Rajpura News: सोलन में पेट्रोल छिड़क युवक ने खुद को लगाई आग, पिता बोले- डिप्रेशन में चल रहा था मेरा बेटा
मृतक महेश के पिता राजकुमार व माता अंजना गौडके ने बताया कि वह महाराष्ट्र से आकर राजपुरा में पिछले 35 वर्षों से रह रहे हैं, उनकी दो बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें महेश सबसे छोटा था। पिछले कुछ समय से वह परेशान रहने लगा था और उसने इंजीनियरिंग छोड़ दी और जॉब करने की बात कहता था।
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला मुख्यालय में रविवार दोपहर बाद माल रोड के पास चिल्ड्रेन पार्क के शौचालय में राजपुरा निवासी एक युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाकर आत्महत्या कर ली। पार्क में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने युवक को अंदर जाते देखा। युवक के अंदर जाते ही उसके चीखने की आवाज सुनाई दी और धुआं उठता दिखाई दिया लेकिन जब तक वह अंदर पहुंचते युवक की मौत हो चुकी थी।
ग्रीन सिटी राजपुरा निवासी महेश गौडके इंजीनियरिंग का छात्र था और सोलन के एक निजी स्कूल में जॉब करता था। मृतक के परिजनों के मुताबिक स्कूल से निकाले जाने के बाद महेश डिप्रेशन में था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरे में युवक शौचालय के अंदर पेट्रोल की बोतल ले जाते दिखाई दे रहा है।
इसके बाद पार्क और आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। शौचालय में देखा तो युवक बुरी तरह से जल गया था। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या कहते हैं मृतक युवक के माता-पिता
मृतक महेश के पिता राजकुमार व माता अंजना गौडके ने बताया कि वह महाराष्ट्र से आकर राजपुरा में पिछले 35 वर्षों से रह रहे हैं, उनकी दो बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें महेश सबसे छोटा था। पिछले कुछ समय से वह परेशान रहने लगा था और उसने इंजीनियरिंग छोड़ दी और जॉब करने की बात कहता था।
विलाप करते मृतक महेश के माता-पिता और पड़ोसी।
उन्होंने उसे बीते 16 मार्च को अपने पुश्तैनी घर महाराष्ट्र भेज दिया तो उसने ऑनलाइन देखा कि सोलन के एक स्कूल में जगह हैं। इसके बाद उसने आवेदन कर दिया। 03 जून को उसका सोलन के स्कूल में इंटरव्यू लिया गया और उसे बतौर शिक्षक चयन कर लिया गया। स्कूल वालों ने कहा कि ज्वाइनिंग हो चुकी है। 27 जून 2022 को महेश को स्कूल भेज देना।
राजकुमार ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ सोलन स्कूल में महेश को छोड़कर आ गए। करीब एक सप्ताह बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह स्कूल स्टाफ के पास छुट्टी मांगने गया तो उन्होंने उसे स्कूल से ही निकाल दिया। इससे वह डिप्रेशन में रहने लगा और रविवार दोपहर उसने आत्महत्या कर ली।
महेश की मौत के बाद उसकी माता व परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोलन अस्पताल से मृतक के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद सोमवार शाम जब राजपुरा पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। शाम साढे़ छह बजे मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सोलन के डीएसपी (मुख्यालय) और केस के आईओ संतोष शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि महेश पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रहा था। सोमवार को शव का अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों के हवाले कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।