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मुरथल गैंगरेप: लुधियाना में 4 महिलाओं और टैक्सी ड्राइवरों से पूछताछ
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना।
Updated Wed, 27 Apr 2016 03:22 PM IST
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मुरथल का कथित गैंग रेप मामला
- फोटो : amarujala
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हरियाणा में कुछ दिन पहले हुए जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में महिलाओं से दुराचार के मामलों की जांच कर रही करनाल पुलिस की टीम लुधियाना पहुंची। टीम ने शिमलापुरी इलाके में चार महिलाओं और टैक्सी ड्राइवरों के बयान दर्ज किए हैं। टीम का नेतृत्व करनाल की डीएसपी वुमन सेल सुखविंदर कौर कर रही थीं।
सुखविंदर कौर अपनी टीम के साथ गुपचुप तरीके से थाना शिमलापुरी पहुंची। टीम ने महिलाओं को वहीं बुलाकर उनसे कई सवाल किए। इन महिलाओं ने जाट आंदोलन के दौरान अपने साथ मारपीट की शिकायत दी थी। इसके अलावा कुछ टैक्सी ड्राइवरों से भी सवाल कर उनके बयान दर्ज किए गए। चारों ड्राइवर आंदोलन के दौरान अपनी अपनी टैक्सी लेकर लुधियाना से दिल्ली के लिए गए थे और आंदोलन में उनकी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा था।
पूछताछ के दौरान टैक्सी ड्राइवरों ने बताया कि जब वह करनाल के पास पहुंचे तो प्रदर्शनकारी पथराव कर रहे थे। इससे उनकी गाड़ियों के शीशे टूट गए। इसके अलावा उन्होंने देखा कि वहां कुछ महिलाएं जख्मी हालत में थी और उनके कपड़े भी फटे हुए थे। वह सड़क पर खुद को बचाने के लिए दौड़ रही थी। उनके पीछे प्रदर्शनकारी थे। हालांकि उन्होंने दुराचार की बात नोटिस नहीं की। वहीं पीड़ित महिलाओं ने अपने बयान में बताया कि जब वे दिल्ली के लिए जा रहे थे तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बंदी बना लिया।
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डीएसपी करनाल ने उन्हें कहा कि वह दूसरी महिलाओं को भी कहें कि अगर ऐसा कुछ हुआ है तो वे खुलकर इसकी शिकायत करें। करीब एक घंटा तक चली इस पूछताछ के बाद करनाल पुलिस वापस लौट गई। डीएसपी सुखविंदर कौर ने कहा कि अभी इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता। फिलहाल जांच चल रही है।
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सुखविंदर कौर अपनी टीम के साथ गुपचुप तरीके से थाना शिमलापुरी पहुंची। टीम ने महिलाओं को वहीं बुलाकर उनसे कई सवाल किए। इन महिलाओं ने जाट आंदोलन के दौरान अपने साथ मारपीट की शिकायत दी थी। इसके अलावा कुछ टैक्सी ड्राइवरों से भी सवाल कर उनके बयान दर्ज किए गए। चारों ड्राइवर आंदोलन के दौरान अपनी अपनी टैक्सी लेकर लुधियाना से दिल्ली के लिए गए थे और आंदोलन में उनकी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा था।
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पूछताछ के दौरान टैक्सी ड्राइवरों ने बताया कि जब वह करनाल के पास पहुंचे तो प्रदर्शनकारी पथराव कर रहे थे। इससे उनकी गाड़ियों के शीशे टूट गए। इसके अलावा उन्होंने देखा कि वहां कुछ महिलाएं जख्मी हालत में थी और उनके कपड़े भी फटे हुए थे। वह सड़क पर खुद को बचाने के लिए दौड़ रही थी। उनके पीछे प्रदर्शनकारी थे। हालांकि उन्होंने दुराचार की बात नोटिस नहीं की। वहीं पीड़ित महिलाओं ने अपने बयान में बताया कि जब वे दिल्ली के लिए जा रहे थे तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बंदी बना लिया।
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डीएसपी करनाल ने उन्हें कहा कि वह दूसरी महिलाओं को भी कहें कि अगर ऐसा कुछ हुआ है तो वे खुलकर इसकी शिकायत करें। करीब एक घंटा तक चली इस पूछताछ के बाद करनाल पुलिस वापस लौट गई। डीएसपी सुखविंदर कौर ने कहा कि अभी इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता। फिलहाल जांच चल रही है।