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NRI को किडनैप कर मांगे थे 1 करोड़, छह दोषियों को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 17 Sep 2016 09:41 AM IST
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एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए कनाडा से आए एनआरआई नवनीत सिंह चड्ढा के अपहरण मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को सभी छह अपहरणकर्ताओं को उम्र कैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में पुरखास सोनीपत निवासी अनिल कुमार, सिसाई हिसार निवासी अजीत सिंह, गोहाना सोनीपत निवासी प्रदीप मलिक, सिलानी झज्जर निवासी नितिन तथा कुरुक्षेत्र निवासी संजीव कुमार उर्फ सोनी और सुखदेव शामिल हैं। अदालत ने अनिल पर 18,500 और अन्य सभी पर 14,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इससे पहले कनाडा से वीसी के जरिए नवनीत के बयान ज्यूडीशियल अफसर की मौजूदगी में दर्ज किए गए थे। नवनीत ने कोर्ट को दिए बयान में अपहरण और यूटी पुलिस इंस्पेक्टर और तत्कालीन क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह द्वारा उसे कुरुक्षेत्र से सुरक्षित छुड़ा लाने और अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी।
6 में से चार आरोपियों को पहचाना था
पिछले साल 30 मई को पहली बार कनाडा से वीसी के जरिए सुनवाई हुई थी। इस दौरान नवनीत को 14 लोगों का एक समूह दिखाकर उनमें से आरोपियों को पहचानने को कहा गया था। उन्होंने 6 में से चार आरोपियों को एक नजर में पहचान लिया था, जबकि दो आरोपियों की शिनाख्त को लेकर वे कंफर्म नहीं थे। उस दौरान नवनीत ने कहा था कि प्रापर्टी डील के बहाने अपहरणकर्ताओं ने उनको कुरुक्षेत्र बुलाया था। इसके बाद उसे वहां के एक गांव में बने फार्म हाउस में किडनैप कर रखा। साथ ही उनके परिवार से फिरौती मांगने और उसकी कार में अनिल और संजीव द्वारा चंडीगढ़ सेक्टर-18 में उनकी कोठी में जाकर नौकर से 25 लाख रुपये लेकर आने की भी बात अपने बयानों में कही थी।
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इससे पहले कनाडा से वीसी के जरिए नवनीत के बयान ज्यूडीशियल अफसर की मौजूदगी में दर्ज किए गए थे। नवनीत ने कोर्ट को दिए बयान में अपहरण और यूटी पुलिस इंस्पेक्टर और तत्कालीन क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह द्वारा उसे कुरुक्षेत्र से सुरक्षित छुड़ा लाने और अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी।
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6 में से चार आरोपियों को पहचाना था
पिछले साल 30 मई को पहली बार कनाडा से वीसी के जरिए सुनवाई हुई थी। इस दौरान नवनीत को 14 लोगों का एक समूह दिखाकर उनमें से आरोपियों को पहचानने को कहा गया था। उन्होंने 6 में से चार आरोपियों को एक नजर में पहचान लिया था, जबकि दो आरोपियों की शिनाख्त को लेकर वे कंफर्म नहीं थे। उस दौरान नवनीत ने कहा था कि प्रापर्टी डील के बहाने अपहरणकर्ताओं ने उनको कुरुक्षेत्र बुलाया था। इसके बाद उसे वहां के एक गांव में बने फार्म हाउस में किडनैप कर रखा। साथ ही उनके परिवार से फिरौती मांगने और उसकी कार में अनिल और संजीव द्वारा चंडीगढ़ सेक्टर-18 में उनकी कोठी में जाकर नौकर से 25 लाख रुपये लेकर आने की भी बात अपने बयानों में कही थी।
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यह है मामला
एनआरआई नवनीत सिंह का 10 अप्रैल 2012 को कुरुक्षेत्र से अपहरण कर लिया गया था। जब कनाडा से लैंड डील के सिलसिले में चंडीगढ़ आए हुए थे। यहां सेक्टर-18 में उनकी कोठी थी। नवनीत के कनाडा में बैठे भाई गुरमीत सिंह को एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए कॉल आई थी। यूटी पुलिस की क्राइम ब्रांच और कुरुक्षेत्र पुलिस की टीम ने सभी छह आरोपियों को कुरुक्षेत्र के समीप गांव धुराला में काफी देर चले आपरेशन के बाद दबोच लिया था। वहीं, नवनीत को भी सकुशल बचा लिया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े 12 लाख रुपये व 300 कैनेडियन डॉलर भी बरामद किए थे। यह राशि लैंड डील के लिए नवनीत लेकर गए थे। एनआरआई की होंडा अकॉर्ड गाड़ी और दो मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किए थे। थाना-19 पुलिस ने मामले में प्रदीप मलिक, नितिन, संजीव कुमार उर्फ सोनी, सुखदेव, अनिल कुमार व अजीत सिंह के खिलाफ अपहरण, लूट, कैद में रखने, जालसाजी समेत आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। कुरुक्षेत्र के पास दुराला गांव के जिस फार्म हाउस में नवनीत को अपहरण कर रखा गया था वह संजीव उर्फ सोनी का था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े 12 लाख रुपये व 300 कैनेडियन डॉलर भी बरामद किए थे। यह राशि लैंड डील के लिए नवनीत लेकर गए थे। एनआरआई की होंडा अकॉर्ड गाड़ी और दो मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किए थे। थाना-19 पुलिस ने मामले में प्रदीप मलिक, नितिन, संजीव कुमार उर्फ सोनी, सुखदेव, अनिल कुमार व अजीत सिंह के खिलाफ अपहरण, लूट, कैद में रखने, जालसाजी समेत आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। कुरुक्षेत्र के पास दुराला गांव के जिस फार्म हाउस में नवनीत को अपहरण कर रखा गया था वह संजीव उर्फ सोनी का था।