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नाबालिग बेटी से दुराचार करने वाले पिता को उम्रकैद, जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 25 Mar 2016 09:08 AM IST
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रोहतक की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंहल की कोर्ट ने नाबालिग बेटी से दुराचार करने पर पिता को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 14 वर्षीय पीड़िता की मां की काफी समय पहले मौत हो गई थी। मां की मौत के कुछ दिन बाद ही आरोपी पिता ने बेटी पर बुरी नजर रखनी शुरू कर दी। फिर आरोपी ने उसे जबरन हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया। जब बेटी ने किसी को बताने का प्रयास किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर आवाज दबा दी।
कई साल तक यह सिलसिला चलता रहा। पीड़िता ने पुलिस शिकायत में बताया कि उसने कई बार पुलिस तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन वह घर से बाहर नहीं निकल सकी। 8 अप्रैल 2014 को पीड़िता को एक मोबाइल मिल गया। इसके बाद उसने महिला हेल्प लाइन 1091 पर फोन दिया। जिसके बाद कलानौर पुलिस महिला पुलिस को साथ लेकर नाबालिग के घर पहुंची।
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पुलिस को पीड़िता ने पूरी बात बताई। पीड़िता के बयानों पर रिपोर्ट दर्ज हुई और उसका मेडिकल कराया गया। मेडिकल में भी दुराचार की पुष्टि हुई। 21 गवाहों की गवाही कोर्ट ने पूरे मुकदमें की सुनवाई के बाद सतपाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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अदालत में चले अभियोग के अनुसार 14 वर्षीय पीड़िता की मां की काफी समय पहले मौत हो गई थी। मां की मौत के कुछ दिन बाद ही आरोपी पिता ने बेटी पर बुरी नजर रखनी शुरू कर दी। फिर आरोपी ने उसे जबरन हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया। जब बेटी ने किसी को बताने का प्रयास किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर आवाज दबा दी।
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कई साल तक यह सिलसिला चलता रहा। पीड़िता ने पुलिस शिकायत में बताया कि उसने कई बार पुलिस तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन वह घर से बाहर नहीं निकल सकी। 8 अप्रैल 2014 को पीड़िता को एक मोबाइल मिल गया। इसके बाद उसने महिला हेल्प लाइन 1091 पर फोन दिया। जिसके बाद कलानौर पुलिस महिला पुलिस को साथ लेकर नाबालिग के घर पहुंची।
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पुलिस को पीड़िता ने पूरी बात बताई। पीड़िता के बयानों पर रिपोर्ट दर्ज हुई और उसका मेडिकल कराया गया। मेडिकल में भी दुराचार की पुष्टि हुई। 21 गवाहों की गवाही कोर्ट ने पूरे मुकदमें की सुनवाई के बाद सतपाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।