चंडीगढ़: ब्लैकबोर्ड पर नाम लिखने से नाराज छठी की छात्रा ने मॉनिटर को पीटा, 16 दिन बाद बच्ची की मौत
शिक्षा विभाग की निदेशक पालिका अरोड़ा ने बताया कि 17 मार्च को प्रियंका का पेपर था। वह पेपर देने नहीं आई तो टीचर ने घर फोन किया। परिजनों ने बताया कि उसकी तबीयत खराब है। 20 मार्च को छात्रा की मौत हो गई। इससे सभी हैरान हैं।
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ब्लैकबोर्ड पर नाम लिखने से खफा छठी कक्षा की एक छात्रा ने मॉनिटर को बुरी तरह पीट दिया। घटना के 16 दिन बाद 20 मार्च को मलोया निवासी 11 वर्षीय छात्रा व क्लास की मॉनिटर प्रियंका भारती की मौत हो गई। पिता का आरोप है कि स्कूल में हुई पिटाई की वजह से ही बेटी की मौत हुई। अब इस घटना से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं पुलिस हैरान है कि 16 दिन बाद छात्रा की मौत आखिर कैसे हुई। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अब विसरा की जांच कराई जा रही है।
मृतक छात्रा प्रियंका के पिता मिथिलेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी मलोया के स्मॉल फ्लैट के सरकारी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ती थी। वो पढ़ने में बहुत तेज थी, इसलिए टीचर ने उसे क्लास मॉनिटर बनाया था। तीन मार्च को टीचर ने छठी कक्षा के सेक्शन ए और बी को संयुक्त रूप से बैठा रखा था और प्रियंका की जिम्मेदारी लगाई थी कि जो भी बच्चा हल्ला करे, वह उसका नाम ब्लैकबोर्ड पर लिख दे। मिथिलेश ने बताया कि इस दौरान एक छात्रा ने शोर मचाया तो उनकी बेटी ने ब्लैकबोर्ड पर उसका नाम लिख दिया। इससे वह काफी नाराज हो गई और प्रियंका को पीटने लगी। प्रियंका को काफी चोटें आईं और उसके पैर से खून भी बहा लेकिन स्कूल ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और प्रियंका को घर भेज दिया। प्रियंका ने उस दिन उन्हें नहीं बताया कि उसे चोट लगी है। 10 मार्च को उसके पैर में सूजन आ गई। उन्हें लगा कि बेटी के पैर में मोच आई है और उसी के अनुसार उन्होंने इलाज कराना शुरू कर दिया। बेटी ने भी उन्हें पिटाई की बात नहीं बताई और कहा कि सीढ़ी से गिरने से पैर में सूजन आई है।
16 मार्च को खराब हुई हालत तो ले गए अस्पताल
मिथिलेश ने बताया कि वह छह दिन तक मोच का इलाज कराते रहे लेकिन जब 16 मार्च को बेटी के पैर की हालत खराब हो गई तो वह उसे रामदरबार स्थित ईएसआई अस्पताल ले गए। वहां छात्रा ने डॉक्टर को बताया कि उसे स्कूल में पीटा गया था। डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत करने के बाद ही इलाज करने की बात कही लेकिन मौके पर इलाज कराने के लिए पिता ने लिखकर दे दिया कि बेटी सीढ़ी से गिर गई है। पिता ने बताया कि 19 तक प्रियंका ठीक रही लेकिन 20 मार्च को काफी बिगड़ गई तो वह उसे जीएमएसएच-16 लेकर गए लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि प्रियंका की रास्ते में ही मौत हो गई है। इसके बाद पोस्टमार्टम हुआ है लेकिन रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी गई है।
क्लास मॉनिटर थी, उसी का खामियाजा भुगतना पड़ा : पिता
मिथिलेश ने कहा कि उन्होंने प्रियंका के साथ में पढ़ने वाले बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया है कि स्कूल की ही छात्रा ने उसे पीटा था। पिता ने कहा कि उनकी बेटी बहुत होनहार थी। वह क्लास मॉनिटर थी और उसी का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा है। वह उन्हें हर बात बताती थी, लेकिन पता नहीं क्यों स्कूल में हुई इस घटना के बारे में उसने घर पर नहीं बताया। उधर, पुलिस विसरा जांच करा रही है और रिपोर्ट को जीएमसीएच-32 और सीएफएसएल भेजा गया है। इलाज के दौरान छात्रा ने जो दवाइयां खाई थीं, पुलिस ने उसे भी कब्जे में ले लिया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्कूल का दौरा किया और जानकारी जुटाई जा रही है।
शिक्षा विभाग ने बनाई जांच कमेटी, क्लास के बच्चों से जुटा रहे जानकारी
शिक्षा विभाग की निदेशक पालिका अरोड़ा ने बताया कि 17 मार्च को प्रियंका का पेपर था। वह पेपर देने नहीं आई तो टीचर ने घर फोन किया। परिजनों ने बताया कि उसकी तबीयत खराब है। 20 मार्च को छात्रा की मौत हो गई। इससे सभी हैरान हैं। सोमवार को मामले की जांच के लिए शिक्षा विभाग ने एक जांच कमेटी बनाई है, जो स्कूल के बच्चों से जानकारी जुटा रही है। हालांकि अभी तक की जानकारी के अनुसार, बेंच में पैर फंसने से प्रियंका को चोट लगी थी। इसके बाद उसके दोस्तों ने पानी से धोकर निकले खून को साफ कर दिया था। छात्रा और उसके दोस्तों ने इसकी जानकारी शिक्षक को नहीं दी थी। इसके बाद छात्रा ने स्कूल में एक पेपर भी दिया। पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में भी परिजनों ने छात्रा की चोट के बारे में स्कूल को जानकारी नहीं दी।
विसरा जांच करवाई जाएगी
प्राथमिक जांच में मारपीट की वजह से मौत हुई, ऐसा नहीं लग रहा है। मौत के असल कारणों का पता लगाने के लिए विसरा जांच कराई जा रही है। सैंपल सीएफएसएल भेज दिया गया है। सीएफएसएल से रिपोर्ट आने के बाद मौत के असल कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। - जसपाल सिंह भुल्लर, एसएचओ, मलोया थाना
शिक्षा विभाग ने बनाई कमेटी
इस मामले को पुलिस देख रही है स्कूल की छात्रा की मौत के बाद शिक्षा विभाग ने कमेटी बना दी है। जांच विभाग के उच्च अधिकारी कर रहे हैं। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी हमको नहीं मिली है, इसलिए अभी मौत के कारणों का कुछ पता नहीं चला है। कक्षा में लड़ाई नहीं हुई थी। शिक्षक मौके पर ही थे। - पंकेश कुमार, हेडमास्टर, मलोया स्कूल