फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Racial remarks on law student in Punjab Roadways bus chandigarh police Arunachal pradesh

लॉ स्टूडेंट पर नस्लीय टिप्पणी: पंजाब रोडवेज की बस से अपमानित कर उतारा, अरुणाचल की छात्रा ने मांगा इंसाफ

Tue, 15 Jul 2025 09:13 AM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 15 Jul 2025 09:13 AM IST
सार

अरुणाचल प्रदेश की छात्रा मोहाली के नयागांव में रहती है और चंडीगढ़ में लॉ की पढ़ाई कर रही है। इसके साथ वह ट्यूशन पढ़ाकर खुद का खर्च चलाती है।

विज्ञापन
Racial remarks on law student in Punjab Roadways bus chandigarh police Arunachal pradesh
बस ड्राइवर - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

चंडीगढ़ में अरुणाचल प्रदेश की एक लॉ (कानून) छात्रा को पंजाब रोडवेज की बस में नस्लीय भेदभाव, छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। 

विज्ञापन


छात्रा का आरोप है कि बस के चालक ने नेपाली कहकर बार-बार अपमानित किया। यही नहीं, छात्रा को जबरन बस से उतार दिया गया। इससे आहत छात्रा रोती हुई हल्लोमाजरा पुलिस चौकी पहुंची लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्रा ने अब एसएसपी कंवरदीप कौर को लिखित शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: हाईकोर्ट का फैसला: माता-पिता से गुजारा भत्ता मांग सकती है अविवाहित बालिग बेटी, फैमिली कोर्ट में जाना होगा
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10 जुलाई की शाम करीब सात बजे पीड़िता पंजाब रोडवेज की बस (पीबी 65 एए 9972) में राजपुरा से चंडीगढ़ आ रही थीं। रास्ते में ड्राइवर ने उसे बार-बार नेपाली कहकर अपमानित किया। जब छात्रा ने विरोध किया कि वह भारतीय है, अरुणाचल प्रदेश से हैं तो ड्राइवर ने बहस शुरू कर दी। 

छात्रा ने आरोप लगाया कि इस दौरान बस में सवार एक महिला और पुरुष यात्री ने भी उसके साथ धक्का देते बदसलूकी और छेड़छाड़ की कोशिश की। आरोपियों ने डराने-धमकाने की कोशिश की।

बस में रोती रही, किसी ने मदद नहीं की

छात्रा ने बताया कि वह पूरे रास्ते रोती रही, लेकिन बस में मौजूद किसी भी यात्री ने उसकी मदद नहीं की। उसे सेक्टर-43 बस स्टैंड पर उतरना था, लेकिन जबरन रास्ते में ही उतार दिया गया। बस से उतारने के बाद वह किसी तरह हल्लोमाजरा पुलिस चौकी पहुंची, जहां लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

बढ़ गया तनाव

छात्रा का कहना है कि इस घटना ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया है। वह रात-रात भर सो नहीं पा रही है। उसका इलाज भी चल रहा है। तनाव इतना बढ़ गया है कि दवाओं की डोज बढ़ा गई दी है। इस घटना का छात्रा ने वीडियो भी बना लिया था, जिसमें वह फूट-फूट कर रोती दिख रही है। उसने शिकायत के साथ बस नंबर, टिकट और मेडिकल दस्तावेज भी लगाए हैं।

तीन दिन तक भटकती रही पीड़िता

पीड़िता ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को जब वह सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय शिकायत लेकर पहुंची तो पुलिसकर्मी टालमटोल करते रहे। उसे कहा गया कि यहां लिखित शिकायत ली जाती है। शनिवार को जब पीड़िता लिखित शिकायत लेकर फिर मुख्यालय पहुंची तो कहा पब्लिक विंडो बंद है। पुलिसकर्मियों ने ऑनलाइन शिकायत देने की सलाह दी, लेकिन किसी ने ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी। इसके बाद वहां से जाने के लिए कहा। बाद में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई।

मुख्यालय के गेट पर बैठे पुलिसकर्मी पर बदसलूकी का आरोप

मुख्यालय के बाहर दो अन्य शिकायतकर्ता कांसल निवासी प्रवेश और मानसा निवासी गुरदीप ने भी पुलिस मुख्यालय के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें वहां से भगा दिया।

पीड़िता की एसएसपी से अपील

पीड़ित छात्रा ने एसएसपी को दी शिकायत में कहा है कि यह मामला न केवल नस्लीय भेदभाव बल्कि क्षेत्रीय असहिष्णुता और महिलाओं के सम्मान पर प्रहार है। ऐसी घटनाएं पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा को चुनौती देती हैं। उसने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए कर उसे न्याय दिलाया जाए।

शनिवार को पब्लिक विंडो खुली होती है, शिकायत ली जानी चाहिए थी। जांच करवाई जाएगी कि आखिर युवती की शिकायत क्यों नहीं ली गई। युवती की शिकायत पर हल्लोमाजरा चौकी पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की, यह भी जांच की जाएगी। -कंवरदीप कौर, एसएसपी, चंडीगढ़

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed