कांस्टेबल को गोली मारने वाले गैंगस्टर को पुलिस ने धर दबोचा, लूटपाट में भी था शामिल
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डीएमसी के बाहर ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल को गोली मारने वाले गैंगस्टर रोहित कुब्बा और उसके साथी रणबीर सिंह राणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को पुलिस ने ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) से दबोचा है। आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का पिस्तौल भी बरामद किया गया है। इसे आरोपियों ने मुलाजिम को गोली मारने और अगले दिन एमेजॉन के मुलाजिमों को मार कर लूट की वारदात में इस्तेमाल किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया।
यहां से दोनों को रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी हुई है। पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि कि दोनों वारदातें करने के बाद से ही पुलिस की टीमें लगातार रोहित कुब्बा की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में पता चल रहा था। पुलिस की टीमें वहां पहुंच रही थी। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ऊधमसिंह नगर में हैं। पुलिस ने वहां की पुलिस से संपर्क किया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
लुधियाना में ही रहा था कुब्बा
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गैंगस्टर रोहित कुब्बा अपने दोस्त रणधीर राणा के साथ डीएमसी आया था। राणा अंदर किसी काम से गया था तो मुलाजिम दविंदर सिंह ने उसे रोक लिया। इसी दौरान उसने गोली चला दी और फरार हो गया। जब राणा को पता चला तो वह भी फरार हो गया। दोनों राहों रोड इलाके में पहुंचे। वहां पर रोहित कुब्बा ने पहले शेव करवाई और उसके बाद लुधियाना में ही रहा।
अगले दिन उसने एमेजॉन के मुलाजिमों से लूट की। दोनों मुलाजिमों को गोली रोहित कुब्बा ने ही मारी थी। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद कुब्बा और राणा पंजाब से फरार हो गए। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वारदातों को अंजाम देने के लिए आरोपी यूपी से हथियार लाया था।
लूट के मामले में भी था वांछित
गैंगस्टर रोहित कुब्बा के खिलाफ जम्मू में मामला दर्ज हुआ था। वह दो से ढाई साल तक जेल में रहा। वहां से जमानत मिलने के बाद वह दोबारा पेशी पर नहीं गया। उसके बाद आरोपी ने 2017 में पिंडी स्ट्रीट में एक व्यापारी से 15 लाख रुपये लूट लिए। इस दौरान आरोपी राणा भी उसके साथ था। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
लूट के मामले में आरोपी को भगोड़ा करार दिया गया था। उसके अलावा आरोपी ने बस्ती जोधेवाल इलाके में एक युवक के साथ मारपीट की। उक्त युवक की बाद में मौत हो गई थी। इस मामले में भी हत्या के प्रयास का केस हत्या में तब्दील हो गया था। जब पुलिस मुलाजिम ने डीएमसी के बाहर आरोपी को काबू किया तो वह डर गया।
लूट के लिए गिरोह को चाहिए था हथियार वाला व्यक्ति
पुलिस पूछताछ में पता चला कि एमेजॉन में काम करने वाले मुलाजिम ने ही वहां के कैश ले जाने वाले मुलाजिमों से लूट की योजना बनाई थी। लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए एक हथियार वाला व्यक्ति चाहिए थे। इसी दौरान गिरोह के ही एक सदस्य ने आरोपी कुब्बा से मुलाकात कराई और आरोपियों ने कुब्बा को शामिल कर लिया। कुब्बा ने ही दोनों मुलाजिमों को गोली मारी थी।