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छात्रा को सुसाइड के लिए उकसाने वाला गिरफ्तार, दुल्हन का शादी से इंकार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sun, 20 Mar 2016 04:10 PM IST
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हिसार कॉलेज में छात्रा की सुसाइड
- फोटो : अमर उजाला
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प्यार में धोखा खाने से आहत होकर जान देने वाली एफसी कॉलेज की छात्रा के आरोपी प्रेमी जेई अजय से महेंद्रगढ़ की लड़की ने शादी करने से इंकार कर दिया। लड़का पक्ष के लोगों ने देर रात तक लड़की पक्ष को मनाने की खूब कोशिश की, मगर परिजनों ने साफ इंकार कर दिया।
उधर सुबह परिजनों ने जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार न हो तब तक शव उठाने से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे डीएसपी जयपाल ने परिजनों को समझाने की खूब कोशिश की मगर वे नहीं माने। बाद में एसडीएम अशोक बंसल मौके पर पहुंचे।
वहीं, जनवादी महिला समिति ने छात्रा के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने ने की मांग की। परिजन मांगपत्र देने के बाद भी अड़े रहे। उधर बीती रात को ही अजय हिसार से भाग निकला।
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पंजाब से देर शाम को पुलिस उसे गिरफ्तार कर हिसार लेकर पहुंची। शाम 3 बजकर 51 मिनट पर डीएसपी ने थाने के लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर हैंड फ्री कर परिवार को मुंशी से बात करते सुनवाया। मुंशी ने अजय की गिरफ्तारी की पुष्टि की, जिसके बाद छात्रा के परिजनों ने शव उठाया।
सामाजिक कार्यों में थी रुचि
छात्रा कॉलेज में पार्ट टाइम जॉब भी करती थी। प्रशासन ने भी रेडक्रॉस सचिव से इस बारे में बातचीत कर जानकारी ली है। हालांकि प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है कि वह जॉब करती थी।
परिजनों का कहना है कि वह सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई थी। आठ बार से ज्यादा ब्लड कैंप लगवा चुकी थी। वह पढ़ाई में भी बड़ी होशियार थी। पिता का कहना है कि पूरे परिवार में वह ही पढ़ी लिखी थी जिसके अच्छी नौकरी पाने के सपने थे। वह अक्सर कहती थी पिता मैं अच्छी नौकरी जरूर लगूंगी।
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उधर सुबह परिजनों ने जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार न हो तब तक शव उठाने से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे डीएसपी जयपाल ने परिजनों को समझाने की खूब कोशिश की मगर वे नहीं माने। बाद में एसडीएम अशोक बंसल मौके पर पहुंचे।
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वहीं, जनवादी महिला समिति ने छात्रा के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने ने की मांग की। परिजन मांगपत्र देने के बाद भी अड़े रहे। उधर बीती रात को ही अजय हिसार से भाग निकला।
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पंजाब से देर शाम को पुलिस उसे गिरफ्तार कर हिसार लेकर पहुंची। शाम 3 बजकर 51 मिनट पर डीएसपी ने थाने के लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर हैंड फ्री कर परिवार को मुंशी से बात करते सुनवाया। मुंशी ने अजय की गिरफ्तारी की पुष्टि की, जिसके बाद छात्रा के परिजनों ने शव उठाया।
सामाजिक कार्यों में थी रुचि
छात्रा कॉलेज में पार्ट टाइम जॉब भी करती थी। प्रशासन ने भी रेडक्रॉस सचिव से इस बारे में बातचीत कर जानकारी ली है। हालांकि प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है कि वह जॉब करती थी।
परिजनों का कहना है कि वह सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई थी। आठ बार से ज्यादा ब्लड कैंप लगवा चुकी थी। वह पढ़ाई में भी बड़ी होशियार थी। पिता का कहना है कि पूरे परिवार में वह ही पढ़ी लिखी थी जिसके अच्छी नौकरी पाने के सपने थे। वह अक्सर कहती थी पिता मैं अच्छी नौकरी जरूर लगूंगी।