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PM की मोहाली रैली: काले रंग के मोजे, दुपट्टा और शर्ट वालों को वापस लौटाया, अंदर पानी तक नहीं मिला

Wed, 24 Aug 2022 07:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 24 Aug 2022 07:42 PM IST
सार

पुलिस ने लोगों से काला कपड़ा, बीड़ी व सिगरेट, तंबाकू के पैकेट बाहर ही रखवा लिए थे और एक तरफ रख दिया था। जो लोग अंदर नहीं जा सके और लौटते आए तो अपनी जरूरत के मुताबिक बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और काला कपड़ा उठाकर ले गए। पुलिस ने उन्हें रोका लेकिन लोग नहीं माने।

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Many people returned from rally site before PM arrived in Mohali
काले कपड़े पहनकर आने वालों को पुलिस ने रोका। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में शामिल होने न्यू चंडीगढ़ पहुंचे समर्थक गर्मी से बेहाल रहे। रही सही कसर अंदर की अव्यवस्था ने पूरी कर दी। अंदर लोगों के लिए न पानी की व्यवस्था थी और न ही खाने की। साथ में पानी की बोतल लेकर गए लोगों के लिए भी अंदर पानी भरने की कोई व्यवस्था नहीं थी। गुस्साए लोगों ने कहा कि जगह कम है और बड़ी संख्या में लोग बुला लिए। ऐसे में प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले ही काफी लोग बसों में बैठकर वापस चले गए।

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न्यू चंडीगढ़ में जनसभा स्थल पर सुबह 9 बजे से ही पंजाब के अलग-अलग शहरों से भाजपा समर्थकों की बसें आने लगीं। समर्थकों को तीन जगह चेकिंग प्वाइंट से गुजरना था। इसके लिए महिला और पुरुष दोनों की अलग-अलग लाइनें लगाई गईं थीं। लोगों के पास जो भी संदिग्ध सामान दिख रहा था, उसे सुरक्षाकर्मियों ने बाहर ही रखवा लिया। सुबह मौसम ठीक था लेकिन बाद में धूप होने से लोगों के पास मौजूद पानी खत्म हो गया। भीड़ बढ़ने से समस्या होने लगी तो लोग उठकर बाहर आने लगे। बाहर आकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। कोई अपने ग्राम प्रधान को कोस रहा था तो कोई विधायक को।    
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काले रंग के मोजे पहने लोगों को भी नहीं जाने दिया जनसभा में
प्रधानमंत्री की जनसभा में काला कपड़ा पहनकर जाने की मनाही थी। ऐसे में जो लोग काला कपड़ा पहनकर आ रहे थे, उन्हें सुरक्षाकर्मी अंदर नहीं जाने दे रहे थे। कई महिलाएं काला दुपट्टा या बैग लेकर पहुंचीं थीं जिन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। यहां तक की काले रंग के मोजे पहने लोगों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। कुछ लोगों ने अपने दोस्तों से दूसरी टीशर्ट मंगवा ली तो कुछ महिलाओं ने अपना पर्स बस में रखवाकर अंदर प्रवेश किया। जिनको विकल्प नहीं मिला वह वापस बस में आकर बैठ गए।

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Many people returned from rally site before PM arrived in Mohali
काले कपड़े पहनकर आने वालों को रैली में नहीं जाने दिया गया। - फोटो : अमर उजाला

मीडियाकर्मी के सवाल पर भिड़े दो गुट, पुलिस ने हटाया
पंडाल से कुछ लोग वापस आ रहे थे। इस दौरान एक मीडियाकर्मी ने उनसे अंदर की व्यवस्था पर सवाल पूछा तो लोगों ने बताया कि अंदर लंगर चल रहा है और बेहतर व्यवस्थाएं हैं। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि हमें लेकर चलें और बताए कहां लंगर लगा है, पानी की व्यवस्था कहां है। दोनों पक्षों को भिड़ते देख पुलिस ने तत्काल दोनो गुटों को बस में जाने का निवेदन किया।

तंबाकू-बीड़ी और काला कपड़ा उठाकर ले गए लोग 
पुलिस ने लोगों से काला कपड़ा, बीड़ी व सिगरेट, तंबाकू के पैकेट बाहर ही रखवा लिए थे और एक तरफ रख दिया था। जो लोग अंदर नहीं जा सके और लौटते आए तो अपनी जरूरत के मुताबिक बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और काला कपड़ा उठाकर ले गए। पुलिस ने उन्हें रोका लेकिन लोग नहीं माने।

न्यू चंडीगढ़ से ज्यादा सख्ती चंडीगढ़ में दिखी 
जनसभा भले ही न्यू चंडीगढ़ (मोहाली) में थी लेकिन चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था ज्यादा चाक-चौबंद रही। सारंगपुर में सभी दुकानें बंद थीं तो न्यू चंडीगढ़ में घुसते ही शराब का ठेका खुला था। कार्यक्रम स्थल पर पुल के पास जाकर थोड़ी सख्ती थी। डड्डूमाजरा में भी पुलिस ने सख्ती कर रखी थी। पीजीआई के सामने न कोई रेहड़ी वाला था और न लंगर लगाने की अनुमति थी। यहां दिनभर मरीजों के परिजनों की चहल-पहल भी नहीं रही।  

Many people returned from rally site before PM arrived in Mohali
रैली में जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला

साथ वालों को अंदर नहीं जाने दिया तो हम क्या जाएं
गांव से कई लोग प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। वहां हम बागवानी का काम करते हैं। साथ वालों को पुलिस वालों ने रोक दिया, अब हम अंदर क्या जाएं। - राधारानी, आनंदपुर साहिब

बैग किसको दें, इसलिए अंदर नहीं जा रहे  
पुलिसकर्मी कह रहे हैं कि बैग बाहर रखकर आओ। अनजान जगह पर आखिर बैग किसे दें। इसमें रुपये और कई जरूरी कागजात हैं इसलिए बस में जाकर बैठेंगे। -स्वर्ण कौर और कुलदीप कौर, निवासी रोपड़

पुलिसकर्मी ने काला दुपट्टा देखकर लौटा दिया
महिला होने के नाते सिर ढंकने के लिए कुछ कपड़ा चाहिए था। किसी ने बताया ही नहीं कि काला कपड़ा नहीं चलेगा। यहां पुलिस ने काला कपड़ा देखकर वापस लौटा दिया। - बलवीर कौर, निवासी लांडरा

पगड़ी उतारने के लिए कह रहे थे, मैं वापस आ गया
जो लेकर आया उसने हमें बताया ही नहीं कि कार्यक्रम में काला कपड़ा पहनकर आना वर्जित है। मैंने काली पगड़ी बांध रखी है। पुलिसकर्मी कह रहे हैं कि पगड़ी उतार दो, इससे अच्छा घर वापस चला जाऊं। - हरमंदिर, निवासी फतेहगढ़ साहिब

लंगर सुबह ही खत्म हो गया, अब लोग परेशान हैं
बाहर तो पानी की व्यवस्था है लेकिन इतनी गर्मी में अंदर प्रशासन ने पानी की कोई व्यवस्था नहीं की है। कुछ लोग कह रहे हैं अंदर लंगर चल रहा है, वह तो सुबह ही खत्म हो गया अब दिनभर लोग क्या करेंगे। - सुखवेंद्र सिंह, निवासी जीरकपुर

हम लोग बीमार हैं इसलिए बाहर आ गए
मोरिंडा से कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं कलविंदर कौर, जसविंदर कौर, स्वर्ण कौर और महेंद्र कौर ने कहा कि हम काफी बुजुर्ग हैं। प्रधान ने हमें बताया कि प्रधानमंत्री कोई सौगात देने आ रहे हैं। हम उन्हें सुनने के लिए चले आए। अंदर तो काफी भीड़ हैं। हम बीमार हैं, इसलिए चारों साथी बाहर आकर बैठ गए हैं।

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