नपुंसकता केस: सीबीआई के हाथ लगे अहम सबूत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा में चार दिनों तक डेरा डाले रहने के बाद सीबीआई की टीम बुधवार दोपहर बाद यहां से रवाना हो गई। इस दौरान जिले में रहकर सीबीआई अधिकारियों ने डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले में अहम सबूत जुटाए।
टीम ने डेरा सच्चा सौदा के आसपास रहने वाले कई पुराने सेवादारों और नपुंसक बनाए गए पीड़ित साधुओं के रिश्तेदारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। पिछली बाद जब सीबीआई सिरसा आई थी तो डेरा के पास रहने वाले साधुओं ने सीबीआई के साथ सहयोग नहीं किया था, लेकिन इस बाद सीबीआई कई पुराने साधुओं और उनके परिचितों को समझाने में कामयाब रहीं।
इस बार सीबीआई को इस मामले में कई ठोस और अहम सबूत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ पीड़ित सीबीआई के साथ रवाना हुए हैं। सीबीआई पीड़ितों के मजिस्ट्रेट समक्ष कलमबद्ध बयान वीडियोग्राफी के साथ दिलवाएगी, ताकि अदालत में गवाही के दौरान कोई बयानों से पलट न सके। सीबीआई की टीम बरनाला रोड स्थित सरकारी रेस्ट हाउस से सुबह आठ बजे अपने कमरों की चाबियां सौंपकर डबवाली बाईपास मार्ग की तरफ चली गई थी।
400 साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला
गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा में करीब 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने का मामला सामने आया था। इसमें डेरा में साधु रहे हंसराज की याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी मेडिकल जांच करवाई तो अंडकोष निकाले जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर मामले की जांच करवाकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। सिरसा पुलिस ने एक माह तक जांच के बाद रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी। जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट ने सीबीआई को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज का आदेश दिया।
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा के खिलाफ अंग भंग करने, धमकी देना, लोगों को बहकाने और साजिश रचने का मामला दर्ज कर सीबीआई टीम ने जांच शुरू कर दी। सीबीआई इस मामले में साधु हंसराज से पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई को तीन माह के अंदर अपनी रिपोर्ट होई कोर्ट को सौंपनी है।