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Hindi News ›   Chandigarh ›   infamous misdeed and zulfikar case: 2 woman judge statement in court

चर्चित जुल्फिकार मामले में दो महिला जजों ने दर्ज कराए बयान

Mon, 11 Apr 2016 09:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 11 Apr 2016 09:40 PM IST
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infamous misdeed and zulfikar case: 2 woman judge statement in court
जुल्फिकार, चंडीगढ़ - फोटो : file photo

बच्चों से कुकर्म मामले में आरोपी जुल्फिकार के खिलाफ चल रहे केस में सोमवार को दो महिला जजों के बयान हुए। इन दोनों जजों के समक्ष ही पिछले साल 4 नाबालिग पीड़ितों ने धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराए थे। उस समय दोनों महिला जज ड्यूटी मजिस्ट्रेट थीं।

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सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में सिविल जज नवजीत कलेर और सिविल जज डेजी बांगड़ ने कोर्ट में पीड़ितों के बयान के बारे में जानकारी दी। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी। उस दिन पीड़ितों के बयान शुरू होंगे।
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सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में सिविल जज नवजीत कलेर और डेजी बांगड़ ने कोर्ट में बयान दिए। दोनों जजों ने अदालत को बताया कि उन्होंने दो-दो पीड़ितों के बयान दर्ज किए थे। साथ ही उन्होंने इस बात की तस्दीक कर ली थी कि वह ये बयान किसी के दबाव में तो नहीं दे रहे हैं या इसका अन्य कोई कारण तो नहीं है। उनके अनुसार 4 पीड़ितों ने उस समय अपनी मर्जी से और बिना डर के बयान देने की बात कही थी। दोनों महिला जजों ने बच्चों के मजिस्ट्रेटी बयान को पुख्ता किया।
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बता दें कि पिछले साल जुलाई में चाइल्ड राइट कमीशन की शिकायत पर सेक्टर-11 थाना पुलिस ने थिएटर एज के डायरेक्टर जुल्फिकार खान को गिरफ्तार किया था। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित बच्चों के परिजनों ने हेल्पलाइन पर शिकायत दी। इसके बाद चाइल्ड राइट कमीशन के पास और भी बच्चों की शिकायतें आईं। कमीशन में थिएटर एज ग्रुप के कुछ बच्चों ने उनके साथ 2002 से यौन शोषण करने की बात कही।

शिकायत के अनुसार जुल्फिकार उनसे कई वर्षों से कुकर्म कर रहा था और उस वक्त वह नाबालिग भी थे। इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 377 और पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने 4 पीड़ित बच्चों के 164 के तहत मजिस्ट्रेट के बयान दर्ज करवाए थे।


हालांकि इनमें से एक पीड़ित पहली ही गवाही पर बयान से पलट गया था। उसे अदालत ने होस्टाइल घोषित कर दिया था। वहीं इसके बाद शिकायतकर्ता कंवरपाल ने जुल्फिकार के खिलाफ खुलकर बयान दिए थे। अब अगली सुनवाई पर पीड़ितों की गवाही शुरू होगी।

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