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सिक्योरिटी गार्ड बन खड़ा हो जाता ATM के बाहर, ऐसे बनाता था लोगों को बेवकूफ
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Fri, 05 Jan 2018 09:48 AM IST
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एटीएम से पैसे निकालते लोग
- फोटो : File Photo
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मामला पंजाब के लुधियाना का है, जहां एटीएम कैबिन के बाहर सिक्योरिटी गार्ड बन खड़े होकर लोगों के एटीएम कार्ड बदल कर पैसे निकलवाने वाले एक आरोपी को थाना डाबा की पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी को इलाके में ही नाकाबंदी के दौरान गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुछ एटीएम और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में गुरपाल नगर डाबा रोड के रहने वाले अभिषेक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी अभिषेक से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी एटीएम मशीन के बाहर सिक्योरिटी गार्ड बन कर खड़ा हो जाता था। वहां आने वाले भोले भाले लोगों के एटीएम कार्ड चोरी से बदल देता था और पैसे निकलवा लेता था। पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ज्यादातर उन एटीएम केबिन की तलाश में रहता, जहां मशीन में कैश नहीं रहता था और सिक्योरिटी गार्ड भी नहीं होता था।
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पुलिस ने आरोपी को इलाके में ही नाकाबंदी के दौरान गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुछ एटीएम और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में गुरपाल नगर डाबा रोड के रहने वाले अभिषेक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी अभिषेक से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
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पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी एटीएम मशीन के बाहर सिक्योरिटी गार्ड बन कर खड़ा हो जाता था। वहां आने वाले भोले भाले लोगों के एटीएम कार्ड चोरी से बदल देता था और पैसे निकलवा लेता था। पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ज्यादातर उन एटीएम केबिन की तलाश में रहता, जहां मशीन में कैश नहीं रहता था और सिक्योरिटी गार्ड भी नहीं होता था।
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गार्ड का ढोंग कर खड़ा रहता था आरोपी
वह वहां पर सिक्योरिटी गार्ड बनकर खड़ा हो जाता। जब कोई व्यक्ति वहां आकर पैसे निकालने के लिए एटीएम कार्ड का प्रयोग करता, तो कैश नहीं निकलता। आरोपी को सिक्योरिटी गार्ड समझकर वह उससे बात करता।
बस, यहीं से आरोपी का खेल शुरू हो जाता। वह उस व्यक्ति से चालाकी से एटीएम कार्ड और उसका पिन ले लेता, फिर ऑपरेट करने के बहाने अपने एटीएम कार्ड से बदल देता। उस व्यक्ति के जाने के बाद वह किसी दूसरे एटीएम केबिन पर जाकर पैसे निकाल लेता।
इतनी चालाकी से वारदात को अंजाम देता था। कि किसी को शक नहीं होता था। कुछ देर बाद जब खाता धारक के मोबाइल पर कैश डेबिट होने का मैसेज आता और वह बैंक में बात करता। तब उसे पता चलता कि जो एटीएम उसके पास है, वह फर्जी है।
बस, यहीं से आरोपी का खेल शुरू हो जाता। वह उस व्यक्ति से चालाकी से एटीएम कार्ड और उसका पिन ले लेता, फिर ऑपरेट करने के बहाने अपने एटीएम कार्ड से बदल देता। उस व्यक्ति के जाने के बाद वह किसी दूसरे एटीएम केबिन पर जाकर पैसे निकाल लेता।
इतनी चालाकी से वारदात को अंजाम देता था। कि किसी को शक नहीं होता था। कुछ देर बाद जब खाता धारक के मोबाइल पर कैश डेबिट होने का मैसेज आता और वह बैंक में बात करता। तब उसे पता चलता कि जो एटीएम उसके पास है, वह फर्जी है।