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ठगीः एक लाख का लोन लेने के चक्कर में गवां दिए 70 हजार
ब्यूरो्/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 21 Mar 2016 02:23 PM IST
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ऑनलाइन फ्रॉड
- फोटो : फाइल फोटो
रोहतक में महज एक लाख रुपये का लोन लेने के चक्कर में एक निजी कंपनी के कर्मचारी ने 70 हजार रुपये गवां दिए। इसके बावजूद भी उसे लोन नहीं मिल सका। फर्जी लोन कंपनी बनाकर शातिरों ने पीड़ित को कई महीने तक धोखे में रखा। अब बोहर निवासी प्रदीप की शिकायत पर अर्बन एस्टेट थाने में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में प्रदीप ने बताया कि वह लुधियाना में हर्बल कंपनी की शाखा में कार्यरत है। उसे कुछ पैसों की जरूरत थी। गत 18 जनवरी को वह बोहर आया था तो यहां उसने एक समाचार पत्र में लोन दिलवाने वाली कंपनी का विज्ञापन पढ़ा। इसके बाद प्रदीप ने संबंधित विज्ञापन कंपनी के मोबाइल फोन नंबर पर काल की। शातिरों ने पीड़ित से कुछ जानकारी ली और लोन जारी करवाने के एवज में 10 हजार रुपये ठग लिए।
उन्होंने प्रदीप को आश्वासन दिया कि लोन पास होने के बाद रुपये वापस मिल जाऐंगे। शातिरों ने प्रदीप के बैंक खाते को चालू खाते में बदलवाने की नाम पर 12 हजार रुपये ले लिए। 24 जनवरी को शातिरों ने प्रदीप के पास फोन किया कि वे दिल्ली में रुपये लिए खड़े हैं। इसके लिए खाते में 20 हजार रुपये और जमा करवाने होंगे।
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इस पर प्रदीप ने शातिरों के खाते में रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद भी उसके घर लोन के रुपये नहीं पहुंचे। इसके बाद भी शातिरों ने प्रदीप से ठगी की। मगर डेढ़ महीने तक प्रदीप को लोन नहीं मिल सका तो उसने पुलिस को मामले की शिकायत दी।
तीन बैंक खातों में जमा करवाई राशि
प्रदीप ने आरोपियों के तीन बैंक खातों में रुपये जमा करवाए हैं। प्रदीप ने बताया कि तीनों बैंक खातों की डिटेल पुलिस को सौंप दी गई है। आरोपियों ने पहले तो प्रदीप के पास चंडीगढ़ से फोन किया, फिर बताया कि वे फरीदाबाद से बोल रहे हैं। शातिरों ने कहा कि उनका हेड ऑफिस बंगलुरु में है। अब आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद आ रहा है।
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पुलिस को दी शिकायत में प्रदीप ने बताया कि वह लुधियाना में हर्बल कंपनी की शाखा में कार्यरत है। उसे कुछ पैसों की जरूरत थी। गत 18 जनवरी को वह बोहर आया था तो यहां उसने एक समाचार पत्र में लोन दिलवाने वाली कंपनी का विज्ञापन पढ़ा। इसके बाद प्रदीप ने संबंधित विज्ञापन कंपनी के मोबाइल फोन नंबर पर काल की। शातिरों ने पीड़ित से कुछ जानकारी ली और लोन जारी करवाने के एवज में 10 हजार रुपये ठग लिए।
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उन्होंने प्रदीप को आश्वासन दिया कि लोन पास होने के बाद रुपये वापस मिल जाऐंगे। शातिरों ने प्रदीप के बैंक खाते को चालू खाते में बदलवाने की नाम पर 12 हजार रुपये ले लिए। 24 जनवरी को शातिरों ने प्रदीप के पास फोन किया कि वे दिल्ली में रुपये लिए खड़े हैं। इसके लिए खाते में 20 हजार रुपये और जमा करवाने होंगे।
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इस पर प्रदीप ने शातिरों के खाते में रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद भी उसके घर लोन के रुपये नहीं पहुंचे। इसके बाद भी शातिरों ने प्रदीप से ठगी की। मगर डेढ़ महीने तक प्रदीप को लोन नहीं मिल सका तो उसने पुलिस को मामले की शिकायत दी।
तीन बैंक खातों में जमा करवाई राशि
प्रदीप ने आरोपियों के तीन बैंक खातों में रुपये जमा करवाए हैं। प्रदीप ने बताया कि तीनों बैंक खातों की डिटेल पुलिस को सौंप दी गई है। आरोपियों ने पहले तो प्रदीप के पास चंडीगढ़ से फोन किया, फिर बताया कि वे फरीदाबाद से बोल रहे हैं। शातिरों ने कहा कि उनका हेड ऑफिस बंगलुरु में है। अब आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद आ रहा है।