अंबाला के बाद अब हिसार केंद्रीय जेल में दो गुटों में खूनी संघर्ष, एक की हत्या, दो घायल
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अति संवेदनशील सेंट्रल जेल नंबर-2 में गुरुवार सुबह कैदियों के दो गुटों में खूनी टकराव हो गया। सुरेंद्र गुर्जर गैंग के ऊपर विनोद पानू उर्फ काना गैंग के 20-25 गुर्गों ने धारदार हथियारों से हमला किया। काना गैंग के साथ बच्ची गुट के गुर्गे भी शामिल थे।
इस टकराव में गुर्जर गैंग के फतेहाबाद के सरदारेवाला गांव निवासी रविंद्र की मौत हो गई, जबकि फतेहाबाद के कुंदल गांव का हरजीत और पंजाब के बुडलाढा का तलविंदर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार सेंट्रल जेल नंबर-2 में सुबह करीब साढ़े छह बजे चाय-नाश्ते के लिए कैदियों को प्रतिदिन की तरह बैरकों से बाहर निकाला गया। करीब सात बजे मेल वार्ड के ब्लॉक नंबर-1 के गेट के समीप दो गुटों में गैंगवार शुरू हो गई। इसमें सुरेंद्र गुर्जर गैंग के गुर्गों पर विनोद पानू उर्फ काना गैंग व बच्ची गुट के गुर्गों ने मिलकर हमला कर दिया।
हमलावर 20-25 कैदी बताए गए हैं और उन्होंने खुद नुकीले हथियार बनाए हुए थे। सूत्रों के अनुसार हमलावर मौके पर रविंद्र, तलविंदर व हरजीत को दबोचने में कामयाब हो गए लेकिन उनके बाकी सभी साथी जान बचाकर इधर-उधर भागने में कामयाब हो गए। तीनों पर ताबड़तोड़ हमले किए गए। रविंद्र पर तेजधार हथियारों से 12 हमले किए गए।
इसके अलावा हरजीत और तलविंदर पर पाइप की नाली से सिर और हाथ पर हमले किए गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने घायलों को पहले जेल के अस्पताल में पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें नागरिक अस्पताल में भेज दिया लेकिन नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने रविंद्र को मृत घोषित कर दिया।
जेल में मची भगदड़
कैदी गुटों पर टकराव से जेल में भगदड़ मच गई। कैदी इधर-उधर भाग रहे और वहां तैनात वार्डरों को भी कुछ समझ नहीं आया। बड़ी गैंगवार देख उन्होंने अंदर आला अधिकारियों को सूचना दी, जिसके वहां तैनात पुलिस कर्मचारी जेल परिसर के अंदर पहुंचे और बीच-बचाव कर सभी कैदियों को अलग किया गया। घायलों को उन्होंने आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया।
मृतक और घायल सजायाफ्ता कैदी
फतेहाबाद के सरदारेवाला गांव का रविंद्र सजायाफ्ता कैदी था। फतेहाबाद के शहर थाने में 22 मार्च 2016 में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। इस मामले में रविंद्र को 19 दिसंबर 2018 को अदालत ने 15 साल की सजा सुनाई थी। इसी प्रकार घायल फतेहाबाद के गांव कुंदल निवासी हरजीत और पंजाब के बुडलाढा निवासी तलविंदर भी सजायाफ्ता कैदी हैं। वे चेन स्नैचिंग के मामले में 10-10 साल की जेल भुगत रहे हैं।
हमलावरों ने खुद बनाए हुए थे तेज धारदार हथियार
हमलावर गैंग के गुर्गों ने हमले की साजिश कई सप्ताह पहले ही तैयार की हुई थी। इसके चलते उन्होंने जेल में ही उपलब्ध सामान से हथियार तैयार किए थे। इनमें गिलास, चम्मच, कटोरी, पीपल की लकड़ी और पत्थर का टुकड़ा आदि को नुकीला बनाकर हथियार बनाए हुए थे।
रविंद्र पर 12 वार किए, दिल पर वार से टूटी सांसें
रविंद्र के ऊपर हमलावरों ने नुकीले हथियारों से ताबड़तोड़ 12 वार किए थे। इनमें चार वार छाती पर, दो सिर में, एक मुंह पर, तीन कंधे पर और दो वार पीठ पर किए गए। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक के अनुसार रविंद्र के दिल में वार करने से उसकी धड़कन रुक गई, जो उसकी मौत का कारण बनी।
पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपा शव
पुलिस ने रविंद्र के शव का नागरिक अस्पताल में गुरुवार शाम को पोस्टमार्टम कराया। दो डॉक्टरों के पैनल और जज की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
हत्या का केस दर्ज
सेंट्रल जेल नंबर-2 में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट विक्रम सिंह के बयान पर आजाद नगर थाने में 13 नामजद व 8-10 अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आजाद नगर थाना प्रभारी सुखजीत सिंह के अनुसार इस मामले में जगदीप उर्फ दुखी, पहवन उर्फ पौना, दलवारा, दीपक, सचिन, पंकज, अजय उर्फ बच्ची, अंकित, सोनू, अक्षय, आजाद, प्रदीप, रजनीश व 8-10 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 323, 307, 302 के तहत केस दर्ज किया गया है।