बेटा ही निकला अपनों का 'कातिल': बेरहमी से मां व भाई को उतरवाया मौत के घाट, वजह भी जान लो
पंजाब के मानसा में छह जनवरी को दोहरा हत्याकांड हुआ था। पुलिस ने इसे एक सप्ताह में ही सुलझा लिया है। जायदाद के लालच में बेटे ने ही हत्या की साजिश रच अपनी मां व भाई की जान ली थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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जायदाद के लालच में अपने सगे भाई और मां की तेजधार हथियारों से हत्या करवाने वाले बेटे और उसके चार साथियों को मानसा पुलिस ने एक सप्ताह में काबू कर लिया है। इसके अलावा उनसे हत्या में इस्तेमाल हथियार (एक गंडासा और एक छुरी) बरामद की है। एसएसपी दीपक पारीक ने बताया कि छह जनवरी को जिले के गांव मुस्सा में मां-बेटे की हत्या का मामला सुलझा लिया गया है। मामले को सुलझाने वाली टीम में डीएसपी मानसा, डीएसपी बुढलाडा, थाना सदर मानसा, सीआईए इंचार्ज-1 मानसा, इंचार्ज साइबर सेल एसआई समनदीप कौर शामिल हैं।
जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि छह जनवरी को बूटा सिंह निवासी मुस्सा ने थाना सदर मानसा पुलिस को शिकायत दी थी कि मुस्सा निवासी उसकी पत्नी की मौसी जसविंदर कौर (65) पत्नी जरनैल सिंह और उसके अविवाहित बेटे जगसीर सिंह उर्फ बूटा (40) के शव घर के बरामदे से बरामद हुए हैं।
जसविंदर कौर के पति जरनैल सिंह और एक बेटे गुरदर्शन सिंह उर्फ दर्शी की मौत हो चुकी है। दो बेटे जगसीर सिंह उर्फ बूटा व कुलविंदर सिंह उर्फ काका जीवित हैं। एक लड़का कुलविंदर सिंह उर्फ काका पिछले 7-8 साल से मानसा में अपने मकान में अलग रहता था। जबकि जगसीर सिंह उर्फ बूटा अपनी माता जसविंदर कौर के साथ खेतों में बने अपने मकान में रहता था।
छह जनवरी की रात उनके घर का गेट बंद था। कॉल भी कोई नहीं उठा रहा था। आवाज लगाने और गेट खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जब उसने घर की दीवार फांदकर देखा तो जगसीर सिंह और उसकी माता जसविंदर कौर बरामदे में अपनी चारपाइयों पर खून से लथपथ मृत पड़े थे। शिकायत पर थाना सदर मानसा के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की। टीम ने इस मामले में पांच आरोपियों कुलविंदर सिंह उर्फ काका, अकबर खान उर्फ आकू, जगसीर सिंह उर्फ जग्गा, जसकरण सिंह उर्फ जस्सी और रशनदीप सिंह को नामजद किया और गुरुवार को सभी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि परिवार के पास कुल साढ़े सात एकड़ जमीन है।
कुलविंदर सिंह उर्फ काकू टैक्सी चलाता है। इसी दौरान टैक्सी यूनियन में अकबर खान, जगसीर सिंह, जसकरण सिंह और रशनदीप सिंह के साथ उसकी तालमेल हुई। बेटे ने जायदाद के लालच में अपनी मां और भाई का कत्ल करने की योजना बनाई। बाकी आरोपियों को उसने सुपारी के रूप में कार, घर का एक हिस्सा देने की बात कही।
आरोपी ने काम होने के बाद दो एकड़ जमीन उनके नाम करने से इनकार कर दिया और 20 हजार की नगदी उन्हें सौंप दी। आरोपियों ने लालच में छह जनवरी की रात को घर की दीवार फांदकर गंडासे और छुरी से जसविंदर कौर और उसके बेटे जगसीर सिंह उर्फ बूटा का कत्ल किया था। सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेशकर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।