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नोटबंदी का असर: छापा मार नामी ज्वेलर से 26 करोड़ की अघोषित संपत्ति बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:27 AM IST
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आठ नवंबर की रात आठ बजे बड़े नोटों पर पाबंदी के एलान के साथ ही ज्वेलरी शोरूम पर सोना खरीदने के लिए लोगों का जमावड़ा लग गया। लोगों ने तड़के तक जमकर खरीदारी की। अगले ही दिन शहर के प्रतिष्ठित ज्वेलर निक्कामल के परिसरों पर आयकर विभाग ने सर्वे किया। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार बीस घंटे की गहन जांच के बाद 26 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति सामने आ गई।
नोटबंदी के बाद उमड़ी भीड़ और उसके बाद आयकर अधिकारियों की तिरछी नजर के चलते सराफा कारोबारियों की दुकानें सोमवार को लगातार पांचवें दिन भी बंद रहीं। कारोबारियों का कहना है कि इससे सारा धंधा चौपट हो गया है।
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नोटबंदी के बाद उमड़ी भीड़ और उसके बाद आयकर अधिकारियों की तिरछी नजर के चलते सराफा कारोबारियों की दुकानें सोमवार को लगातार पांचवें दिन भी बंद रहीं। कारोबारियों का कहना है कि इससे सारा धंधा चौपट हो गया है।
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नोटबंदी के अगले दिन आयकर विभाग ने किया था परिसर का सर्वे
500 and 1000
लुधियाना ज्वेलर्स एसोसिएशन के महासचिव मनोज ढांडा कहते हैं कि आयकर विभाग के डर से बाजार बंद नहीं है, बल्कि बाजार में तरलता की कमी के कारण काम नहीं किया जा रहा है।
ग्राहक पुराने नोट लेकर आ रहे हैं, नए नोट की भारी कमी है। पुराने नोट अब अवैध हो गए हैं। ऐसे में दुकानें खोलने का कोई फायदा नहीं है। ढांडा ने कहा कि मोदी के इस फैसले से विवाह शादी सीजन चौपट हो गया है। उनका तर्क है कि जब बाजार में नई करेंसी आएगी, तभी दुकानें खोली जाएंगी।
ग्राहक पुराने नोट लेकर आ रहे हैं, नए नोट की भारी कमी है। पुराने नोट अब अवैध हो गए हैं। ऐसे में दुकानें खोलने का कोई फायदा नहीं है। ढांडा ने कहा कि मोदी के इस फैसले से विवाह शादी सीजन चौपट हो गया है। उनका तर्क है कि जब बाजार में नई करेंसी आएगी, तभी दुकानें खोली जाएंगी।