताया कि आरोपी ने पांच अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश के तहत उसकी पोती से दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी अमित के खिलाफ केस दर्ज किया था लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। 
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नवजात को सरकार के हवाले करने की बात

rape victim given birth] family refuse to adopt
रेप पीड़िता ने बच्चे को दिया जन्म, परिवार ने किया किनारा - फोटो : Demo Pic
गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी, डीसी, डीजीपी, मानवाधिकार आयोग और प्रधानमंत्री को भी शिकायत भेजी। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। बुधवार सुबह उनकी पोती को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे सिविल अस्पताल यमुनानगर लेकर पहुंचे। सुबह 10.00 बजे उसने एक लड़के को जन्म दिया।

पीड़िता के दादा, पिता और मां ने दुष्कर्म पीड़िता और उसके लड़के को अपनाने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही डीसीपीओ ऋचा बुद्धिराजा, लीगल ऑफिसर रंजन शर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी प्रीति, चाइल्ड हेल्प लाइन से भानू प्रताप की टीम मौके पर पहुंची।

टीम को पीड़िता के दादा ने लिखित में शिकायत देकर पीड़िता और नवजात को रखने से इनकार किया। वहीं नवजात को सरकार के हवाले करने की बात कही। परिजनों का कहना था कि यदि पुलिस व प्रशासन समय पर कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो उन्हें आज यह नौबत नहीं आती। 


जिस समय दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत पुलिस के पास आई, उस समय वह करीब सात माह के गर्भ से थी। मामले में आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मामले की जांच डिटेक्टिव स्टाफ कर रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
 - उषा कुंडू, डीएसपी, यमुनानगर। 

सिविल अस्पताल में दुष्कर्म पीड़िता अविवाहित युवती के बच्चे को जन्म देने और उसके परिजनों द्वारा अपनाने से इनकार करने की सूचना पर मौके पर पहुंची थी। परिजनों ने बच्चे को सरकार को सरेंडर करने की लिखित शिकायत दी है। मेडिकल में बच्चे के फिट होने पर उसे पंचकूला शिशु गृह भेजा जाएगा।
- ऋचा बुद्धिराजा, डीसीपीओ, यमुनानगर
 
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