मां और दो बेटियों के किए थे टुकड़े-टुकड़े, 182 दिन बाद भिवानी में दो लाख का इनामी आरोपी गिरफ्तार
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मां और दो बेटियों के सिर धड़ से अलग कर शरीर के छोटे-छोटे टुकड़े कर ड्रम में डालकर गांव में फेंकने वाले मुख्य आरोपी राजेश को पुलिस ने 182 दिन बाद दबोच लिया है। दो लाख के इनामी राजेश को पुलिस ने शुक्रवार को सामान निनान गांव के पास निर्माणाधीन बाईपास से गिरफ्तार किया। इतने दिनों वह दिल्ली में छिपा था। वह अपने साथियों से मिलने आ रहा था। एसपी का कहना है कि सूचना देने वाले सूत्र को दो लाख का इनाम दिया जाएगा।
बता दें कि 28 दिसंबर की सुबह भिवानी-रोहतक हाईवे पर गांव खरक के पास प्लास्टिक ड्रम में तीन शव मिले थे। शवों के छोटे-छोटे टुकड़े किए गए थे। तीनों ही शवों के सिर नहीं थे। यह ब्लाइंड मर्डर पुलिस के लिए पहेली बना हुआ था।
मामले की जांच के लिए पुलिस ने बंगाल और असम तक की दौड़ लगाई। शवों की पहचान करना मुश्किल था लेकिन पोस्टमार्टम से पता चला कि शव एक महिला और दो बच्चियों के थे। छोटी बच्ची की उम्र बमुश्किल सात माह थी, जबकि बड़ी बच्ची करीब 10-11 वर्ष की थी।
पुलिस ने मामले में 27 जनवरी को मध्य प्रदेश के जिला दमोह निवासी मक्कखन और नेहरू पार्क क्षेत्र निवासी पूनम फौजी को गिरफ्तार किया। इसके बाद सारा खुलासा हुआ। प्राथमिक जांच में सामने आया था कि असम निवासी महिला अपने पति और एक बेटी के साथ काम के लिए भिवानी आई थी। जो बाद में कबाड़ी राजेश के संपर्क में आई।
राजेश के संपर्क में आने के बाद उसके पति ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद वह राजेश के ही बावड़ी गेट स्थित गोदाम में रहने लगी। यहां उसने एक बेटी को जन्म दिया। बताया जाता है कि दूसरी बेटी राजेश की है। महिला ने बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा तो दोनों में विवाद हो गया। राजेश पहले से ही शादीशुदा था।
इसी कारण उसने अपने दोनों साथियों मक्खन और पूनम फौजी के साथ मिलकर महिला और उसकी बच्चियों की हत्या कर दी। दोनों आरोपियों के बताए अनुसार पुलिस ने गोदाम में खुदाई भी करवाई लेकिन मृतकों के सिर नहीं मिले। मृतकों के सिर नहीं मिलने पर उनकी पहचान पुख्ता करने के लिए महिला का डीएनए टेस्ट कराया गया, जिससे साफ हुआ कि महिला असम के ही एक परिवार की सदस्य थी। अब पुलिस राजेश का भी डीएनए करवाएगी।
यूं पकड़ में आया राजेश
पुलिस को सूचना मिली कि राजेश अपने साथियों से मिलने बावड़ी गेट स्थित गोदाम में मिलने आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने आसपास के अलावा रोहतक रोड पर डेरा डाला। राजेश निनान के गांव निर्माणाधीन बाईपास पर एक सवारी वाहन से उतरा और पैदल चलने लगा। यहीं से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि अब तक उसने भिवानी में संपर्क नहीं किया। जिस कारण वह बचा रहा।
आइडेंटिफाइड क्राइम योजना में भी शामिल किया मामला
एसपी गंगाराम पुनिया ने बताया कि ट्रिपल मर्डर केस में राजेश को आइडेंटिफाइड क्राइम में भी शामिल किया गया है। इसमें जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला न्यायवादी व जेल सुपरिंटेंडेंट सदस्य के तौर पर काम करते हैं।
इन सदस्यों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि ट्रायल के दौरान अनुसंधान में जुटाए गए ठोस तथ्य वैज्ञानिक पहलुओं पर आधारित हों और अनुसंधान के दौरान उसे मजबूती से रखा जा सके, ताकि आरोपी को न्यायालय में कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
राजेश हत्याकांड में मुख्य आरोपी था। पुलिस महानिदेशक ने दो लाख रुपये इनाम रखा था। राजेश से पूछताछ की जा रही है। इनाम सूचना देने वाले को दिया जाएगा। - गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक