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पीजीआई के डॉक्टर ने फांसी लगाकर की सुसाइड, 6 दिन बाद जन्मदिन था और बहन की शादी भी
Fri, 14 Jun 2019 03:12 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 14 Jun 2019 03:12 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पीजीआई में पीजी अंतिम वर्ष के छात्र ने फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। छह दिन बाद उसका जन्मदिन था और घर में बहन की शादी भी है। सुसाइड करने की वजह भी बहन की शादी के लिए छुट्टी न मिलना बताया जा रहा है। बहन की शादी के लिए छुट्टी नहीं देने और थीसिस जमा कराने को लेकर अपने एचओडी से परेशान छात्र ने हॉस्टल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही जमा हुए डॉक्टरों ने अधिकारियों के खिलाफ हंगामा किया और उसके बाद हड़ताल पर चले गए। यही नहीं एचओडी के आवास पर पहुंचकर तोड़फोड़ और मारपीट भी की। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
कर्नाटक के हुबली में चेतना कॉलोनी के फेस 2 निवासी डॉ. ओंकार पीजीआई के बाल रोग विभाग में 2017 बैच से पढ़ रहा था। उसकी बहन की शादी थी। इसके लिए वह एचओडी से लगातार छुट्टी मांग रहा था, लेकिन उसकी छुट्टी मंजूर नहीं हो पाई। यही नहीं उसे थीसिस की फाइल भी जमा करानी थी।
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इसको लेकर भी वह कई दिन से टेंशन में था। जब बर्दाश्त से बाहर हो गया तो डॉ. ओंकार ने पीजी हॉस्टल नंबर 33 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले का पता चलते ही रेजिडेंट डॉक्टर मौके पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। एचओडी पर जानबूझकर छुट्टी न देने का आरोप लगाया। कुछ डॉक्टरों ने कहा कि ओंकार अपनी बहन के लिए शादी का जोड़ा लाया था। घर नहीं जा पाने के कारण उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस और विभागीय अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
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घटना की सूचना मिलते ही जमा हुए डॉक्टरों ने अधिकारियों के खिलाफ हंगामा किया और उसके बाद हड़ताल पर चले गए। यही नहीं एचओडी के आवास पर पहुंचकर तोड़फोड़ और मारपीट भी की। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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कर्नाटक के हुबली में चेतना कॉलोनी के फेस 2 निवासी डॉ. ओंकार पीजीआई के बाल रोग विभाग में 2017 बैच से पढ़ रहा था। उसकी बहन की शादी थी। इसके लिए वह एचओडी से लगातार छुट्टी मांग रहा था, लेकिन उसकी छुट्टी मंजूर नहीं हो पाई। यही नहीं उसे थीसिस की फाइल भी जमा करानी थी।
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इसको लेकर भी वह कई दिन से टेंशन में था। जब बर्दाश्त से बाहर हो गया तो डॉ. ओंकार ने पीजी हॉस्टल नंबर 33 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले का पता चलते ही रेजिडेंट डॉक्टर मौके पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। एचओडी पर जानबूझकर छुट्टी न देने का आरोप लगाया। कुछ डॉक्टरों ने कहा कि ओंकार अपनी बहन के लिए शादी का जोड़ा लाया था। घर नहीं जा पाने के कारण उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस और विभागीय अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
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डॉक्टरों की पुलिस से भी नोकझोंक
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास कर रही पुलिस से भी डॉक्टरों की खूब नोकझोंक हुई। परिजनों के आने तक शव नहीं उठाने की चेतावनी दी गई। इसके बाद गुस्साए डॉक्टर देर रात ही एचओडी के आवास पर पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। नारेबाजी की। सभी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। साथ ही एचओडी और उसके परिवार वालों को पीटा भी गया।
डॉक्टर ने आत्महत्या की है। आत्महत्या किन कारणों से की इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। किसी ने इस संबंध में अभी कोई शिकायत भी नहीं दी है।
- कैलाश चंद, एसएचओ, थाना पीजीआई
डॉक्टर ने आत्महत्या की है। आत्महत्या किन कारणों से की इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। किसी ने इस संबंध में अभी कोई शिकायत भी नहीं दी है।
- कैलाश चंद, एसएचओ, थाना पीजीआई