भिवानीः नौ साल से फरार मोस्ट वांटेड विनोद मितथालिया गिरफ्तार, अलग-अलग थानों में 50 केस
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पिछले नौ साल से हरियाणा और राजस्थान में खौफ का पर्याय बने सात लाख के इनामी मोस्टवांटेड बदमाश विनोद मित्ताथलिया को भिवानी पुलिस ने राजस्थान के चुरू जिले के गांव दुलरासर से गिरफ्तार किया है। मोबाइल नहीं रखने वाला विनोद झोपड़ी बनाकर रह रहा था। झोपड़ी में ही अंडरग्राउंड कमरा और बाथरूम था। विनोद पर हरियाणा और राजस्थान में 70 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें 10 मामले हत्या के हैं। बाकी हत्या का प्रयास, लूट और फिरौती आदि के हैं।
पुलिस ने विनोद के एक साथी प्रवीण देवसर को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस को तीन एमएम की नौ पिस्टल, छह कारतूस, 315 बोर के नौ कारतूस मिले हैं। पुलिस का कहना है कि विनोद ने शक के कारण अपने चार साथियों और एक साथी के पिता की हत्या कर दी है। विनोद को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
भिवानी की एंटी व्हीकल थेफ्ट पुलिस की टीम और साइबर सेल टीम ने डीएसपी वीरेंद्र के नेतृत्व में राजस्थान के चुरू जिले के गांव दुलरासर में रविवार देर रात करीब एक बजे दबिश दी। पुलिस को सूचना मिली थी कि इनामी बदमाश विनोद मित्ताथलिया यहां छिपा है। पुलिस पिछले तीन दिनों से जांच में जुटी थी। बदमाश विनोद पर भिवानी में दो लाख, रोहतक और झज्जर में 50-50 हजार रुपये व प्रदेशभर में सात लाख का इनाम है।
चर्चित डॉ. केएम बावा केस की वारदात भी कबूली
चर्चित डॉ. केएल बावा का अपहरण कर उनकी हत्या करने और फिर शव जलाने की वारदात को विनोद ने अपने साथियों के साथ मिलकर किया था। पुलिस की प्राथमिक जांच में उसने यह हत्या कबूली है। डॉ. बावा की 12 दिसंबर 2016 को भिवानी से दादरी में अपने क्लीनिक पर जाते समय अपहरण कर हत्या कर दी गई थी।
डॉ. बावा के शव को बिरही छपार गांव के पास बणी में जला दिया गया था और उनकी गाड़ी को फतेहगढ़ गांव के पास जला दिया था। मामले की जांच भिवानी सीआईए के अलावा गुरुग्राम की विशेष टीम ने की थी मगर खुलासा नहीं हुआ था। चिकित्सकों ने अपने क्लीनिक बंद कर हड़ताल करने के अलावा रोड जाम किया था।
पैरोल के बाद अपहरण का नाटक कर हुआ था फरार
विनोद तीन दिसंबर 2003 में सिवानी थाने में सिपाही सुभाष की हत्या कर दी थी। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए थे। उस पर हत्या, डकैती, हत्या प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। इस मामले में कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी, जिसकी अपील उच्च न्यायालय में की गई।
बाद में उसे उम्रकैद की सजा में तबदील कर दिया गया। इस मामले में वह पैरोल पर आया था। जेल जाने से बचने के लिए 13 मार्च 2010 को अपने अपहरण का नाटक किया और फरार हो गया। इसका भी सदर थाना में केस दर्ज है।
झोपड़ी के नीचे अंडर ग्राउंड कमरे में रखता था अपहृत लोगों को
पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि विनोद 2013 से गांव दुलरासर में झोपड़ी व तलघर बनाकर रह रहा था। दो झोपड़ियां बना रखी थीं। एक में उसने तख्त डाल रखा था, जिसमें वह सोता था।
उसके नीचे जमीन में एक कमरा बना रखा था, जिसमें अपहृत लोगों को रखता था। भिवानी के एक व्यापारी का अपहरण कर उसे भी वहीं रखा था। जमीन के नीचे ही शौचालय बना रखा था।
2010 तक चार मर्डर और फरार होने के बाद किए छह मर्डर
साल 1992 में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले विनोद ने 2010 तक चार मर्डर किए। इसमें सिवानी थाने में सिपाही की हत्या के अलावा राजस्थान के चुरू जिले के गांव हमीरदवार में 18 सितंबर को हत्या, भिवानी के बवानीखेड़ा में हत्या, 2005 में सदर थाने के एक गांव में हत्या का मामला शामिल है।
फरार होने के बाद उसने अपने साथी बजीणा निवासी सुनील, विकास, मालवास निवासी जयबीर, पुर निवासी नवीन, पुर निवासी नवीन शर्मा की हत्या कर दी थी। इसके अलावा 2016 में डॉ. केएल बावा का अपहरण कर दादरी में हत्या की और शव जला दिया। वहीं, 12 केस में विनोद को सजा हो चुकी है।
यह हैं हत्या के नौ मामले
तिथि हत्या
-18.09.1997 राजस्थान के चुरु जिले के गांव हमीरवास में हत्या की
-23.06.1998 बवानीखेड़ा थाना के एक गांव में हत्या की
03.12.2003 सिवानी थाने में सिपाही सुभाष की हत्या की थी
-09.03.2005 सदर थाना के एक गांव में युवक की हत्या की
-12.12.2016 डॉक्टर केएल बावा का अपहरण कर हत्या की
- अपने साथी सुनील की हत्या कर शव सुई-बलियाली नहर में फेंका
- अपने साथी विकास की हत्या कर शव धनाना के खेतों में जलाया।
- साथी प्रवीण के साथ मिलकर उसके पिता जयबीर की चांग गांव के पास हत्या की
- अपने साथी पुर निवासी नवीन की हत्या कर शव धनाना के खेतों में जलाया।
- अपने साथी पुर निवासी नवीन शर्मा की हत्या कर हेतमपुरा-ललहाना के रास्ते में शव फेंका
इनामी बदमाश विनोद मित्ताथलिया को राजस्थान के चुरू जिले के सरदार शहर थाने के गांव दुलरासर से गिरफ्तार किया गया है। वह झोपड़ी बनाकर रह रहा था और अंडरग्राउंड कमरा और शौचालय बना रखा था। उस पर 50 से अधिक केस दर्ज हैं, जिनमें करीब दस हत्या के मामले प्राथमिक जांच में सामने आए हैं। उसे कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। - गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक