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14 साल पुराने किडनैपिंग, मर्डर केस में SSP लुधियाना बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला
Updated Sat, 12 Dec 2015 03:25 PM IST
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14 साल पुराने किडनैपिंग और हत्या के मामले में अदालत ने लुधियाना के एसएसपी समेत 9 लोगों को बरी कर दिया गया। सुल्तानपुर लोधी में डीएसपी सब-डिवीजन रहने के दौरान रवचरण सिंह बराड़ पर गांव माछीजोआ के नंबरदार परमजीत सिंह के अपहरण व हत्या का मामला चल रहा था।
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बरी होने वालों में रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर सरुप सिंह, स्वर्ण सिंह, निरंजन सिंह, एएसआई इकबाल सिंह व जीत लाल, सरपंच शाहवाला संतोख सिंह, कैरों सिंह और सुरिंदर सिंह शामिल हैं। इन सभी पर 2001 में हरबंस सिंह निवासी माछीजोआ की ओर से आरोप लगाया था कि उन्होंने परमजीत सिंह माछीजोआ का अपहरण कर उसे बिजली का करंट लगाकर मार डाला।
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हरबंस सिंह माछीजोआ ने 1999 में सुल्तानपुर के तत्कालीन डीएसपी रवचरण सिंह बराड़, एसएचओ सरुप सिंह और सर्किल इंस्पेक्टर निरंजन सिंह के खिलाफ तलवंडी चौधरियां पुल से उससे 81 हजार रुपये लूटने संबंधी सब-डिवीजन ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर लोधी की अदालत में केस दायर किया था।
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इसमें माछीजोआ के नंबरदार परमजीत सिंह को गवाह बनाया गया था। इसी दौरान ही नंबरदार परमजीत सिंह की बिजली का करंट लगने के कारण मौत हो गई। इसके बाद अदालत ने डीएसपी सहित दोनों पुलिस इंस्पेक्टरों को लूटपाट के मामले में बरी कर दिया था।
उसके बाद हरबंस सिंह ने नंबरदार परमजीत सिंह के अपहरण और हत्या के आरोप में पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों पर कोर्ट में इस्तगासा दायर किया था। हालांकि मृतक परमजीत सिंह की पत्नी ने मार्केट कमेटी सुल्तानपुर लोधी को प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि उसके पति की मौत खेती हादसे के दौरान हुई है, इसलिए उसे नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाए।
इसे आधार बनाकर एडवोकेट कर्मजीत सिंह थिंद ने अदालत में तथ्यों समेत दलीलें पेश कीं। जिसे जिला और सेशन जज ने स्वीकार करते हुए एसएसपी रवचरण सिंह बराड़ सहित 9 लोगों को बाइज्जत बरी कर दिया। एसएसपी लुधियाना देहात रवचरण सिंह बराड़ ने कहा कि उन्हें कानून पर पूरा विश्वास था। यह सच्चाई की जीत है।