{"_id":"577678da4f1c1bd34979a953","slug":"national-level-athlete-farmer-commit-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय एथलीट, पेट पालने को बना किसान, कर्ज न चुका पाया, दे दी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राष्ट्रीय एथलीट, पेट पालने को बना किसान, कर्ज न चुका पाया, दे दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, सुनाम,संगरूर(पंजाब)
Updated Fri, 01 Jul 2016 08:49 PM IST
विज्ञापन
सुसाइड
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्थिक तंगी से जूझ रहे राष्ट्रीय स्तर के स्कूली खेलों में एथलीट रहे एक नौजवान किसान ने घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मामला पंजाब के सुनाम (संगरूर) का है। मृतक किसान के सिर पर साढे़ चार लाख रुपये का कर्ज था और मात्र डेढ़ एकड़ जमीन का मालिक था। कर्ज उतारने में लगातार नाकाम होने के चलते दो बेटियों के पिता ने मौत को गले लगा लिया।
विज्ञापन
गांव शाहपुरकलां के नौजवान किसान सुखबीर सिंह (32) ने अपने घर में उस वक्त फंदा लगाकर अपनी जान दे दी जब पूरा परिवार गांव में ही एक भोग समागम में गया हुआ था। घर लौटकर सुखबीर सिंह की पत्नी ने उसे फंदे से लटका पाया।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला अध्यक्ष अमरीक सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष जसवंत सिंह, गुरमेल सिंह, जग्गर सिंह, गुरभगत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के एथलीट होने के बावजूद कर्ज ने नौजवान किसान को आत्महत्या करने के लिए विवश कर दिया है। यूनियन की ओर से पिछले दस दिन से कर्ज माफ की मांग को लेकर बठिंडा में आंदोलन किया जा रहा है लेकिन पंजाब सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है।
विज्ञापन
उन्होंने मांग की कि मृतक किसान का कर्ज माफ करके पांच लाख रुपये की सहायता तुरंत की जाए। मृतक किसान की पत्नी को सरकारी नौकरी व उसकी दोनों बेटियों की शिक्षा का खर्च सरकार उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण पंजाब का किसान मौत को गले लगा रहा है। दूसरी तरफ पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रर्वाई करके लाश परिजनों को सौंप दी है।