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गैंगरेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने निकला था भाई, खुद भी 'आबरू' गंवाई

Thu, 16 Jun 2016 10:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 16 Jun 2016 10:09 AM IST
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gang rape with sister by 5 police man, now sexual assault with his brother by police
युवक का यौन शोषन - फोटो : demo pics

नाबालिग लड़की से 5 पुलिसकर्मियों के गैंगरेप का मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब उसके भाई का यौन शोषन होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

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दरअसल चंडीगढ़ के खुड्डा लाहौरा की एक नाबालिग लड़की से चंडीगढ़ पुलिस के पांच कर्मचारियों द्वारा करीब ढाई महीने तक गैंगरेप किए जाने के मामले को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि अब चंडीगढ़ पुलिस पर पीड़िता के भाई से मारपीट करने और उसका यौन शोषण करने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है।
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पीड़िता के भाई ने चंडीगढ़ गृह विभाग के प्रधान सचिव, एसएसपी चंडीगढ़ और सेक्टर-34 पुलिस थाने के एसएचओ को प्रतिवादी बनाते हुए याचिका दायर कर धमकी देने, मारपीट करने और उसका यौन उत्पीड़न करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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इस याचिका पर 19 जुलाई को सुनवाई होगी। एडवोकेट अर्जुन श्योराण के मार्फत दायर की गई याचिका में पीड़ित युवक ने कहा है कि वह और उसका परिवार बीते दो साल से पुलिस प्रताड़ना का शिकार हो रहा है।

वर्ष 2013 में याचिकाकर्ता की नाबालिग चचेरी बहन के साथ चंडीगढ़ पुलिस के पांच सिपाहियों ने करीब ढाई महीने तक गैंगरेप किया, जिसके बारे में मुख्य शिकायतकर्ता के रूप में याची ने सेक्टर 11 थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। याची का कहना है कि उस समय से ही वह पुलिस के निशाने पर है।

थाने में पुलिसकर्मियों ने उसके साथ्‍ा मारपीट और शारीरिक शोषण किया

gang rape with sister by 5 police man, now sexual assault with his brother by police
युवक का यौन शोषन - फोटो : demo pics

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि वह 14 मई, 2014 को जब चंडीगढ़ जिला अदालत में अपनी बहन के केस में बतौर गवाह पेश हुआ, तब आरोपी पुलिस कर्मियों के रिश्तेदारों ने उससे मारपीट की थी। इसके कारण उसने अपनी सुरक्षा के लिए जिला अदालत में अर्जी दायर की, जिस पर अदालत ने एसएसपी को निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन उसके बावजूद उसे सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।

याचिका में कहा गया है कि 7 जुलाई, 2014 को जब वह अपने घर से एक्टिवा पर जा रहा था, तब कुछ पुलिस कर्मियों ने उसे रोका और अपने वाहन में जबरन बिठाकर सेक्टर-34 पुलिस थाने ले गए। वहां एक महिला पुलिसकर्मी समेत मौजूद सभी पुलिस कर्मियों ने उसे प्रताड़ित किया और मारपीट की। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि थाने में पुलिसकर्मियों ने उसका शारीरिक शोषण भी किया।

याचिकाकर्ता का कहना है कि थाने में पुलिसकर्मियों ने उसे होमोसैक्सुअल और हिजड़ा तक कहा। बाद में इस बारे में याची ने एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने शिकायत लेने से मना कर दिया। बाद में कप्लेंट विंडो पर भी याची ने शिकायत दी लेकिन वहां भी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद याची ने मीडिया में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

इसके बाद एसएसपी ने बयान जारी कर सेक्टर-34 थाने में ऐसी कोई घटना होने से न सिर्फ इंकार कर दिया बल्कि किसी तरह की जांच कराने से भी मना कर दिया। आखिरकार याचिकाकर्ता ने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को पुलिस में दी गई शिकायत की प्रति पेश करने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 19 जुलाई तय कर दी है।

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