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DC मुझे सस्पेंड करना चाहते हैं, लिखा और सरपंच ने ली फांसी, जानिए मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, घरौंडा(करनाल)
Updated Wed, 10 Aug 2016 09:26 PM IST
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हरियाणा के एक सरपंच ने फंदा लगाकर दी जान
- फोटो : डेमो फोटो
डीसी मुझे सस्पेंड करना चाहते हैं, ऐसा सुसाइड नोट लिखा और सरपंच ने फंदा लगाकर जान दे दी। पूरा मामला पता चला तो सभी के होश उड़ गए। घटना हरियाणा में करनाल जिले के घरौंडा की है। शैक्षणिक योग्यता को लेकर चल रहे विवाद के कारण कुताना गांव के सरपंच ईश्वर सिंह ने ये कदम उठाया। मंगलवार को मामले को लेकर डीसी के सामने पेशी थी, उससे पहले ही सरपंच ने जान दे दी।
मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मृतक ने सुसाइड नोट में करनाल के डीसी मनदीप सिंह बराड़ का नाम भी लिखा है और आरोप लगाया है कि डीसी उसको सस्पेंड करना चाहते थे। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने कोहंड असंध मार्ग पर जाम लगा दिया, हालांकि डीएसपी के आश्वासन पर बाद में वे शांत हो गए।
मृतक के भाई जीत सिंह ने पुलिस को बताया कि जिन लोगों ने ईश्वर के खिलाफ सरपंची का चुनाव लड़ा था, वे शुरू से ही शैक्षणिक योग्यता को लेकर उनके पीछे पड़े हुए थे। यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन था। गांव के कुछ प्रभावशाली लोग उसके भाई को अनपढ़ कहकर प्रताड़ित करते थे तथा गांव के विकास कार्यों में भी अडंगा डाल रहे थे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान था।
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इस मामले को लेकर डीसी ने उसे मंगलवार को सुनवाई के लिए बुलवा रखा था, लेकिन सुबह करीब पांच बजे ईश्वर का शव अपने कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला।
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मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मृतक ने सुसाइड नोट में करनाल के डीसी मनदीप सिंह बराड़ का नाम भी लिखा है और आरोप लगाया है कि डीसी उसको सस्पेंड करना चाहते थे। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने कोहंड असंध मार्ग पर जाम लगा दिया, हालांकि डीएसपी के आश्वासन पर बाद में वे शांत हो गए।
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मृतक के भाई जीत सिंह ने पुलिस को बताया कि जिन लोगों ने ईश्वर के खिलाफ सरपंची का चुनाव लड़ा था, वे शुरू से ही शैक्षणिक योग्यता को लेकर उनके पीछे पड़े हुए थे। यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन था। गांव के कुछ प्रभावशाली लोग उसके भाई को अनपढ़ कहकर प्रताड़ित करते थे तथा गांव के विकास कार्यों में भी अडंगा डाल रहे थे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान था।
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इस मामले को लेकर डीसी ने उसे मंगलवार को सुनवाई के लिए बुलवा रखा था, लेकिन सुबह करीब पांच बजे ईश्वर का शव अपने कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला।
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जेब से मिला सुसाइड नोट, 40 हजार में बनवाई डीएमसी
हरियाणा के एक सरपंच ने फंदा लगाकर दी जान
- फोटो : डेमो फोटो
सूचना मिलते ही अतिरिक्त थाना प्रभारी शमशेर सिंह पुलिस व एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने इस मामले में राजेश, जोगिंद्र, सुरेश और बलवान के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शमशेर सिंह ने बताया कि शव की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें गांव के एक व्यक्ति पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और कुछ लोगों से लेनदेन की बात लिखी हुई थी। सुसाइड नोट में लिखा है कि डीसी करनाल मनदीप सिंह बराड़ उन्हें सस्पेंड करना चाहते थे, इसलिए मैंने यह काम किया है।
शिकायतकर्ता बलवान सिंह कुताना ने मेरी इज्जत खराब की है, इसलिए मैंने खुदकुशी की है। मैं अपनी निजी सुनवाई पहले से ही दे चुका हूं। इसके अलावा सुसाइड नोट में चार लोगों से पैसे का लेनदेन भी लिखा है। इनमें 40 हजार रुपये में डीएमसी बनवाई भी लिखा हुआ है।
यह है मामला
ईश्वर सिंह ने चुनाव के दौरान दसवीं उत्तीर्ण का सर्टिफिकेट लगाया था। चुनाव में उनसे हारे बलवान सिंह व अन्य ने इसके खिलाफ शिकायत दी हुई है। बीडीपीओ ने अपनी जांच में सरपंच की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए थे और रिपोर्ट डीसी को सौंप दी थी। इसलिए डीसी ने सरपंच को सुनवाई के लिए बुलवाया था।
शमशेर सिंह ने बताया कि शव की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें गांव के एक व्यक्ति पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और कुछ लोगों से लेनदेन की बात लिखी हुई थी। सुसाइड नोट में लिखा है कि डीसी करनाल मनदीप सिंह बराड़ उन्हें सस्पेंड करना चाहते थे, इसलिए मैंने यह काम किया है।
शिकायतकर्ता बलवान सिंह कुताना ने मेरी इज्जत खराब की है, इसलिए मैंने खुदकुशी की है। मैं अपनी निजी सुनवाई पहले से ही दे चुका हूं। इसके अलावा सुसाइड नोट में चार लोगों से पैसे का लेनदेन भी लिखा है। इनमें 40 हजार रुपये में डीएमसी बनवाई भी लिखा हुआ है।
यह है मामला
ईश्वर सिंह ने चुनाव के दौरान दसवीं उत्तीर्ण का सर्टिफिकेट लगाया था। चुनाव में उनसे हारे बलवान सिंह व अन्य ने इसके खिलाफ शिकायत दी हुई है। बीडीपीओ ने अपनी जांच में सरपंच की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए थे और रिपोर्ट डीसी को सौंप दी थी। इसलिए डीसी ने सरपंच को सुनवाई के लिए बुलवाया था।