कहीं नक्सलियों के संपर्क में तो नहीं थे रामपाल?
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सतलोक आश्रम के संत रामपाल कहीं नक्सलियों के संपर्क में तो नहीं थे, ऐसी संभावना एसआइटी जांच में सामने आई। आश्रम में तीसरे दिन चली सर्च में टीम सदस्यों ने आश्रम में छिपे बैठे तीन और समर्थकों को हिरासत में लिया है।
वे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले हैं। इनकी पहचान लक्ष्मण दास कोहरी निवासी बांडे, जिला दतिया मध्यप्रदेश, अजय दास वासी, आलोनी, जिला खगड़िया, बिहार, महेश कुमार निवासी बालोदा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
पुलिस का कहना है कि यह तीनों रामपाल के कमांडो हो सकते हैं। टीम को मिला कैश आश्रम के उन कमरों से मिला है जहां ब्लैक ड्रेस कमांडो के इंचार्ज रूम थे। तलाशी अभियान के दौरान एसआइटी ने एक बस, एक जिप्सी व एक बुलेट प्रूफ सफारी गाड़ी, दो ट्रैक्टर कब्जे में लिए हैं। इन ट्रैक्टरों के साथ दो ट्रॉली भी हैं। टीम ने 82 बाइक बरामद की हैं।
सर्च अभियान में आसपास के पंचायती सदस्यों का भी सहयोग रहा। जिला प्रशासन ने इन सदस्यों की मदद निर्धारित समय सीमा में सर्च अभियान पूरा करने व गहनता से छानबीन करने के लिए ली है।
12 सौ लीटर मिला मिट्टी का तेल
आश्रम के अंदर 12 सौ लीटर मिट्टी का तेल भी मिला है। टीम ने अंदाजा लगाया है कि यह तेल ईंधन के लिए रखा हुआ था। आश्रम का बिजली कनेक्शन कटने के दौरान अंदर रह रहे अनुयायी इसे ईंधन के रूप में प्रयोग कर रहे थे।
सफाई के लिए लगे 36 कर्मचारी
संत को गिरफ्तार किए जाने के बाद से आश्रम में पूरी तरह से गंदगी फैली हुई है। जिला प्रशासन ने आश्रम की साफ सफाई के लिए नगर पालिक बरवाला को निर्देश दिए हैं। नप ने अपने 36 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी आश्रम में लगा दी है।
महीने भर का था आश्रम के अंदर राशन
आश्रम के अंदर करीब एक महीने का राशन भंडार था। इनमें ऐसी खाद्य सामग्री भी है जो खराब हो गई है। प्रशासन अब जल्द ही कोर्ट की अनुमति से आश्रम में मिली ऐसी खाद्य सामग्री को नष्ट करेगा जिसका खराब होने का अंदेशा है।