फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   historic decision on high profile case of gang rape

बहुचर्चित गैंगरेप केस में कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

Fri, 30 Jan 2015 05:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब) Updated Fri, 30 Jan 2015 05:25 PM IST
विज्ञापन
historic decision on high profile case of gang rape

बहुचर्चित बादशाहपुर गैंगरेप केस की पीड़ित युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोष में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। एडिशनल सेशन जज जतिंदर कौर की अदालत ने मामले में महिला को दोषी करार दिया गया है।

विज्ञापन


महिला के अलावा दो नौजवानों को दस-दस साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि बादशाहपुर चौकी के तत्कालीन इंचार्ज नसीब सिंह को कोर्ट ने बरी कर दिया। सरकारी वकील संजीव बत्तरा ने बताया कि 13 नवंबर 2012 को दिवाली वाली शाम को करीब साढ़े चार बजे पीड़िता अपनी पड़ोसी शिंदरपाल कौर के साथ गुग्गा माड़ी पर दीये जलाने गई थी।
विज्ञापन


रास्ते में साजिश के तहत शिंदर पाल कौर ने युवती को पास के गांव खेड़ी नगाइयां के रहने वाले बलविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह की कार में उठवा दिया। बाद में इन नौजवानों ने अपने दोस्त संदीप सिंह की मोटर के कोठे में युवती को नशे वाली कोई दवा पिलाकर बारी-बारी से कई बार रेप किया। इसके बाद आरोपी युवती को उसी रात गांव बादशाहपुर के गुरुद्वारा साहिब के पास कार में लाकर फेंक गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट छोड़ा था

historic decision on high profile case of gang rape

पहले तो पुलिस ने पर्चा दर्ज नहीं किया, बाद में मीडिया के दवाब में वारदात के कई दिनों बाद 27 नवंबर 2012 को पुलिस ने पर्चा तो दर्ज कर लिया। मगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की, जिसके चलते उनके हौसले बुलंद हो गए और वह पीड़िता को परेशान करने लगे।

इसी के चलते पीड़िता ने समाना के सरां पत्ती एरिया में रहने वाली अपनी मौसेरी बहन हरविंदर कौर के घर पर कोई जहरीली चीज खाकर 26 दिसंबर 2012 को आत्महत्या कर ली थी। पीड़िता ने सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, शिंदर पाल कौर को उसकी आत्महत्या के लिए दोषी बताया था।

पुलिस ने 31 दिसंबर 2012 को शिंदर पाल कौर, बलविंदर, गुरप्रीत और चौकी इंचार्ज नसीब सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने और नसीब सिंह पर गलत आफिशियल रिकार्ड फ्रेम करने के आरोप में भी केस दर्ज किया था। बुधवार को शिंदर पाल कौर, बलविंदर व गुरप्रीत को सजा सुनाई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed