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रामपाल का 'श्राप', पुलिस का होगा खजाना साफ

Thu, 19 Feb 2015 08:32 AM IST
राजेश सैनी/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
राजेश सैनी/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Thu, 19 Feb 2015 08:32 AM IST
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police expense 48 million to give invoice copy to accused rampal

देशद्रोह मामले में फंसे रामपाल व उनके अनुयायियों को दोषी साबित करने में पुलिस का खजाना खाली हो जाएगा। पहले 19 करोड़ रुपये रामपाल को पकड़ने में खर्च किए गए थे। अब रामपाल के केस में 51 सौ पेज का चालान 939 अभियुक्तों को देने में भी पुलिस के लाखों रुपये खर्च हो जाएंगे।

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पहले से ही स्टेशनरी की कमी से जूझ रहे विभाग के लिए हर अभियुक्त को चालान की कॉपी देना भी बड़ी मुसीबत बनेगा। नियमानुसार किसी भी मामले में जितने अभियुक्तों के खिलाफ केस दर्ज होता है, उन सभी को चालान की कॉपी पुलिस को फ्री ऑफ कॉस्ट देनी होती है। इसमें पूरा मामला होता है और फर्द इंसाफ जांच की गई रिपोर्ट सहित कई तरह के अहम दस्तावेज होते हैं।
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कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर इस मामले में जितने कम एडवोकेट केस लड़ेंगे अथवा एक साथ केस की एक वकील की पैरवी करने की दशा में पुलिस को कम खर्च करना पड़ सकता है। हालांकि नियम के हिसाब से यह गलत है मगर यह पुलिस व अभियुक्तों के बीच आपसी सहमति होगी।
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एडवोकेट विक्रम मित्तल ने बताया है कि नियम के हिसाब से इस मामले में भी 939 लोगों को भी इनती ही कॉपी उपलब्ध करवानी होगी। अब इस मामले में पुलिस कैसे एडजेस्ट करती है, यह विभाग पर निर्भर करेगा।

शिकायत लिखने तक चौकी थानों में नहीं कागज

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पुलिस विभाग पहले ही स्टेशनरी की कमी से जूझ रहा है। यदि कोई शिकायतकर्ता थाने या चौकी में रिपोर्ट दर्ज करवाने जाता है तो उन्हें खुद खरीदकर कागज लाना पड़ता है। थानों में बैठे चाय वाले या बाहर खुली स्टेशनरी की दुकानें अपना धंधा जमाए हुए हैं। ऐसे में पुलिस चालान की फोटो कॉपी के लिए इतना बड़ा बजट कहां से लाएगी, यह समय ही बताएगा।
 
रामपाल केस की पैरवी कर रहे एडवोकेट महेंद्र नैन ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने 16 से 18 फरवरी तक 939 अभियुक्तों को प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। पुलिस ने इस दौरान कुछ अभियुक्तों पर दबाव बनाकर चालान की सीडी दे दी और उनसे हस्ताक्षर भी करवा लिए। उन्होंने कहा कि सीडी दिया जाना गलत है। जो पुलिस ने गवाह बनाए है अगर वह कोर्ट में गवाही के दौरान बयान बदलता है तो पैरवी कर रहे वकील उसे सीडी से कैसे देखेंगे।

एडवोकेट महेंद्र नैन ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 207 के तहत हर अभियुक्त को चालान की कॉपी मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने जेएमआइसी की कोर्ट में एप्लीकेशन लगाई थी। बृहस्पतिवार को इसकी तारीख लगी है।

रामपाल मामले में पुलिस ने जिन 939 लोगों को अभियुक्त बनाया है उनका केस दो वकील लड़ेंगे। कोर्ट में दोनों वकीलों का वकालतनामा भी पेश किया जा चुका है।

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