गन हाउस से किराए पर मिला तीन साल पहले मर चुकी महिला का रिवॉल्वर, फिर हुई थी ये वारदात
लोकसभा चुनाव के दौरान पांच मई को लवली आटोज जालंधर में सरेआम युवती को शूट करने के बाद खुद को गोली से उड़ाने वाले युवक मनप्रीत सिंह के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस वारदात में मनप्रीत ने जिस लाइसेंसी रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया था, वह तीन साल पहले मर चुकी महिला के नाम पर था।
इसे कपूरथला के चाचा गन हाउस चलाने वाले बिक्रमजीत सिंह ने मनप्रीत को 50 हजार रुपये में किराये पर दिया था। वारदात के बाद से गन हाउस पर ताला लटका हुआ है। यह खुलासा होने के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है।
मामले की जांच में पाया गया कि गांव इब्बन की रहने वाली मनजीत कौर की 2016 में मौत हो गई थी और उसकी मौत से पहले से ही रिवाल्वर गन हाउस में जमा था। इसी का फायदा उठाते हुए गन हाउस चलाने वाले बिक्रमजीत सिंह ने रिवाल्वर मनप्रीत सिंह को किराये पर दे दिया। यह रिवाल्वर कपूरथला प्रशासन ने नवंबर 2019 तक रिन्यू भी किया हुआ है।
जालंधर के थाना डिवीजन नंबर 4 के एसएचओ एसआई कमलजीत सिंह के अनुसार जालंधर के इस्लामगंज स्थित भारत गन हाउस के मालिक सरवन सिंह के जरिये मनप्रीत को रिवाल्वर किराए पर दिलाया गया था। सरवन सिंह व बिक्रमजीत सिंह पिता-पुत्र हैं। इस वारदात के बाद से ही दोनों फरार हैं।
मामले की जांच की जा रही है। चाचा गन हाउस का मालिक इस समय अमेरिका में है। बिक्रमजीत सिंह ही गन हाउस चला रहा था। उधर, कपूरथला के सुखजीत नगर स्थित चाचा गन हाउस के आस पड़ोस के दुकानदारों के अनुसार गन हाउस पांच मई से ही बंद है। चुनाव खत्म होने के बाद लोग रोज अपने हथियार लेने आ रहे हैं और दुकान बंद देख इधर-उधर पूछताछ कर रहे हैं।
एनआरआई के हथियार जमा
गन हाउस में अधिकतर एनआरआई और मृत लोगों के हथियार पड़े ही रह जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक ऐसे हथियार के बारे में वर्षों तक कोई पूछने नहीं आता। ऐसे में वो हथियार कहां और किस काम इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं, इस बारे में भी पुलिस को कुछ नहीं पता होता। सूत्रों के मुताबिक 200 के करीब ऐसे हथियार कई गन हाउस में जमा हैं, जिनके मालिक उनको जमा करवाने के बाद विदेश चले गए।