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यौन शोषण केस में IAS अफसर को बड़ी राहत

Fri, 22 May 2015 02:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Fri, 22 May 2015 02:27 PM IST
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ias officer sn roy big relief sexual harasment case

हरियाणा कैडर के आईएएस अफसर एसएन रॉय के खिलाफ यौन शोषण और धमकाने का आरोप लगाने वाली महिला की अर्जी (केस दर्ज करने की मांग) को ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया। पिछली सुनवाई के दौरान एसएसपी को भेजे गए नोटिस का जवाब मिलने के बाद कोर्ट ने यह आदेश सुनाया।

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वीरवार को कोर्ट में एसएसपी की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। इसमें एक एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर शामिल हैं और जांच के बाद ही केस दर्ज किया जाएगा।
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पुलिस के जवाब पर सहमति जताते हुए अदालत ने पीड़िता की अर्जी को खारिज कर दिया। पीड़िता ने चार मई को अर्जी दायर की थी और केस की पिछली सुनवाई के दौरान एसएसपी व सेक्टर-19 थाने के एसएचओ को नोटिस जारी कर जांच का स्टेटस तलब किया गया था।
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अर्जी खारिज होने के बाद पीड़िता के वकील अमर सिंह चहल ने कहा कि कानून के तहत अब उनके पास दो विकल्प हैं। पीड़ित पक्ष चाहे तो मामले में प्रारंभिक साक्ष्य दर्ज करवाने की कोर्ट में मांग की जा सकती है या फिर सत्र न्यायालय या हाईकोर्ट में ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की जा सकती है।

शिकायत के बाद भी दर्ज नहीं हुआ केस
पंचकूला निवासी महिला ने अदालत में सीआरपीसी 156 (3) के तहत दायर अर्जी में अपील की थी कि थाना पुलिस एसएन रॉय और उनके ड्राइवर तकदीर सिंह के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण, धमकाने व आपराधिक साजिश के तहत संबंधित धाराओं में केस दर्ज करे। पुलिस ने शिकायत देने के कई दिन बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर एसआईटी गठित होने और जांच चलने की बात कह रही है।

वहीं, पीड़िता के वकील के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत रेप विक्टिम जब भी पुलिस के पास शिकायत लेकर जाए तो पुलिस को फौरन केस दर्ज करना होता है। साथ ही आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी करनी होती है, लेकिन इस मामले में अब तक गिरफ्तारी तो दूर, केस तक दर्ज नहीं किया गया। अब तक केवल डीडीआर दर्ज की गई है।

दो बार गर्भपात कराने का भी है आरोप
पुलिस को दी शिकायत में महिला ने कहा था कि एसएन रॉय से उसकी मुलाकात 2008 में सोनीपत निवासी सुरेंद्र पंवार के जरिए हुई थी। इसके कुछ समय बाद ही पति से उसका तलाक हो गया। रॉय उसे खुद के तलाकशुदा होने की बात कहकर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाते रहे।

आरोप यह भी था कि रॉय ने उसका दो बार गर्भपात भी करवाया और ब्लैकमेल करने के झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। शिकायत के अनुसार, पीड़िता ने हरियाणा के गवर्नर और चंडीगढ़ के आईजी को पिछले वर्ष अप्रैल में शिकायत दी थी। रॉय इस समय हरियाणा अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पद पर हैं और मामला सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया है।

आईजी को सौंपी थी वीडियो क्लिपिंग
महिला ने चंडीगढ़ के आईजी आरपी उपाध्याय को शिकायत के साथ एक वीडियो क्लिपिंग भी सौंपी थी। 19 मिनट 26 सेकंड की इस वीडियो क्लिपिंग में राय और महिला सहज रूप से डांस करते दिख रहे हैं। यह क्लिपिंग 2 फरवरी 2015 की शाम 7 बजे की है।


आर्थिक शोषण करना चाहती है महिला: राय
हरियाणा के आईएएस एसएन रॉय ने वकील के जरिये कोर्ट में भेजी एप्लीकेशन में कहा था कि उन्होंने हरियाणा के मुख्य सचिव को महिला की शिकायत के बारे में सफाई दे दी है। उनका आर्थिक शोषण करने की नीयत से महिला इस तरह का आरोप लगा रही है।

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