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उद्योगपति के बेटे की हत्या जुर्म में तीन को मिली उम्र कैद

Thu, 27 Oct 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 27 Oct 2016 12:14 AM IST
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Industrialist's son was killed in prison to life imprisonment three
Jail - फोटो : Demo Pic

करीब पौने दो साल पहले उद्योगपति के बेटे करनदीप की हत्या व लूट के मामले में जिला अदालत ने तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोषियों में सुनील यादव, मोनू और आबिद खान निवासी राम दरबार चंडीगढ़ शामिल हैं। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

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यह तीनों मृतक के पिता की कंपनी में ही काम करते थे। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपियों को सीधे जेल भेज दिया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोषियों के खिलाफ 21 गवाह पेश किए थे।
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यह मामला 24 जनवरी 2015 शाम सात बजे की है। जब इंडस्ट्रियल एरिया फेज-9 स्थित फैक्टरी में करनदीप धीमान (18) की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। फैक्टरी मालिक हरमिंदर धीमान की शिकायत पर थाना फेज-11 में आईपीसी की धारा 302, 450, 460, 411 व 382 के अधीन केस दर्ज किया गया था।
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जानकारी के मुताबिक, मुख्य दोषी सुनील यादव फेज-9 इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योगपति हरमिंदर धीमान की फैक्टरी में काम करता था। धीमान की रिहायश फैक्टरी की पहली मंजिल पर होने के कारण उसे घर के बारे में जानता था।

आरोपियों पर दर्ज हैं आपराधिक केस

Industrialist's son was killed in prison to life imprisonment three
अदालत - फोटो : file

वारदात वाले दिन फैक्टरी मालिक द्वारा बेचे गए प्लॉट की रकम आई हुई थी। इस बारे में आरोपी को पता था। साथ ही उसे पता था कि वह लुधियाना गए हुए हैं। वहीं, उनका 11वीं में पढ़ने वाले करनदीप धीमान ट्यूशन पढ़ने के लिए गया हुआ है। 

वहीं, घर में अकेली औरतें हैं। इस बीच सुनील यादव ने अपने साथियों के साथ लूटने की योजना बनाई। इसके बाद पूरी योजना के तहत शाम को अपने दोनों साथियों को लेकर फैक्टरी में दाखिल हो गया। 

इसके बाद वह फैक्टरी की पहली मंजिल पर स्थित रिहायश में पहुंच गए। वहां पर उन्होंने धीमान की पत्नी मीरा धीमान व सास स्वतंत्रता देवी पर रॉडों से हमला करके गंभीर रूप में घायल कर दिया था। 

साथ ही अलमारी में रखे लाखों रुपये की नगदी व सोने व चांदी के गहने ले गए थे। जैसे ही वह वारदात को अंजाम देकर वहां से भाग रहे थे। तो करनदीप सिंह ट्यूशन पढ़कर वापस घर पहुंच गया। 

करन फैक्टरी में अंदर जाने लगा तो आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। इस बीच उन्हें लगा कि वह फंस जाएंगे। इसके बाद लुटेरों ने उसके सिरे पर रॉड से हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई।

आरोपियों पर दर्ज हैं आपराधिक केस
पुलिस के अनुसार, मरने से पहले करनदीप धीमान ने हमलावरों में एक मजदूर को पहचान लिया था। इसके बाद आरोपियों ने उसे मार-मार कर मौत के घाट उतार दिया था। सुनील के खिलाफ अलग-अलग प्रकार के 12 आपराधिक केस दर्ज हैं। जबकि दोषी मोनू के खिलाफ भी नौ केस थाना सेक्टर-31 में लूट व चोरी के दर्ज हैं।

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