फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   government worried as badal backs early release for terror convict

बादल की एक चिट्ठी ने उड़ाई गृहमंत्रालय की नींद

Thu, 08 Jan 2015 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 08 Jan 2015 09:54 AM IST
विज्ञापन
government worried as badal backs early release for terror convict

पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारोपी जगतार सिंह तारा की गिरफ्तारी के बाद एकाएक सीएम बादल की एक चिट्ठी चर्चा में आ गई है। बीते 24 दिसंबर को सीएम बादल ने ये चिट्ठी  उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिमी बंगाल, कर्नाटक और गुज़रात के मुख्यमंत्रियों सहित चंडीगढ़ के प्रशासक व दिल्ली के ले. गवर्नर को भेजी थी।

विज्ञापन


चिट्ठी में बादल ने देशभर की विभिन्न जेलों में अनेक वर्षों से टाडा एक्ट के अधीन नजरबंद पंजाब से संबंधित 13 कैदियों की समय से पूर्व रिहाई का मुद्दा उठाया था। पंजाब सरकार की तरफ से यह चिट्ठी ऐसे वक्त लिखी गई है जब पंजाब के सीएम रहे बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह तारा की गिरफ्तारी बीते दिन ही थाइलैंड से 10 साल बाद हुई है।

विज्ञापन

खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ी

government worried as badal backs early release for terror convict

तारा की गिरफ्तारी होने की खबर फैलते ही सोमवार को गृह मंत्री के ध्यान में सीएम प्रकाश सिंह बादल द्वारा लिखा पत्र लाया गया तो खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ गई। राजनाथ सिंह के संबंधित अधिकारियों से उक्त पत्र के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

पत्र में सीएम बादल ने राज्य के मुख्यमंत्रियों से उनके राज्यों की जेलों में बंद पंजाब के कैदियों की समय से पूर्व रिहाई के बारे में मांग की थी। पंजाब सरकार ने जिन 13 कैदियों की रिहाई के लिए चिट्ठी लिखी है उनमें पूर्व सीएम बेअंत सिंह के दो साथी भी शामिल हैं।

इस मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में जल्द ही पार्टी का एक शिष्टमंडल गृह मंत्री से मिलेगा और अपनी राय देगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed