गोलीकांडः घायल युवक ने अस्पताल में दम तोड़ा, कनपटी में लगी थी गोली...आरोपी गिरफ्त से बाहर
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पंचकूला के सेक्टर-20 में सट्टेबाजी के दौरान बीती बुधवार शाम एक खाली शोरूम में हुई फायरिंग में घायल दीपक ने गुरुवार रात करीब सवा 11 बजे इलाज के दौरान पीजीआई में दम तोड़ दिया। वहीं, सभी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक की कनपटी पर गोली लगी थी और सिर से काफी खून बह गया था, जिसके चलते डॉक्टर उसकी हालत काफी नाजुक बता रहे थे।
पीजीआई के डॉक्टरों का कहना था कि यदि दीपक ने 72 घंटे का समय निकाल लिया तो वह बच सकता है, लेकिन समय के साथ उसकी हार्ट बीप लगातार कमजोर हो रही थी। उसे सामान्य स्थिति में लाने के लिए काफी कोशिश की गई लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। उधर, दीपक की मौत के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए तीन टीमों का गठन किया है। डीसीपी कमलदीप गोयल ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज में कैद आरोपी किसी भी सूरत में बच नहीं पाएंगे। केस को जल्द साल्व करने के लिए पुलिस ने मौके-ए-वारदात से कई लोगों के मोबाइल डंप लिए हैं।
सेक्टर-20 थाना प्रभारी अजय दिसोदिया ने बताया कि गुरुवार को दीपक का बयान दर्ज करने के लिए जांच अधिकारी अस्पताल गए थे, लेकिन हालत ठीक न होने के कारण डॉक्टरों ने बयान लेने से मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि शोरूम की पहली मंजिल से कूदकर जान बचाने वाले सन्नी का सेक्टर-छह स्थित सामान्य अस्पताल में ऑपरेशन हो गया है औप उसकी हालत पहले से बेहतर है, लेकिन अभी वह बयान दर्ज करवाने की स्थिति में नहीं है।
.32 और .9 एमएम की पिस्टल से हुई फायरिंग
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात में दो तरह की पिस्टल से फायरिंग की है। मौके से तीन जिंदा और तीन खोल बरामद हुए हैं । उनमें से .9 एमएम और .32 बोर के कारतूस हैं। पीजीआई में मृतक दीपक के कनपटी में किस पिस्टल की गोली लगी है इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
फायरिंग में दो नहीं तीन लोग घायल
जांच अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-20 में हुई फायरिंग की घटना में दो नहीं बल्कि तीन लोग घायल हुए हैं। पहला दीपक है, जिसने दे ररात दम तोड़ दिया। जबकि दूसरा युवक सन्नी है, जिसने जान बचाने के लिए कांच तोड़कर बिल्डिंग से छलांग लगाई थी। वहीं, तीसरा युवक का नाम मनोज बताया जा रहा है। इसके पैर में गोली लगी है और यह चंडीगढ़ के सेक्टर-32 अस्पताल में उपचाराधीन है।
सट्टेबाज जगह बदलकर करते हैं कारोबार
थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने दस दिन पहले ही सेक्टर-20 थाने का कार्यभार संभाला है। घटनास्थल पर सट्टे का कारोबार पिछले काफी समय से चल रहा था। लेकिन यहां रोजाना सट्टा नहीं खेला जाता था, बल्कि सट्टेबाज यहां कभी-कभी डेरा जमाते थे। इसलिए पुलिस को कानों-कान खबर नहीं थी।