बैंक मैनेजर के सुसाइड केस में अहम खुलासा
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पीएनबी के उनका खुद का टारगेट पूरा नहीं हो पाया था। जून की परफार्मेंस रिपोर्ट मार्च महीने से भी नीचे थी। उन पर भी अपने टारगेट पूरा करने का दबाव था। गुप्ता के दायरे में चंडीगढ़, अंबाला, पंचकूला के ब्रांचे आती थीं। वे अपनी फ्रस्ट्रेशन सहगल पर निकाल रहे थे, जबकि सहगल टारगेट के करीब थे।
बैंक के अधिकारियों ने बताया कि एक दो ब्रांच को छोड़कर लगभग सभी के टारगेट अधूरे थे। हर कोई अपनी तरह से प्रयास कर रहा था। पहले भी टारगेट अधूरे रहते थे, लेकिन जलील करने का ट्रेंड एके व जेके गुप्ता के आने के बाद से शुरू हुआ था। पीएनबी में हर तीन महीने के बाद ब्रांच के परफार्मेंस की समीक्षा होती है।
जिस बैठक में सहगल को जलील किया गया था, उसमें अप्रैल, मई और जून के टारगेट की समीक्षा की जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि एके और जेके गुप्ता ने कुछ इस तरह का माहौल बना दिया था कि कोई भी ब्रांच मैनेजर उनके अभद्र व्यवहार का जवाब नहीं दे पाता था।
एक जुलाई को गुप्ता के खिलाफ निकाला था सरकुलर
एके गुप्ता के बार-बार अभद्र व्यवहार से तंग आकर बैंक अधिकारी उनके खिलाफ लामबंद होने लगे थे। जिस दिन सहगल ने सुसाइड किया, ठीक एक दिन पहले गुप्ता के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक आफिसर्स ने सरकुलर निकाल कर उनकी निंदा की थी।
उनके खिलाफ आंदोनल शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन अगले दिन ही यह घटना हो गई थी। इसके अलावा उनके खिलाफ कई बार अधिकारियों ने आफिसर फेडरेशन में शिकायत भी दी थी कि वे अपने साथियों के साथ ठीक ढंग से पेश नहीं आते।
कस्टमर भी गवाही देने के लिए तैयार
सहगल की आत्महत्या के बाद से बैंक की पंचकूला की सेक्टर-20 स्थित शाखा के कस्टमर सकते में हैं। बैंक के कस्टमर ने बताया कि उनका व्यवहार देखकर कस्टमर खुद ही अपने स्तर पर निवेश और खाता खुलवाने की पहल करते थे। यदि जरूरत पड़ी तो वे अदालत व बैंक अधिकारियों के सामने गवाही देने में गुरेज नहीं करेंगे। एक साल पहले ही उन्होंने बैंक का चार्ज लिया था।
घर से भी गायब हैं जेके गुप्ता
पंजाब नेशनल बैंक के फील्ड जरनल मैनेजर जेके गुप्ता बुधवार से ही घर नहीं लौटे हैं। वे सेक्टर-2 स्थित पीएनबी हाउस में अपनी पत्नी के साथ रहे थे। शनिवार को हाउस में कुक और केयर टेकर ही मिले।
कर्मचारियों का कहना था कि जेके गुप्ता की पत्नी पंजाब में कहीं स्कूल टीचर है और बुधवार से वह भी घर नहीं आई हैं। उनके दो बेटे हैं और दोनों ही शहर से बाहर नौकरी करते हैं।
दोनों बेटे भी अक्सर यहां आते रहते थे। वहीं पीएनबी के सर्कल हेड एके गुप्ता भी पुलिस गिरफ्त से बाहर ही हैं और उनकी भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं हैं।
सहगल की जेब से पुलिस को मिले ताबीज
पीएनबी के चीफ मैनेजर अजय सहगल की जेब से पुलिस को पर्स मिला था जोकि लेडीज पर्स जैसा था। उस पर्स में दो ताबीज मिले। सहगल ने गले में सोने और चांदी की चेन डाली हुई थी।
सोने की चेन में भी तीन लॉकेट थे, जिनमें से एक ताबीज ही मालूम पड़ रहा था। जीआरपी थाना प्रभारी अमन सिंह के मुताबिक उन्होंने ताबीज के बारे में सहगल के परिवार को बताया था। परिवार का कहना था कि सहगल इन चीजों में विश्वास नहीं रखते थे।
पंचकूला पुलिस को ट्रांसफर हो सकता है केस
इस समय मामले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस(जीआरपी) कर रही है। सूत्रों का कहना है कि ये मामला पंचकूला पुलिस को ट्रांसफर किया जा सकता है।
इस बारे में पंचकूला पुलिस के उच्चाधिकारियों में बातचीत चल रही है। बीते वीरवार को तो डीएसपी पंखुड़ी कुमार ने भी जीआरपी थाने में आकर मामले के बारे में पूछताछ की थी।
सोमवार को भेजेंगे नोटिस
मामले को लेकर जीआरपी ढील बरत रही है। बैंक के दोनों आरोपी अधिकारियों की तलाश शुरू नहीं हो सकी है। घटना को बीते चार दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
अब जीआरपी सोमवार को दोनों आरोपी अधिकारियों के नाम से बैंक को नोटिस जारी करेगी और दोनों को पुलिस तफ्तीश में शामिल करने को कहा जाएगा।
एके और जेके की टूटी जोड़ी, दोनों के ट्रांसफर
पटना से चली आ रही एके और जेके गुप्ता की ड्यूटी आखिर शनिवार को टूट गई। शनिवार देर शाम उनके ट्रांसफर के आर्डर आ गए। जेके गुप्ता को दिल्ली हेड आफिस में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि एके गुप्ता को लखनऊ ट्रांसफर कर दिया गया है।
तबादला नहीं सस्पेंड किया जाए
ट्रांसफर से लोकल बैंक अधिकारी खुश नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही अधिकारियों को संस्पेंड करना चाहिए था।
हालांकि बैंक के सीएमडी ने आल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक आफिसर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी को दिलीप साहा को आश्वासन दिया है कि आरोपियों बैंक अधिकारियों के खिलाफ जो भी कार्रवाई बनेगी, उनके खिलाफ जरूर की जाएगी।
ट्रांसफर आर्डर आने के बाद फिलहाल सोमवार को होने वाले प्रदर्शन को रोक दिया गया है। आरोपी अधिकारियों के खिलाफ सोमवार को बैंक अधिकारी प्रदर्शन करने वाले थे।
दिल्ली से आए बैंक अधिकारी, रिपोर्ट सौंपी
दिल्ली से पीएनबी के एचआरडी के जनरल मैनेजर बीपी राय को यहां के हालात जानने के लिए शनिवार को चंडीगढ़ भेजा गया। उन्होंने बैंक के सभी वरिष्ठ अधिकारियों व सहगल के साथी कर्मचारियों से बातचीत की।
इस दौरान उन्हें काफी नकारात्मक तथ्य मिले हैं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट दिल्ली स्थित दफ्तर को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि उनकी रिपोर्ट के बाद ही ट्रांसफर आर्डर रिलीज किए गए थे।
बढ़ रहा है एनपीए का दबाव
बैंक अधिकारियों ने बताया कि उनके ऊपर नॉन परफार्मर एसेट (एनपीए) का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसमें सबसे खराब परफार्मेंस एग्रीकल्चर लोन की है। किसानों को लोन दे तो दिया जा रहा है, लेकिन वसूली के नाम पर जीरो हो रहा है।
दूसरी तरफ जिला प्रशासन की ओर से बैंक पर लोन देने का दबाव बनाया जा रहा है। कुछ बैंक अधिकारियों ने बताया कि इस वक्त सभी सर्कल हेड ब्रांच मैनेजरों के साथ बदतमीजी से बात कर रहे हैं।