55 साल के व्यक्ति के रेप से हुई थी गर्भवती, बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड़ा
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सोलह साल की नि:शक्त रेप पीड़िता ने बच्चे को जन्म देने के करीब तीस घंटे बाद डबवाली के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसके बच्चे को सिरसा ले जाया गया है। जिसे बाद में चंडीगढ़ स्थित बाल गृह में रखा जाएगा। मृतका के पिता ने गांव के 55 साल के अधेड़ उम्र के एक व्यक्ति पर रेप का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार नि:शक्त किशोरी से रेप के प्रयास का अगस्त 2015 में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुक है। जिसका सेशन कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस के अनुसार मृतका के पिता के बयान को अदालत के समक्ष रखकर आरोपों की जांच की अनुमति मांगी जाएगी।
रेप पीड़िता ने 20 जून की अल सुबह घर पर ही एक बच्चे को जन्म दिया था। परिजन फौरन बाद उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में ले आए। 21 जून को उसकी तबियत खराब हो गई। रात करीब नौ बजे चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। नवजात बच्चे की संभाल के लिए चिकित्सकों ने बाल संरक्षण अधिकारी से संपर्क साधा। बच्चे को रात को ही सिरसा रेफर कर दिया गया।
पुलिस को दिए बयान में मृतका के पिता ने गांव के रघुवीर चंद उर्फ वीरा को आरोपी बताते हुए कहा कि बच्चा आरोपी का ही है। पुलिस ने यान दर्ज करने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। डॉ. अमनदीप सिधू तथा डॉ. अमरदीप कौर जस्सी पर आधारित बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। मौत का कारण जानने के लिए सैंपल करनाल तथा रोहतक स्थित प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। अस्पताल में मौत होने के बाद व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं?
कागजों में बालिग, रिपोर्ट में नाबालिग आधार कार्ड या फिर अन्य डॉक्यूमेंट में मृतका को बालिग दर्शाया गया है। इस मामले में पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड को खंगाला। कहीं भी उसके जन्म संबंधी प्रमाण हाथ नहीं लगा। बाद में मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट दी कि लड़की 16-17 वर्ष की है।
आंगनबाड़ी में बूढ़ा बनाता थ्ाा हवस का शिकार
नि:शक्त किशोरी आंगनबाड़ी जाती थी। वहीं उसके साथ आरोपी दुष्कर्म करता था। अपने साथ हो रहे गलत काम को नि:शक्त किशोरी इशारों में समझाती रही। लेकिन किसी ने उसको नहीं समझा। मामले का खुलासा 29 अगस्त 2015 को हुआ। हर रोज की तरह उस दिन भी किशोरी अपने भानजे के साथ आंगनबाड़ी में गई हुई थी।
दोपहर बाद करीब दो बजे गांव का जग्गा सिंह अपनी भेड़-बकरियों को लेकर वहां से गुजर रहा था। उसने देखा कि रघुवीर चंद उर्फ वीरा पीड़िता को खींचकर सामने स्थित नरमा के खेतों में लेजा रहा है। इसकी सूचना उसने लड़की के पिता को दी। दोनों मौका पर पहुंचे। उन्हें देखकर वीरा मौका से भाग गया। 30 अगस्त 2015 को पुलिस ने रेप के प्रयास, पोस्को एक्ट के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
दो सिंतबर 2015 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले का चालान अदालत में पेश किया था। मृतका के पिता ने संदेह जताया है कि उसका दोहता पिछले करीब एक साल से आंगनबाड़ी में जा रहा है। उसकी बेटी भी उसके साथ ही जाती थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया होगा।
एसएमओ एमके भादू का कहना है कि रेप पीड़िता नाबालिग थी। कम उम्र में गर्भवती होना, फिर बच्चे को जन्म देना ही उसकी मौत का कारण बना। बच्चा स्वस्थ है। उसे चंडीगढ़ स्थित चाइल्ड होम में भेजा गया है।
विनोद कुमार, प्रभारी सदर थाना, डबवाली ने बताया कि मृतका के पिता ने बयान दिया है कि बच्चा वीरा सिंह का है। वही उसकी बेटी से गलत कार्य करता रहा। जब वह करीब साढ़े चार माह से गर्भवती हुई, तब उन्हें टेस्ट के जरिए पता चला। वीरा पर पहले ही मामला दर्ज है। जोकि सेशन कोर्ट में ट्रायल है। धारा 376 के तहत कार्रवाई करने के लिए पुलिस अदालत के समक्ष बयान रखेगी। अदालत के आदेशों के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही मामले की वैज्ञानिक ढंग से जांच की जाएगी।