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बेरहम बेटा: जायदाद के लालच में मां-बाप का कत्ल
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्मसर/मलोट
Updated Fri, 06 May 2016 01:20 PM IST
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मलोट में बेटे ने किया मां-बाप का मर्डर
- फोटो : अमर उजाला
जायदाद के लालच में एक बेटे ने ही तलवार से हमला कर मां-बाप का कत्ल कर दिया। पुलिस की जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार हो गया है। वारदात, पंजाब के मलौट की गोबिंद नगरी में बीती 25 अप्रैल को हुई थी। दंपति की हत्या उनके बेटे ने ही की थी। मृतक दंपति के आढ़ती बेटे पर लोगों का करोड़ों रुपये का कर्ज था। इस वजह से उसकी नजर माता-पिता की करोड़ों की जायदाद पर थी। इस बात का खुलासा एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल ने वीरवार को प्रेसवार्ता के दौरान किया। पुलिस ने आरोपी बेटे धर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया है। अब उसे अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा।
29 अप्रैल की सुबह करीब 70 वर्षीय सेवानिवृत कृषि अधिकारी सतपाल बत्रा और उनकी सेवामुक्त पत्नी कृष्णा रानी के उनके घर के कमरे से खून से लथपथ शव बरामद हुए थे। उनके आढ़ती बेटे धर्मवीर बत्रा ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उसकी पत्नी कई दिनों से राजस्थान गई हुई थी, जबकि वह खुद कुरुक्षेत्र गया हुआ था। जब वह वापस लौटे तो घर के अंदर शव पड़े हुए पाए।
एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि सीआईए के प्रभारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में की गई जांच में पाया गया कि वास्तव में यह हत्याएं उनके आढ़ती बेटे धर्मवीर ने ही 25 अप्रैल की देर शाम को थी। हत्याकांड को अंजाम देने से पहले उसने अपने माता-पिता को चाय में नशीली गोलियां पिलाई। उसके बाद तलवार के साथ उनकी हत्या कर दी। 26 अप्रैल की सुबह वह कुरुक्षेत्र चला गया। जबकि उसकी पत्नी पहले ही राजस्थान गई हुई थी।
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एसएसपी के अनुसार धर्मवीर करोड़ों रुपये का कर्जदार था। एसएसपी ने बताया कि अकसर लोग उसके घर पर उससे रुपये मांगने आते रहते थे। उन्होंने बताया कि धर्मवीर के माता-पिता के नाम शहर में करोड़ों की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि वह चाहता था कि इस संपत्ति को बेचकर जहां वह लोगों का कर्ज उतार देगा, वहीं उसके पास भी धन बच जाएगा, परंतु माता-पिता जायदाद बेच नहीं रहे थे। इसी रंजिश में ही उसने अपने माता-पिता को मौत के घाट उतार दिया।
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29 अप्रैल की सुबह करीब 70 वर्षीय सेवानिवृत कृषि अधिकारी सतपाल बत्रा और उनकी सेवामुक्त पत्नी कृष्णा रानी के उनके घर के कमरे से खून से लथपथ शव बरामद हुए थे। उनके आढ़ती बेटे धर्मवीर बत्रा ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उसकी पत्नी कई दिनों से राजस्थान गई हुई थी, जबकि वह खुद कुरुक्षेत्र गया हुआ था। जब वह वापस लौटे तो घर के अंदर शव पड़े हुए पाए।
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एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि सीआईए के प्रभारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में की गई जांच में पाया गया कि वास्तव में यह हत्याएं उनके आढ़ती बेटे धर्मवीर ने ही 25 अप्रैल की देर शाम को थी। हत्याकांड को अंजाम देने से पहले उसने अपने माता-पिता को चाय में नशीली गोलियां पिलाई। उसके बाद तलवार के साथ उनकी हत्या कर दी। 26 अप्रैल की सुबह वह कुरुक्षेत्र चला गया। जबकि उसकी पत्नी पहले ही राजस्थान गई हुई थी।
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एसएसपी के अनुसार धर्मवीर करोड़ों रुपये का कर्जदार था। एसएसपी ने बताया कि अकसर लोग उसके घर पर उससे रुपये मांगने आते रहते थे। उन्होंने बताया कि धर्मवीर के माता-पिता के नाम शहर में करोड़ों की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि वह चाहता था कि इस संपत्ति को बेचकर जहां वह लोगों का कर्ज उतार देगा, वहीं उसके पास भी धन बच जाएगा, परंतु माता-पिता जायदाद बेच नहीं रहे थे। इसी रंजिश में ही उसने अपने माता-पिता को मौत के घाट उतार दिया।