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मोहालीः SDO एग्जाम पेपर लीक, एक गिरफ्तार, दो पर केस दर्ज

Tue, 19 Apr 2016 06:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Tue, 19 Apr 2016 06:57 PM IST
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ठगों ने की ऑनलाइन शॉपिंग - फोटो : demo pic
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एसडीओ की परीक्षा का पेपर लीक करने व मोटी रकम वसूलने के मामले में एक को गिरफ्तार किया और दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। विजिलेंस ने इस मामले में संदीप निवासी अबोहर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
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आरोपी को अदालत ने रिमांड में भेज दिया है। जबकि, इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पुलिस जांच कर रही है। विजिलेंस अधिकारियों से संदीप को गिरफ्तार करने की पुष्टि की। इस संबंध में विजिलेंस ने अप्रैल के पहले सप्ताह में केस दर्ज किया था। विजिलेंस के मुताबिक, पेपर लीक होने से कई लोगों को फायदा पहुंचा था। 
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जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निकाय विभाग ने नवंबर 2015 में 682 विभिन्न पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। परीक्षा में जेई, असिस्टेंट कारपोरेशन इंजीनियर, असिस्टेंट म्यूनिसिपल इंजीनियर, असिस्टेंट कारपोरेशन इंजीनियर व सब डिवीजन इंजीनियर के पद शामिल थे। परीक्षा 15 नवंबर 2015 को हुई थी। इसमें 67000 परीक्षार्थी अपीयर हुए थे।
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सलेक्शन प्रक्रिया लिखित टेस्ट के आधार पर होनी थी। परीक्षा में जो छात्र टॉप-50 में आने थे। उनका जेई और एसडीई के लिए चयन हुआ था। इसका पेपर भी उसी दिन हुआ था। इन 50 में केवल 19 एसडीई के एग्जाम में अपीयर हुए, जबकि अन्य गैर हाजिर रहे। आरोप है कि इन परीक्षार्थियों एसडीई के एग्जाम वाला प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था। इसलिए उसमें ही वह अपीयर हुए थे।

वहीं, जो परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं थी, उनका जवाब एक जैसा था। वही, सब में एक जैसी ही गलती थी। उन्होंने बहुत ही अधिक अंक हासिल किए थे। एफआईआर के मुताबिक, दो लोगों को एग्जाम से ठीक दो दिन पहले लखनऊ से विजिलेंस गिरफ्तार करके लाई थी।

विजिलेंस ने 17 अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। क्योंकि यह परीक्षा यूनिवर्सिटी के एक विभाग ने आयोजित की थी। वह 2008 से परीक्षा ले रहा है। विभाग का कहना था कि पेपर लीक नहीं हुआ है।


तीस लाख तक मांगे गए थे प्रश्न पत्र के
यह केस पहली बार फरवरी 2016 में उस समय सामने आया था। जब जिला मुक्तसर के गांव कोलियांवाली निवासी एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को लिखित शिकायत दी थी। वह परीक्षा में अपीयर हुए था। उसने बताया कि परीक्षा से पहले श्योर शॉट के लिए ऑफर दिया गया था। उसकी कीमत 30 लाख बताई गई थी। इसमें बताया गया था कि वहीं से पूरा पेपर आएगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ लोगों ने लखनऊ से पेपर का सेट खरीदा था। इसके बाद परीक्षा को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
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