'संत' रामपाल पर होगा एक और 'अटैक'
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लोगों के असाध्य रोगों के इलाज का दावा करने वाले तथाकथित संत रामपाल का ‘इलाज’ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ड्रग एक्ट के तहत पुलिस को रामपाल के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। जानकारों का कहना है कि इनमें ऐसी धाराएं लगी हैं जिसमें किसी भी तरीके से रामपाल व सतलोक आश्रम की अथॉरिटी का बच पाना मुश्किल है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो रामपाल पर ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट 18सी व 18 ए के तहत, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट जिसमें 15 (2) व 15 (3), क्लीनिकल इस्टेबलिसमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाना है।
मेडिकल प्रेक्टिस चल रही थी आश्रम में
स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल बरवाला के एसएमओ डॉ. परमजीत, डॉ. सतबीर वर्मा आयुर्वेद डॉक्टर, ड्रग इंस्पेक्टर रजनीश धानीवाल व रमन श्योराण ने सीएमओ की सौंपी रिपोर्ट में लिखा है कि आश्रम में फुल एंड फाइनल मेडिकल प्रेक्टिस चल रही थी।
आश्रम में 26 प्रकार के उपकरण मिले
आश्रम के अंदर 134 प्रकार की सभी जरनल दवाइयां थी, जिसे विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। इन दवाइयों में 16 प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां भी मिली हैं।
कई प्रकार का सामान मिलने का उल्लेख
स्वास्थ्य विभाग के दल ने आश्रम में 26 प्रकार के उपकरण मिलने की बात भी रिपोर्ट में लिखी है। रिपोर्ट में एक्सरे मशीनें, सीजर, स्टेथोस्कॉप, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्टैंड, इंजेक्शन, नेबुलाइजर सहित कई प्रकार का सामान मिलने का उल्लेख है।
इन धाराओं में ये है सजा
1. ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 18 (सी) व 18 (ए) के तहत सात साल की सजा व 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
2. इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट जिसमें 15 (2) व 15 (3) में तीन साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान है।
3. क्लीनिकल इस्टेबिलिसमेंट एक्ट के तहत भी कठोर करावास का प्रावधान है।