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पंजाब पुलिस की नई तबादला नीति को सीएम की मंजूरी, अब इन नियमों के आधार पर होंगे ट्रांसफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Jul 2018 09:35 AM IST
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अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब पुलिस के कामकाज में पारदर्शिता लाने और निचले रैंक के कर्मचारियों की कथित सांठगांठ को तोड़ने के लिए नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब एक ही पुलिस थाने में एसएचओ, मुंशी की तैनाती अधिकतम तीन साल तक और कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल की तैनाती पांच साल तक ही हो सकेगी। इससे पहले इनकी तैनाती की कोई मियाद तय नहीं थी।
पुलिस की नई तबादला नीति के तहत किसी पुलिस थाने का एसएचओ, इंचार्ज अपनी होम सब-डिविजन में तैनात नहीं किया जाएगा। नई नीति में जरूरी बदलाव 25 जुलाई, 2018 तक मुकम्मल करने को कहा गया है। विशेष मामलों में नीति में छूट देने के लिए डीजीपी के पास शक्ति होगी जोकि संबंधित कमिश्नर ऑफ पुलिस/एसएसपी की लिखित विनती पर दी जा सकेगी।
नई तबादला नीति में यह की गई है व्यवस्था
- आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद कोई भी पुलिसकर्मी उस जिले में तैनात नहीं रहेगा। रेंज के आईजी/डीआईजी तुरंत उसे रेंज के किसी अन्य जिले में तैनात करेंगे।
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- किसी पुलिस थाने के एसएचओ इंचार्ज की न्यूनतम तैनाती की मियाद एक साल होगी, जो लिखित रिकार्ड (पंजाब पुलिस एक्ट 2007 की धारा 15.1) में कारण बताने पर संबंधित एसएसपी/सीपी द्वारा तीन साल तक बढ़ाई जा सकेगी।
- जहां एसएचओ के लिए सब-इंस्पेक्टर के पद की तैनाती की मंजूरी दी गई है, वहां रेगुलर सब-इंस्पेक्टर से कम रैंक का अधिकारी एसएचओ तैनात नहीं होगा।
- जहां एसएचओ के लिए इंस्पेक्टर का पद स्वीकृत है, वहां रेगुलर इंस्पेक्टर के रैंक से नीचे के अधिकारी को एसएचओ नहीं लगाया जाएगा।
- एमएचसी/एएमएचसी (मुंशी /अतिरिक्त मुंशी) की तैनाती की मियाद एक पुलिस थाने में तीन साल होगी। उसके बाद अन्य पद के लिए उसका तबादला किया जाएगा। इसका कुल समय छुट्टी आदि को निकाल कर गिना जाएगा।
- सीआईए इंचार्ज और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज की मियाद हालांकि एक साल होगी, जिसमें संबंधित पीसी/एसएसपी की तरफ से अधिकतम तीन साल तक विस्तार किया जा सकेगा।
- एक पुलिस थाने में तैनात अतिरिक्त रैंक (अपर सबॉर्डिनेट) की मियाद तीन साल होगी, जिसमें संबंधित एसएसपी /कमिशनर ऑफ पुलिस की तरफ से पांच साल तक (पंजाब पुलिस नियम 14.15(3)) तक बढ़ोतरी की जा सकेगी।
- निचले रैंक के (कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल) की तैनाती एक पुलिस थाने में तीन साल होगी (पंजाब पुलिस नियम 14.16)। इसे बढ़ाकर पांच साल किया जा सकता है।
- जिन इंस्पेक्टरों, सब -इंस्पेक्टरों और सहायक सब -इंस्पेक्टरों (अपर सबॉर्डिनेट) ने एक जिले में इंस्पेक्टर, सब -इंस्पेक्टर और एएसआई के तौर पर आठ साल मुकम्मल कर लिए हैं, उनका रेंज में ही अन्य जिले में रेंज के आईजी/डीआईजी की तरफ से तबादला किया जाएगा।
- जिन इंस्पेक्टरों, सब-इंस्पेक्टरों और एएसआई (अपर सबॉर्डिनेट) ने एक रेंज में इंस्पेक्टरों, सब -इंस्पेक्टरों और एएसआई के तौर पर 12 साल मुकम्मल कर लिए हैं, उनको रेंज के आईजी/डीआईजी की रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद सीपीओ द्वारा अन्य रेंज में बदला जाएगा।
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पुलिस की नई तबादला नीति के तहत किसी पुलिस थाने का एसएचओ, इंचार्ज अपनी होम सब-डिविजन में तैनात नहीं किया जाएगा। नई नीति में जरूरी बदलाव 25 जुलाई, 2018 तक मुकम्मल करने को कहा गया है। विशेष मामलों में नीति में छूट देने के लिए डीजीपी के पास शक्ति होगी जोकि संबंधित कमिश्नर ऑफ पुलिस/एसएसपी की लिखित विनती पर दी जा सकेगी।
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नई तबादला नीति में यह की गई है व्यवस्था
- आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद कोई भी पुलिसकर्मी उस जिले में तैनात नहीं रहेगा। रेंज के आईजी/डीआईजी तुरंत उसे रेंज के किसी अन्य जिले में तैनात करेंगे।
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- किसी पुलिस थाने के एसएचओ इंचार्ज की न्यूनतम तैनाती की मियाद एक साल होगी, जो लिखित रिकार्ड (पंजाब पुलिस एक्ट 2007 की धारा 15.1) में कारण बताने पर संबंधित एसएसपी/सीपी द्वारा तीन साल तक बढ़ाई जा सकेगी।
- जहां एसएचओ के लिए सब-इंस्पेक्टर के पद की तैनाती की मंजूरी दी गई है, वहां रेगुलर सब-इंस्पेक्टर से कम रैंक का अधिकारी एसएचओ तैनात नहीं होगा।
- जहां एसएचओ के लिए इंस्पेक्टर का पद स्वीकृत है, वहां रेगुलर इंस्पेक्टर के रैंक से नीचे के अधिकारी को एसएचओ नहीं लगाया जाएगा।
- एमएचसी/एएमएचसी (मुंशी /अतिरिक्त मुंशी) की तैनाती की मियाद एक पुलिस थाने में तीन साल होगी। उसके बाद अन्य पद के लिए उसका तबादला किया जाएगा। इसका कुल समय छुट्टी आदि को निकाल कर गिना जाएगा।
- सीआईए इंचार्ज और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज की मियाद हालांकि एक साल होगी, जिसमें संबंधित पीसी/एसएसपी की तरफ से अधिकतम तीन साल तक विस्तार किया जा सकेगा।
- एक पुलिस थाने में तैनात अतिरिक्त रैंक (अपर सबॉर्डिनेट) की मियाद तीन साल होगी, जिसमें संबंधित एसएसपी /कमिशनर ऑफ पुलिस की तरफ से पांच साल तक (पंजाब पुलिस नियम 14.15(3)) तक बढ़ोतरी की जा सकेगी।
- निचले रैंक के (कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल) की तैनाती एक पुलिस थाने में तीन साल होगी (पंजाब पुलिस नियम 14.16)। इसे बढ़ाकर पांच साल किया जा सकता है।
- जिन इंस्पेक्टरों, सब -इंस्पेक्टरों और सहायक सब -इंस्पेक्टरों (अपर सबॉर्डिनेट) ने एक जिले में इंस्पेक्टर, सब -इंस्पेक्टर और एएसआई के तौर पर आठ साल मुकम्मल कर लिए हैं, उनका रेंज में ही अन्य जिले में रेंज के आईजी/डीआईजी की तरफ से तबादला किया जाएगा।
- जिन इंस्पेक्टरों, सब-इंस्पेक्टरों और एएसआई (अपर सबॉर्डिनेट) ने एक रेंज में इंस्पेक्टरों, सब -इंस्पेक्टरों और एएसआई के तौर पर 12 साल मुकम्मल कर लिए हैं, उनको रेंज के आईजी/डीआईजी की रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद सीपीओ द्वारा अन्य रेंज में बदला जाएगा।