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इस्सेवाल दुष्कर्मः जांच कमेटी ने अभद्र व्यवहार के आरोप नकारे, पीड़िता बोली- अब हाईकोर्ट जाऊंगी
Fri, 19 Apr 2019 02:21 PM IST
खुशबू गोयल
कंवरपाल, अमर उजाला, हलवारा(लुधियाना)
कंवरपाल, अमर उजाला, हलवारा(लुधियाना)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Apr 2019 02:21 PM IST
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इस्सेवाल सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता से मेडिकल जांच में अभद्र व्यवहार मामले में सेहत विभाग की जांच कमेटी ने अपने कर्मचारियों को क्लीन चिट जारी कर दी है। पीड़िता अब सेहत विभाग की जांच रिपोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट में जाने की तैयारी कर रही है। 9 फरवरी को एक युवती और उसका दोस्त कार में गांव इस्सेवाल की तरफ घूमने निकले। वहां पर छह आरोपियों ने उनकी कार को घेर लिया और लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
10 फरवरी की शाम लगभग छह बजे पुलिस पीड़िता और उसके दोस्त का मेडिकल करवाने के लिए सुधार सिविल अस्पताल पहुंची। उस समय इमरजेंसी में डॉक्टर अभिषेक मंगला ड्यूटी पर थे। उन्होंने लड़के का मेडिकल तो कर दिया, लेकिन पीड़िता का मेडिकल करने के लिए एसएमओ नीना नागरा को सूचित करके महिला डॉक्टर भेजने के लिए कहा। महिला डॉक्टर नहीं आने पर पीड़िता को 11 फरवरी को सुबह 9 बजे बुलाया गया। पीड़िता पुलिस के साथ सुबह 9 बजे सुधार अस्पताल पहुंच गई।
मेडिकल जांच करने के लिए डॉक्टर नीलम भाटिया टाइम पर नहीं पहुंची और पीड़िता का मेडिकल दोपहर 2.15 बजे हुआ। पीड़िता का आरोप था कि मेडिकल के समय दो पुरुष अंदर थे। मेडिकल करने वाली डॉक्टर ने उससे कहा कि वह रात के समय वहां क्या करने गई थी, ऐसी लड़कियों के साथ ऐसा ही होता है। वहीं चतुर्थ श्रेणी महिला मुलाजिम ने यह तक कहा कि कुछ नहीं हुआ नखरे कर रही है। 20 फरवरी को पीड़िता ने अपने साथ हुए अभद्र व्यवहार की लिखित शिकायत सिविल सर्जन को दी।
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जिला भलाई अफसर डॉ. एसपी सिंह, एसएमओ डॉ. हतिंदर कौर और एसएमओ समराला डॉ. मालविंदर माला की अगुवाई में कमेटी का गठन कर दिया गया। 22 फरवरी को कमेटी के सामने पेश होकर पीड़िता ने अपने बयान दर्ज करवाए। लगभग दो महीने की जांच के बाद कमेटी ने चार पेज की रिपोर्ट पेश करके सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को क्लीन चिट जारी कर दी है।
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10 फरवरी की शाम लगभग छह बजे पुलिस पीड़िता और उसके दोस्त का मेडिकल करवाने के लिए सुधार सिविल अस्पताल पहुंची। उस समय इमरजेंसी में डॉक्टर अभिषेक मंगला ड्यूटी पर थे। उन्होंने लड़के का मेडिकल तो कर दिया, लेकिन पीड़िता का मेडिकल करने के लिए एसएमओ नीना नागरा को सूचित करके महिला डॉक्टर भेजने के लिए कहा। महिला डॉक्टर नहीं आने पर पीड़िता को 11 फरवरी को सुबह 9 बजे बुलाया गया। पीड़िता पुलिस के साथ सुबह 9 बजे सुधार अस्पताल पहुंच गई।
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मेडिकल जांच करने के लिए डॉक्टर नीलम भाटिया टाइम पर नहीं पहुंची और पीड़िता का मेडिकल दोपहर 2.15 बजे हुआ। पीड़िता का आरोप था कि मेडिकल के समय दो पुरुष अंदर थे। मेडिकल करने वाली डॉक्टर ने उससे कहा कि वह रात के समय वहां क्या करने गई थी, ऐसी लड़कियों के साथ ऐसा ही होता है। वहीं चतुर्थ श्रेणी महिला मुलाजिम ने यह तक कहा कि कुछ नहीं हुआ नखरे कर रही है। 20 फरवरी को पीड़िता ने अपने साथ हुए अभद्र व्यवहार की लिखित शिकायत सिविल सर्जन को दी।
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जिला भलाई अफसर डॉ. एसपी सिंह, एसएमओ डॉ. हतिंदर कौर और एसएमओ समराला डॉ. मालविंदर माला की अगुवाई में कमेटी का गठन कर दिया गया। 22 फरवरी को कमेटी के सामने पेश होकर पीड़िता ने अपने बयान दर्ज करवाए। लगभग दो महीने की जांच के बाद कमेटी ने चार पेज की रिपोर्ट पेश करके सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को क्लीन चिट जारी कर दी है।
बिना बताए छुट्टी पर थीं डॉ. नीलम
जांच रिपोर्ट के हिसाब से डॉ. अभिषेक मंगला ने कहा कि 10 फरवरी को पीड़िता के दोस्त का मेडिकल किया गया। पीड़िता के मेडिकल के लिए एसएमओ नीना नागरा को फोन कर महिला डॉक्टर भेजने के लिए कहा। डॉ. इंदरवीर सिंह ने कहा कि मेडिकल जांच होने के बाद पीड़िता के पांव की जांच की और अच्छा व्यवहार किया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शकुंतला ने कहा कि वह मेडिकल जांच टीम की मदद कर रही थीं। डॉ. नीलम भाटिया ने कहा कि 9 और 10 फरवरी को वे छुट्टी पर थीं।
11 फरवरी को मेडिकल जांच में पीड़िता के साथ अच्छा व्यवहार किया गया है। स्टाफ नर्स सुरजीत कौर ने कहा कि उसने पीड़िता को कुछ नहीं कहा। एसएमओ नीना नागरा ने कहा कि डॉ. नीलम भाटिया की छुट्टी उन्होंने मंजूर नहीं की है। इन बयान पर जांच टीम ने रिपोर्ट में कहा कि अगर पीड़िता से हमदर्दी भरा व्यवहार नहीं हुआ है, तो भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए। मेडिकल जांच के दौरान पुरुष इलेक्ट्रिशियन के अंदर होने की बात को नकार दिया गया है। वहीं एसएमओ नीना नागरा भी मेडिकल के लिए डॉक्टर का प्रबंध समय पर नहीं कर सकी।
हाईपावर जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है। डॉ. नीलम भाटिया अपनी छुट्टी के संबंध में कोई सबूत पेश नहीं कर सकी है। अब अधिकारी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई का फैसला ले सकते हैं।
- डॉ. हतिंदर कौर, एसएमओ
कमेटी की जांच रिपोर्ट को हेल्थ सचिव और मंत्री को भेज दिया गया है। वह जो भी कार्रवाई करने के लिए कहेंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
- डॉ. परविंदर पाल सिद्धू, सिविल सर्जन लुधियाना
11 फरवरी को मेडिकल जांच में पीड़िता के साथ अच्छा व्यवहार किया गया है। स्टाफ नर्स सुरजीत कौर ने कहा कि उसने पीड़िता को कुछ नहीं कहा। एसएमओ नीना नागरा ने कहा कि डॉ. नीलम भाटिया की छुट्टी उन्होंने मंजूर नहीं की है। इन बयान पर जांच टीम ने रिपोर्ट में कहा कि अगर पीड़िता से हमदर्दी भरा व्यवहार नहीं हुआ है, तो भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए। मेडिकल जांच के दौरान पुरुष इलेक्ट्रिशियन के अंदर होने की बात को नकार दिया गया है। वहीं एसएमओ नीना नागरा भी मेडिकल के लिए डॉक्टर का प्रबंध समय पर नहीं कर सकी।
हाईपावर जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है। डॉ. नीलम भाटिया अपनी छुट्टी के संबंध में कोई सबूत पेश नहीं कर सकी है। अब अधिकारी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई का फैसला ले सकते हैं।
- डॉ. हतिंदर कौर, एसएमओ
कमेटी की जांच रिपोर्ट को हेल्थ सचिव और मंत्री को भेज दिया गया है। वह जो भी कार्रवाई करने के लिए कहेंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
- डॉ. परविंदर पाल सिद्धू, सिविल सर्जन लुधियाना