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पूर्व सीएम का हत्यारा नहीं लड़ना चाहता अपना केस

Thu, 07 Jan 2016 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 07 Jan 2016 12:29 PM IST
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main accused of murder of former CM don't want to fight case

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में मुख्य आरोपी खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के आतंकी और बब्बर खालसा के सदस्य जगतार सिंह तारा ने बुधवार को बुड़ैल जेल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष केस की सुनवाई के दौरान उन्हें तीन पेज का पत्र सौंपा।

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पंजाबी में लिखे इस पत्र में उसने कहा है कि वह केस नहीं लड़ना चाहता। साथ ही तारा ने पत्र में लिखा है कि, ‘भारत में 1947 के बाद से अब तक अल्प समुदाय वर्ग के लोगों से जुल्म हो रहे हैं। जज साहब अल्प समुदाय वालों के साथ हो रही बेइंसाफी और अदालत से इस समुदाय को इंसाफ न मिलने के कारण मुझे यहां के संविधान व अदालत प्रणाली पर कोई विश्वास नहीं है।
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इस कारण मैं अपना केस नहीं लड़ना चाहता। वहीं न ही मेरी तरफ से अदालत में कोई वकील बचाव पक्ष के रूप में पेश होगा। आप जो भी फैसला करेंगे वो मुझे मंजूर है।’
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बता दें कि पूर्व सीएम हत्याकांड में दोषी करार दिए गए बलवंत सिंह राजोआणा ने भी अदालत में अपना जुर्म स्वीकार किया था। तारा के खिलाफ इस केस का ट्रायल शुरू होता इससे पहले ही वह बुड़ैल जेल ब्रेक कर फरार हो गया था। उसे पिछले साल जनवरी में ही थाईलैंड से गिरफ्तार किया गया था।

उसके खिलाफ अभी इस केस में ट्रायल शुरू होना है। सुप्रीम कोर्ट से बेअंत सिंह हत्याकांड से जुडे़ केस का रिकार्ड अभी आना बाकी है। इस केस की जांच दिल्ली सीबीआई के पास है। वहीं मामले में अन्य दोषी ठहराए गए जगतार सिंह हवारा की उम्रकैद की सजा के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस कारण केस से जुड़ा सारा रिकार्ड सुप्रीम कोर्ट में है।

रिश्तेदारों से मिलना चाहता है तारा
तारा पिछले साल से बुड़ैल जेल में बंद है। इसके बाद से यह उसका तीसरा पत्र है। बुधवार को दिल्ली सीबीआई हत्याकांड से जुड़ा रिकार्ड पेश नहीं कर पाई। ट्रायल के दौरान तारा ने 2 अर्जियां पेश की। इनमें से एक में उसने अपील की कि उसे परमजीत सिंह भ्यौरा और अन्य से मुलाकात करने दी जाए।

साथ ही उसने अपने रिश्तेदारों से भी मिलने की अपील की। इसके अलावा उसने अपने वकील से भी लंबी मुलाकात का वक्त मांगा है। इसे कोर्ट ने मंजूर कर दिया है। केस की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।

बेअंत सिंह हत्याकांड में 6 को हो चुकी है सजा

पंजाब के सीएम बेअंत सिंह की हत्या मामले में 27 जुलाई 2007 को कुल 9 में से 6 दोषियों को तत्कालीन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवि कुमार सोंधी ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई थी। सजा पाने वालों में जगतार सिंह हवारा, शमशेर सिंह, लखविंदर सिंह, नसीब सिंह, बलवंत सिंह व गुरमीत सिंह शामिल थे।


इन्हें हत्या, हत्या के प्रयास, आत्महत्या के लिए उकसाना, आपराधिक साजिश रचने और एक्सप्लोसिव एक्ट की धारा 4, 5 व 6 के तहत दोषी पाया गया था। वहीं नसीब सिंह को एक्सप्लोजिव एक्ट की धारा-5 में दोषी ठहराया था। केस में नवजोत सिंह को बरी कर दिया गया था। वहीं वर्ष 2004 में बुड़ैल जेल ब्रेक कर फरार हुए परमजीत सिंह भ्यौरा को बाद में सजा हुई थी।

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