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गैंगरेप पीड़ित से रेप केस में आया नया मोड़, छूट जाएगा आरोपी कैसिंल होगी FIR!

Fri, 14 Apr 2017 03:27 PM IST
शनि शर्मा /अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
शनि शर्मा /अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Fri, 14 Apr 2017 03:27 PM IST
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major exposures in rohatk gangrape case haryana
भिवानी गैंगरेप
रोहतक के बहुचर्चित गैंगरेप पीड़िता से रेप केस में फिर से नया चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी पुष्पा खत्री ने बताया मामले का एक सच। दरअसल, मामले में आरोपी रहे मौसम के खिलाफ एसआईटी को कोई सबूत नहीं मिला है। मौसम ने खुद पुलिस के सामने पेश होकर अपनी बेगुनाही के सबूत पेश किये हैं। वहीं एसआईटी ने दावा किया है कि आकाश नाम का दूसरा कोई आरोपी ही नहीं है। ऐसे में एफआईआर अब कैंसिल हो सकती है।
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कोर्ट ने मामले में पहले गिरफ्तार किये गये पांच आरोपियों को जेल से रिहा करने के आदेश जारी करने के साथ एसआईटी को फाइनल रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये थे। कोर्ट ने एसआईटी को आकाश और मौसम नाम के दोनों आरोपी युवकों के बारे में जांच पड़ताल करके फाइनल रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिये थे। इन दोनों आरोपियों पर जिला पुलिस ने दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।  
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एसआईटी ने कोर्ट में पेश किया हलफनामा

मामले में गठित एसआईटी इंचार्ज डीएसपी पुष्पा खत्री का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद मौसम के बारे में कोर्ट में जांच रिपोर्ट दी गई थी। उसे भी कोर्ट में पेश किया गया था। उसके खिलाफ केस से जुड़ा कोई भी सबूत नहीं मिला है। इसी तरह छात्रा ने जिस आकाश नाम के आरोपी को नामजद कराया था। जांच में सामने आया कि आकाश नाम का कोई आरोपी है ही नहीं। केस में दोनों के बारे में फाइनल जांच रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश कर दिया गया है।
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छात्रा ने पहले भी केस में आकाश को कराया था नामजद

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भिवानी गैंगरेप
छात्रा का कहना है कि वह केवल आरोपी आकाश का नाम ही जानती है और उसकी कोई जानकारी नहीं है। आकाश के बारे में एसआईटी ने अन्य नामजद युवकों से भी पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें भी कुछ पता नहीं था। इतना ही नहीं जब छात्रा ने भिवानी में इन्हीं युवकों को गैंगरेप के पहले केस में नामजद कराया था तब भी वह हाईकोर्ट में आकाश के बारे में कुछ नहीं बता सकी थी।  

पीड़ित और आरोपी पक्ष को चाहिए इंसाफ
 मामले में जगमोहन व अन्य आरोपियों के वकील हरेन्द्र भालौठिया का कहना है कि अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। यदि अगली सुनवाई में कोर्ट एफआईआर को कैंसिल कर देती है तो युवकों को कोर्ट में नहीं आना पड़ेगा। इसके बाद आरोप लगाने वाली छात्रा के खिलाफ मानहानि सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

साथ ही मुआवजे की भी मांग की जाएगी। दूसरी तरफ छात्रा के परिजन पहले ही पुलिस पर मिली भगत का आरोप लगा चुके है। उन्होंने सीबीआई से मामले की जांच की मांग की है। छात्रा पक्ष मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंच चुका है। दोनों पक्ष अब इस मामले में इंसाफ चाहते हैं।

डीएनए रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज बनी आधार

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भिवानी गैंगरेप
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने युवकों को गिरफ्तार तो कर लिया था लेकिन उनके पास कोई पुख्ता सबूत नहीं थे। युवकों ने वारदात वाले दिन की लोकेशन देने के लिए अपनी सीसीटीवी फु टेज पुलिस को मुहैया करवाई थी। इन फुटेज में युवक अलग-अलग जगह नजर आ रहे थे। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन भी युवकों द्वारा बताई गई जगह पर ही आई थी। बाद में एसआईटी ने युवकों का डीएनए भी कराया था। डीएनए रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी।

मौसम और आकाश के बारे में जांच पड़ताल करके रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर एफआईआर कैंसिल करने की अर्जी लगाई जा चुकी है। अब कोर्ट रिपोर्ट के देखने के बाद आदेश देगी।
- डीएसपी पुष्पा खत्री, एसआईटी इंचार्ज

ये था मामला

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भिवानी गैंगरेप
13 जुलाई 2016 को भिवानी की बीएससी की छात्रा सुखपुरा चौक स्थित पावर हाउस के पास बेसुध अवस्था में मिली थी। होश के आने के बाद छात्रा ने भिवानी के ही जगमोहन, संदीप, अमित, मौसम और आकाश पर अपहरण कर गैंगरेप का आरोप लगाया था।

मामले में तब मोड़ आया था जब आरोपी जगमोहन, संदीप और अमित ने अपनी लोकेशन की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपी थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने इसी मामले में संदीप कुमार और प्रमोद नाम के युवक को भी गिरफ्तार किया था।

बाद में आरोपियों की डीएनए रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी। इसके बाद एसआईटी ने कोर्ट में चालान न पेश करके युवकों को डिस्चार्ज करने और एफआईआर कैंसिल करने की याचिका लगाई थी। बाद में कोर्ट ने जेल में बंद पांचों युवकों को रिहा करने के आदेश दिये थे।
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