हरियाणा में विजिलेंस का एक्शन: अंबाला डीटीओ और करनाल के एमवीओ को दबोचा, मंथली वसूली का आरोप
चार दिन की पुलिस रिमांड में आरोपी सुभाष ने कई बड़े खुलासे किए थे, जिसमें मंथली वसूली के इस खेल में करनाल के एमवीओ जसमेर और अंबाला के डीटीओ रमित यादव के नाम भी सामने आए थे। इसी के चलते विजिलेंस ने अब इन दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर लिया है।
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यमुनानगर के डीटीओ सुभाष चंद्र के बाद अब अंबाला के डीटीओ एचसीएस अधिकारी रमित यादव और करनाल के एमवीओ निरीक्षक जसमेर को हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अंबाला के डीटीओ भी सुभाष चंद्र की तरह एजेंटों के माध्यम से ट्रांसपोर्टरों और ओवरलोड वाहन चालकों से मंथली एकत्रित करते थे जबकि एमवीओ जसमेर यमुनानगर के डीटीओ सुभाष के लिए करनाल क्षेत्र में वसूली करता था। विदित हो कि डीटीओ सुभाष चंद्र के पास यमुनानगर के अतिरिक्त करनाल का भी चार्ज था। दोनों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने बताया कि विजिलेंस ने यमुनानगर के डीटीओ के मामले में कुछ एजेंटों को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 36.93 लाख रुपये बरामद हुए थे। पूछताछ में कड़ी जुड़ती गई। इसके बाद 15 अक्तूबर को विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के आरोप में करनाल और यमुनानगर के डीटीओ सुभाष चंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी डीटीओ सुभाष चंद्र के कब्जे से भी रिश्वत के 30 लाख रुपये बरामद किए गए थे। चार दिन की पुलिस रिमांड में आरोपी सुभाष ने कई बड़े खुलासे किए थे, जिसमें मंथली वसूली के इस खेल में करनाल के एमवीओ जसमेर और अंबाला के डीटीओ रमित यादव के नाम भी सामने आए थे। इसी के चलते विजिलेंस ने अब इन दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुराने मामले में जुड़ी कड़ी
इंस्पेक्टर ने बताया कि धरे गए आरोपी एमवीओ जसमेर की पुराने मामले में ही कड़ी जुड़ी है। वहीं डीटीओ सुभाष चंद्र की गिरफ्तारी के बाद अंबाला के डीटीओ रमित यादव के पास पंचकूला और यमुनानगर के डीटीओ का अतिरिक्त प्रभार था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी खनन की जो भी गाड़ियां ओवरलोड होकर चलती थीं या अन्य सामान के जो भारी वाहन ओवर हाइट होकर चलते थे, उनके ट्रांसपोर्टर या वाहन मालिक से एजेंटों के माध्यम से मंथली एकत्रित करते थे। खासतौर पर यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला और करनाल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के ट्रांसपोर्टरों से राशि वसूली जाती थी।