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सीरियल किलर: 7 लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर गलत काम कराया, फिर मार डाला
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
Updated Sun, 07 Jan 2018 09:30 AM IST
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सात को मौत के घाट उतारने वाला सीरियल किलर गिरफ्तार
नाजायज संबंधों में साल 1995 से अब तक सात कत्ल करने वाला सीरियल किलर ऐश और आराम की जिंदगी जीने के लिए लड़कियों से गलत काम करवाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले महिलाओं को प्रेम के जाल में फंसाता था और फिर उनसे धंधा करवाकर पैसा बनाता था। अगर कोई बीच में आता, तो उसे मार देता।
पुलिस के मुताबिक सीरियल किलर जगरूप सिंह (45) निवासी बदोवाल ने लुधियाना में लड़कियों से गलत काम करवाने का कारोबार जमा रखा था। लोगों को दिखाने के लिए वह ऑटो ड्राइवरी भी करता था। 1995 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं चली। जब पत्नी को जगरूप सिंह के गलत कामों के बारे में पता चला तो वह उसे छोड़कर चली गई। एसपी (डी) हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि वह दो कत्ल के केसों में 4-5 साल तक जेल में भी रहा है।
इन केसों के बारे में फिलहाल जानकारी जुटाई जा रही है। एसपी (डी) ने कहा कि आरोपी का दावा है कि वह इन केसों से रिहा हो चुका है, लेकिन अभी इसका भी पता किया जा रहा है। आरोपी सीरियल किलर का भाई आस्ट्रेलिया में टैक्सी चालक है। मां भी वहीं रहती है और उसके पिता की मौत हो चुकी है।
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निर्ममता से करता था कत्ल
पुलिस के मुताबिक सभी हत्याएं आरोपी ने बड़ी निर्ममता के साथ की है। पटियाला के टैगोर सिनेमा के पीछे उसने रजिंदर कुमार का चेहरा तो ईंट मारकर बिगाड़ दिया था। इसके बाद उसने उसका कत्ल कर दिया। लुधियाना में भी उसने अपनी एक प्रेमिका के पति नंद लाल का कत्ल भी ईंट मार-मारकर किया था। एसएसटी नगर में अनिल का कत्ल उसने अपनी एक अन्य प्रेमिका के कहने पर किया था। उसे भी तलवारों के साथ काट दिया था। फिर खून से लथपथ लाश को अटैची में डाल फेंक दिया था। इस हत्या ने पूरे शहर में दहशत पैदा कर दी थी।
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पुलिस के मुताबिक सीरियल किलर जगरूप सिंह (45) निवासी बदोवाल ने लुधियाना में लड़कियों से गलत काम करवाने का कारोबार जमा रखा था। लोगों को दिखाने के लिए वह ऑटो ड्राइवरी भी करता था। 1995 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं चली। जब पत्नी को जगरूप सिंह के गलत कामों के बारे में पता चला तो वह उसे छोड़कर चली गई। एसपी (डी) हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि वह दो कत्ल के केसों में 4-5 साल तक जेल में भी रहा है।
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इन केसों के बारे में फिलहाल जानकारी जुटाई जा रही है। एसपी (डी) ने कहा कि आरोपी का दावा है कि वह इन केसों से रिहा हो चुका है, लेकिन अभी इसका भी पता किया जा रहा है। आरोपी सीरियल किलर का भाई आस्ट्रेलिया में टैक्सी चालक है। मां भी वहीं रहती है और उसके पिता की मौत हो चुकी है।
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निर्ममता से करता था कत्ल
पुलिस के मुताबिक सभी हत्याएं आरोपी ने बड़ी निर्ममता के साथ की है। पटियाला के टैगोर सिनेमा के पीछे उसने रजिंदर कुमार का चेहरा तो ईंट मारकर बिगाड़ दिया था। इसके बाद उसने उसका कत्ल कर दिया। लुधियाना में भी उसने अपनी एक प्रेमिका के पति नंद लाल का कत्ल भी ईंट मार-मारकर किया था। एसएसटी नगर में अनिल का कत्ल उसने अपनी एक अन्य प्रेमिका के कहने पर किया था। उसे भी तलवारों के साथ काट दिया था। फिर खून से लथपथ लाश को अटैची में डाल फेंक दिया था। इस हत्या ने पूरे शहर में दहशत पैदा कर दी थी।
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ऐसे सीरियल किलर तक पहुंची पुुलिस
सात को मौत के घाट उतारने वाला सीरियल किलर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
कई ब्लाइंड मर्डर केस हुए हल
जगरूप के पकड़े जाने से कई ब्लाइंड मर्डर केस जो पुलिस थानों की फाइलों में बंद हो चुके थे, वह हल हो गए हैं। इनमें से पटियाला में साल 2015 में हुए युवक अनिल का मर्डर केस है। उसकी लाश पुलिस को अटैची में विकास कॉलोनी में मिली थी। अब तक यह केस हल नहीं हो सका था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना था। बाकी जितने भी कत्ल जगरूप ने माने, वह सब अब तक ब्लाइंड मर्डर केस ही थे।
मृतक की जेब से मिले विजिटिंग कार्ड से सीरियल किलर तक पहुंची पुुलिस
पटियाला में टैगोर सिनेमा के पीछे जिस युवक का कत्ल सीरियल किलर जगरूप सिंह ने किया था, उस की जेब से एक कांट्रैक्टर के मिले विजिटिंग कार्ड के जरिये पुलिस आरोपी जगरूप तक पहुंची। दरअसल यह कांट्रैक्टर आरोपी जगरूप की प्रेमिका का किरायेदार था। उससे की बात में पुलिस को पता लगा कि कत्ल किया गया युवक रजिंदर कुमार भी उसकी प्रेमिका पर गलत नजर रखता था। जब पुलिस ने महिला से पूछताछ की, तो उन्हें पता लगा कि उसका पति काफी समय से लापता है।
महिला का पति सिंचाई विभाग में सरकारी मुलाजिम था। जिस पर पुलिस को और गहरा शक हो गया और लगा कि यह सारा मामला संदिग्ध है। गहनता से जांच करने पर पुलिस को जगरूप सिंह के बारे में पता लगा। पता लगा कि जगरूप सिंह के महिला से नाजायज संबंध है। इसके बाद जब महिला को राउंड अप कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सब सच उगल दिया।
डीएसपी सौरभ जिंदल ने बताया कि जगरूप सिंह की गिरफ्तारी के लिए पटियाला पुलिस ने लुधियाना में उसके घर रेड की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस का दबाव लगातार जगरूप पर बन रहा था। इससे चार जनवरी को जगरूप सिंह ने एक व्यक्ति के जरिये सिविल लाइन थाने में आकर खुद को सरेंडर कर दिया। डीएसपी सौरभ जिंदल के मुताबिक जगरूप सिंह महिलाओं के साथ संबंध बनाने के लिए उतावला रहता था।
जगरूप के पकड़े जाने से कई ब्लाइंड मर्डर केस जो पुलिस थानों की फाइलों में बंद हो चुके थे, वह हल हो गए हैं। इनमें से पटियाला में साल 2015 में हुए युवक अनिल का मर्डर केस है। उसकी लाश पुलिस को अटैची में विकास कॉलोनी में मिली थी। अब तक यह केस हल नहीं हो सका था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना था। बाकी जितने भी कत्ल जगरूप ने माने, वह सब अब तक ब्लाइंड मर्डर केस ही थे।
मृतक की जेब से मिले विजिटिंग कार्ड से सीरियल किलर तक पहुंची पुुलिस
पटियाला में टैगोर सिनेमा के पीछे जिस युवक का कत्ल सीरियल किलर जगरूप सिंह ने किया था, उस की जेब से एक कांट्रैक्टर के मिले विजिटिंग कार्ड के जरिये पुलिस आरोपी जगरूप तक पहुंची। दरअसल यह कांट्रैक्टर आरोपी जगरूप की प्रेमिका का किरायेदार था। उससे की बात में पुलिस को पता लगा कि कत्ल किया गया युवक रजिंदर कुमार भी उसकी प्रेमिका पर गलत नजर रखता था। जब पुलिस ने महिला से पूछताछ की, तो उन्हें पता लगा कि उसका पति काफी समय से लापता है।
महिला का पति सिंचाई विभाग में सरकारी मुलाजिम था। जिस पर पुलिस को और गहरा शक हो गया और लगा कि यह सारा मामला संदिग्ध है। गहनता से जांच करने पर पुलिस को जगरूप सिंह के बारे में पता लगा। पता लगा कि जगरूप सिंह के महिला से नाजायज संबंध है। इसके बाद जब महिला को राउंड अप कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सब सच उगल दिया।
डीएसपी सौरभ जिंदल ने बताया कि जगरूप सिंह की गिरफ्तारी के लिए पटियाला पुलिस ने लुधियाना में उसके घर रेड की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस का दबाव लगातार जगरूप पर बन रहा था। इससे चार जनवरी को जगरूप सिंह ने एक व्यक्ति के जरिये सिविल लाइन थाने में आकर खुद को सरेंडर कर दिया। डीएसपी सौरभ जिंदल के मुताबिक जगरूप सिंह महिलाओं के साथ संबंध बनाने के लिए उतावला रहता था।