जश्न हत्याकांड: जीरा का बाजार बंद, परिजन व लोग धरने पर बैठे, बेरहमी से हुई 12 साल के बच्चे की हत्या
पिता चेतर सिंह ने कहा कि जब तक बेटे जसविंदर सिंह उर्फ जश्न (12) के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक जश्न का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पुलिस के खिलाफ धरना जारी रहेगा।
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नौ दिसंबर को घर से दुकान पर सामान लेने गया जश्न जिंदा नहीं लौटा। रविवार यानी 11 दिसंबर को उसका शव खेत में मिला तो परिजनों में हड़कंप मच गया। 12 वर्षीय जश्न को बेरहमी से मारा गया। गले में रस्सी बांध कर खेतों में घसीटा गया। बच्चे के चेहरे व गले पर चोट के निशान हैं। बच्चे के हत्यारों की गिरफ्तारी की खातिर सोमवार को पीड़ित परिवार व दुकानदारों ने सड़क पर शव रख पुलिस प्रशासन के खिलाफ देर शाम तक प्रदर्शनकारी किया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी है कि जब तक जश्न के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
दुकानदारों ने भी पीड़ित परिवार का साथ दिया और जीरा का पूरा बाजार सुबह से शाम तक बंद रहा। उल्लेखनीय है कि जश्न नौ दिसंबर की शाम को लापता हुआ था और 11 दिसंबर को उसका शव शाहवाला रोड के पास खेत से मिला था। पिता चेतर सिंह ने कहा कि जब तक बेटे जसविंदर सिंह उर्फ जश्न (12) के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक जश्न का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पुलिस के खिलाफ धरना जारी रहेगा।
हत्यारों ने बेटे को बुरी तरह से मारा है। बेटे के चेहरे व गर्दन पर चोट के निशान है। ऐसा लगता है कि उसके गले में रस्सी डालकर खेतों में घसीटा गया है। पीड़ित परिवार संग जीरा के दुकानदारों ने बाजार बंद कर समर्थन दिया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और किसान संगठनों ने भी धरने पर पहुंच संबोधित किया। नेताओं का कहना है कि पुलिस समय पर बच्चे की तलाश करती तो उसे बचाया जा सकता था। जीरा में कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमा चुकी है।