ऑपरेशन ध्वस्त: NIA को मिली बड़ी सफलता, लॉरेंस बिश्नोई और अर्श डल्ला से जुड़े तीन गैंगस्टरों को दबोचा
एनआईए जांच में अब यह बात सामने आई है कि विदेश में बैठे आतंकी देश की विभिन्न जेलों बंद आरोपियों से संपर्क कर साजिश रच रहे हैं। साथ ही संगठित नेटवर्क द्वारा वारदात को अंजाम दिया जाता है। विदेश पर आधारित ऑपरेटिव की वजह से जेलों के अंदर भी गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पुलिस के सहयोग से आतंकी-गैंगस्टर व नशा तस्कर गठजोड़ के खिलाफ बुधवार को पंजाब, हरियाणा समेत नौ राज्यों में ऑपरेशन ध्वस्त चलाया। विदेश और जेलों में बंद गैंगस्टरों से जुड़े तीन गैंगस्टरों को एनआईए ने हिरासत में लिया है। आरोपियों में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथी भिवानी निवासी प्रवीन वधवा, नई सीलमपुर (दिल्ली) निवासी इरफान और मोगा निवासी जस्सा सिंह शामिल हैं। इरफान बड़े गैंगस्टरों से जुड़ा था, उसके घर से हथियार भी मिले हैं। जस्सा कनाडा में रह रहे आतंकी अर्श डल्ला के इशारे में वारदात को अंजाम देता था।
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है गैंगस्टर-आतंकी और तस्कर पूरी रणनीति के साथ वारदात को अंजाम दे रहे हैं। गिरोह के प्रत्येक शातिर को विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाती है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति पूरा करता है। आरोपी प्रवीन उर्फ प्रिंस लॉरेंस बिश्नोई और उसके गिरोह के सदस्यों दीपक उर्फ टीनू और संपत नेहरा के साथ अन्य लोगों के साथ नियमित संपर्क में था। वह जेल के अंदर से उनके विशेष संदेशवाहक के रूप में काम कर रहा था।
इरफान उर्फ छेनू गैंगस्टर कौशल चौधरी और उसके साथियों सुनील बाल्यान की आतंकी साजिश में शामिल होने का खुलासा हुआ। वह गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के लिए भी काम कर चुका है। जस्सा सिंह की खालिस्तान आतंकी साजिश में भूमिका साबित हुई है। जांच में सामने आया है कि अर्श डल्ला के कहने पर उसने पिस्टल डिलीवर की थी। गौरतलब है कि एनआईए ने आतंकी- गैंगस्टर व तस्कर गठजोड़ को लेकर पंजाब समेत और नौ राज्यों में 324 से अधिक ठिकानों पर बुधवार को छापे मारे थे।
गोइंदवाल व तिहाड़ जेल में हुई थी हत्या
एनआईए जांच में अब यह बात सामने आई है कि विदेश में बैठे आतंकी देश की विभिन्न जेलों बंद आरोपियों से संपर्क कर साजिश रच रहे हैं। साथ ही संगठित नेटवर्क द्वारा वारदात को अंजाम दिया जाता है। विदेश पर आधारित ऑपरेटिव की वजह से जेलों के अंदर भी गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। बठिंडा स्थित गोइंदवाल व तिहाड़ जेल में हुई हिंसा व कैदियों की हत्या इसी का हिस्सा थी।
इन देशों से चल रहा है आतंक का खेल
एनआईए ने आगे पाया कि कई आरोपी जो भारत में गैंगस्टरों का नेतृत्व कर रहे थे अब वे पाकिस्तान, कनाडा, मलयेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भाग गए थे और वे वहीं से भारत की जेलों में बंद अपराधियों के साथ मिलकर गंभीर अपराधों की योजना बनाने में लगे थे। ये समूह टारगेट किलिंग, खालिस्तान संगठनों को फंडिंग, जबरदस्ती वसूली जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे है। महाराष्ट्र में बिल्डर संजय बियानी और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल की हत्या इसी का हिस्सा थी।
ये सामान एनआईए ने किया रिकवर
एनआईए के इन छापों का फोकस ड्रग तस्करों के साथ काम करने वाले हार्डकोर गैंग से जुड़े हथियार सप्लायर्स, फाइनेंसरों, लॉजिस्टिक प्रोवाइडर्स और हवाला ऑपरेटरों पर था। छापों के दौरान एक पिस्टल और गोला बारूद बरामद हुआ। इसके अलावा 60 मोबाइल फोन, 5 डीवीआर, 20 सिम कार्ड, 1 हार्ड डिस्क, 1 पेन ड्राइव, 1 डोंगल, 1 वाईफाई राउटर, एक डिजिटल घड़ी, दो मेमोरी कार्ड, 75 दस्तावेज और 39,60,000 रुपये की नकदी बरामद हुई है।
छह बार एनआईए मार चुकी है छापे
अगस्त 2022 से टारगेट किलिंग हत्या से जुड़े तीन केस दर्ज करने के बाद एनआईए की तरफ से छह बार कई राज्यों में छापे मारे गए थे। एनआईए ने पहले 231 स्थानों पर तलाशी ली थी और 1129 राउंड गोला-बारूद के साथ 38 हथियार जब्त किए थे। 87 बैंक खातों को फ्रीज व 13 संपत्तियों को कुर्क किया गया। इसके अलावा 331 डिजिटल उपकरण, 418 दस्तावेज और दो वाहन जब्त किए गए हैं। दो भगोड़ों को आतंकी व 10 व्यक्तियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और 14 अन्य के खिलाफ एलओसी जारी किया।