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आईटीआई प्रशिक्षक को छात्र ने क्यों दी मौत, खुद बताई 'गुरु' को मारने की वजह, 3 बड़े खुलासे
Tue, 15 Jan 2019 11:51 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सफीदों(पानीपत)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सफीदों(पानीपत)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 15 Jan 2019 11:51 AM IST
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गुरु का सम्मान करना चाहिए, लेकिन आईटीआई के छात्र ने अपने ही प्रशिक्षक को मौत दे दी। जांच में पुलिस को कत्ल करने की वजह पता चली है। मामला हरियाणा के पानीपत का है। सफीदों के कंसाला गांव की आईटीआई के प्रशिक्षक की उसी के छात्र ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पानीपत के उरलाना गांव की बुटाना नहर में फेंक दिया।
आरोपी की निशानदेही पर सफीदों पुलिस ने नहर से प्रशिक्षक का शव बरामद किया। आरोपी को कोर्ट में पेश करके तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी छात्र को प्रशिक्षक पर अपनी मां से अवैध संबंध होने का शक था। प्रशिक्षक छह जनवरी से लापता था। मामले में पुलिस ने छात्र की मां को भी हिरासत में लिया है।
जींद के गांव फुलिया कलां निवासी मनीष के बड़े भाई राजेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह पेशे से अध्यापक है। उसका छोटा भाई मनीष (26) रोहतक के कंसाला गांव की आईटीआई में प्रशिक्षक था। उसकी जनवरी 2016 में नौकरी लगी थी। वह एक साल तक खरखौदा की आईटीआई में तैनात रहा। उसकी शादी नहीं हुई थी। इस समय वह रोहतक की एक कॉलोनी में किराये पर मकान लेकर रह रहा था।
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छह जनवरी को वह आईटीआई गया था। वहां से तीन बजे निकल गया था। इसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ था। मोबाइल फोन से उसकी कॉल उसके चचेरे भाई सुरेश के पास डायवर्ट थी। छह जनवरी की रात एक महिला के कई बार उसके पास फोन आए। महिला बार-बार यह कहती कि अपने जूते और बैग ले जाओ।
सुबह सुरेश राजेंद्र के पास आया और बताया कि एक महिला के बार-बार उसके फोन पर कॉल आ रही है। मनीष की कॉल उसके फोन पर डायवर्ट है। इसके बाद उन्होंने रोहतक जाकर मनीष के कमरे पर पता किया तो पता चला कि वह दो दिन से लापता है।
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आरोपी की निशानदेही पर सफीदों पुलिस ने नहर से प्रशिक्षक का शव बरामद किया। आरोपी को कोर्ट में पेश करके तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी छात्र को प्रशिक्षक पर अपनी मां से अवैध संबंध होने का शक था। प्रशिक्षक छह जनवरी से लापता था। मामले में पुलिस ने छात्र की मां को भी हिरासत में लिया है।
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जींद के गांव फुलिया कलां निवासी मनीष के बड़े भाई राजेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह पेशे से अध्यापक है। उसका छोटा भाई मनीष (26) रोहतक के कंसाला गांव की आईटीआई में प्रशिक्षक था। उसकी जनवरी 2016 में नौकरी लगी थी। वह एक साल तक खरखौदा की आईटीआई में तैनात रहा। उसकी शादी नहीं हुई थी। इस समय वह रोहतक की एक कॉलोनी में किराये पर मकान लेकर रह रहा था।
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छह जनवरी को वह आईटीआई गया था। वहां से तीन बजे निकल गया था। इसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ था। मोबाइल फोन से उसकी कॉल उसके चचेरे भाई सुरेश के पास डायवर्ट थी। छह जनवरी की रात एक महिला के कई बार उसके पास फोन आए। महिला बार-बार यह कहती कि अपने जूते और बैग ले जाओ।
सुबह सुरेश राजेंद्र के पास आया और बताया कि एक महिला के बार-बार उसके फोन पर कॉल आ रही है। मनीष की कॉल उसके फोन पर डायवर्ट है। इसके बाद उन्होंने रोहतक जाकर मनीष के कमरे पर पता किया तो पता चला कि वह दो दिन से लापता है।
जिस महिला का फोन आ रहा था, उससे मिलने गया था
आईटीआई के स्टाफ ने भी बताया कि मनीष छह जनवरी शाम तीन बजे आईटीआई से निकल गया था। उन्होंने आठ जनवरी को उसकी गुमशुदगी की शिकायत कंसाला पुलिस चौकी में दी। जिस महिला के उनके पास फोन आए थे उसका बेटा विकास आईटीआई का छात्र है। छह जनवरी को मनीष फोन करने वाली महिला के पास गया था। उसके बाद से वह लापता हो गया था।
फोन कॉल से आरोपी तक पहुंची पुलिस
कंसाला पुलिस थाने के जांच अधिकारी एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि मनीष के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। मनीष के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो उसकी सफीदों क्षेत्र के एक गांव निवासी व उसकी मां से बात हुई मिली। इसके बाद शक के आधार पर आरोपी और उसकी मां को हिरासत में लिया गया।
आरोपी के घर पर मनीष की पैंट और जूते मिलने से शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने युवक और उसकी मां से पूछताछ की तो सारी बातें साफ हो गईं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब वह पांच जनवरी को दुकान से घर पहुंचा तो मनीष को अपने घर में देखा। मनीष उसको देखकर भाग गया। इसके बाद उसने रात करीब 11 बजे मनीष को ढूंढ लिया और गांव से बाहर पड़कर उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
बाद में शव को बुटाना नहर में उरलाना के पास फेंक दिया। पुलिस ने मृतक के भाई राजेंद्र की शिकायत पर युवक और अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। आरोपी ने दो माह पहले ही आईटीआई छोड़कर सफीदों में पेंटर का काम सीखने लगा था।
फोन कॉल से आरोपी तक पहुंची पुलिस
कंसाला पुलिस थाने के जांच अधिकारी एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि मनीष के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। मनीष के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो उसकी सफीदों क्षेत्र के एक गांव निवासी व उसकी मां से बात हुई मिली। इसके बाद शक के आधार पर आरोपी और उसकी मां को हिरासत में लिया गया।
आरोपी के घर पर मनीष की पैंट और जूते मिलने से शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने युवक और उसकी मां से पूछताछ की तो सारी बातें साफ हो गईं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब वह पांच जनवरी को दुकान से घर पहुंचा तो मनीष को अपने घर में देखा। मनीष उसको देखकर भाग गया। इसके बाद उसने रात करीब 11 बजे मनीष को ढूंढ लिया और गांव से बाहर पड़कर उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
बाद में शव को बुटाना नहर में उरलाना के पास फेंक दिया। पुलिस ने मृतक के भाई राजेंद्र की शिकायत पर युवक और अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। आरोपी ने दो माह पहले ही आईटीआई छोड़कर सफीदों में पेंटर का काम सीखने लगा था।