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मोस्टवांटेड शार्पशूटर 15 साल से था पंचकूला में
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 03 Apr 2015 02:42 PM IST
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पंद्रह साल से पंचकूला में रह रहे मोस्टवांटेड शार्पशूटर मुकेश और उसके साथी दिलबाग को रोहतक में गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर दिल्ली और हरियाणा में लूट, हत्या, फिरौती और डकैती के करीब 40 मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने उसके सिर पर दस हजार का इनाम भी रखा हुआ है।
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पुलिस की सीआईए-2 टीम ने मुकेश को बुधवार रात रोहतक में मेडिकल मोड़ के पास गिरफ्तार किया। वह चंडीगढ़ नंबर की कार में सवार था। यह कार मोहाली से चोरी की गई थी। मुकेश सोनीपत के कुख्यात सोनू मालपुरिया गैंग का शार्पशूटर रहा है। मुकेश पर अकेले दिल्ली में ही लूट, हत्या, डकैती और फिरौती के 25 से ज्यादा और पानीपत व करनाल में करीब 15 जघन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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साथी सहित गिरफ्तार आरोपी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिलबाग पानीपत के आदियाना गांव का रहने वाला है। दोनों ने 21 मार्च को अपने एक अन्य साथी के साथ रोहतक पीजीआई में कार का शीशा तोड़कर 6 लाख 62 हजार रुपये उड़ाए थे। यह कार झज्जर निवासी ठेकेदार की थी।
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करनाल से लगे थे ठेकेदार के पीछे
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 21 मार्च को डिजायर गाड़ी सवार छुड़ानी गांव निवासी सरकारी ठेकेदार कुलदीप सिंह ने करनाल बैंक से साढ़े छह लाख रुपये निकलवाए। आरोपियों ने उसे रुपये निकलवाते हुए देख लिया। वहां से ही ठेकेदार का पीछा शुरू कर दिया। उसने सीधे पीजीआई में आकर ही गाड़ी रोकी। यहां वह अपनी नानी से मिलने आया था। जैसे ही गाड़ी रोककर ठेकेदार भीतर गया तो उन्होंने शीशा तोड़कर 6 लाख 62 हजार रुपये से भरा सूटकेस, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान चोरी कर लिया और फरार हो गए।
जेल में हुई दोस्ती
पकड़े गए दो आरोपी और उनके फरार साथी की दोस्ती अंबाला जेल में हुई। जबकि मुकेश व दिलबाग की दोस्ती करनाल जेल में हुई थी। तीनों सोनू मालपुरिया गैंग के लिए काम करते थे।
चंडीगढ़ पुलिस का बर्खास्त सिपाही है दिलबाग
आरोपी दिलबाग 1991 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ। किसी अधिकारी से दुर्व्यवहार व अन्य कारणों के चलते 2006 में उसे डिसमिस कर दिया गया। 1998 में अपने गांव में ही मर्डर करने का आरोप लगा, लेकिन समझौता हो जाने के कारण बरी हो गया। मोहाली फेज-8 में लूट का मामला दर्ज है। फिलहाल दिलबाग पंचकूला सेक्टर-20 में रह रहा था और वहीं पर सट्टा बुकिंग, लाटरी समेत अन्य गोरखधंधों में लिप्त है। उसके साथ ही मुकेश व दलबीर भी रहते हैं।
15 साल से है बेल जंपर
दहिया ने बताया कि 15 साल से मुकेश किड़ोली अदालत में पेश नहीं हुआ है। वह दिल्ली के 25 से ज्यादा मामलों में बेल जंपर है। वहीं, पानीपत में दर्ज 5-6 मामलों और करनाल के 2 मामलों में बेल जंपर है। दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी है।