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फर्जी डिग्री पर चला रहा था क्लीनिक, पुलिस ने दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 07 Apr 2016 10:44 AM IST
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भ्रूण लिंग जांच कराने वाली एएनएम दो दिन के रिमांड पर
- फोटो : bureau
पंचकूला में पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी की और फर्जी डिग्री पर क्लिनिक चला रहे डॉक्टर को पकड़ लिया। मामला पंचकूला का है। आरोपी डॉक्टर बिहार के एक मेडिकल कालेज की फर्जी डिग्री पर सेक्टर-20 स्थित एक मकान में प्राइवेट क्लीनिक चला रहा था। छापेमारी के दौरान क्लीनिक से काफी मात्रा में मेडिकल सामग्री और दवाएं इत्यादि बरामद की गई है। ये कार्रवाई जिला स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम की मौजूदगी में की गई।
छापेमारी के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया। टीम ने क्लीनिक चलाने वाले डा.सत्यवीर सिंह की डिग्री की जांच की तो ज्ञात हुआ ये फर्जी डिग्री थी। पुलिस ने बताया कि बिहार राज्य की फर्जी डिग्री पर डा. सत्यवीर पंचकूला में लंबे समय से प्राईवेट क्लीनिक चला रहा था। पुलिस ने गिरफ्तारी के उपरांत फर्जी डाक्टर को अदालत में पेश किया,जहां आगामी आदेशों तक उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए हैं।
सेक्टर-20 थाना के प्रभारी यशदीप सिंह ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पंचकूला के सेक्टर 20 स्थित मकान नंबर 198 में प्राईवेट क्लीनिक चलाने वाला डाक्टर फर्जी है। यह सूचना मिलते ही जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित की गई, जिसमें डिप्टी सिविल सर्जन यशपाल, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. प्रतिभा तथा डीसीओ डा. सारिका मलिक के अलावा सेक्टर 20 पुलिस थाना के उप निरीक्षक रमेश कुमार तथा हवलदार जोगिंद्र सिंह शामिल रहे। बुधवार को टीम ने छापेमारी के दौरान मौके से करीब कैप्टस, टेबलेट सहित करीब 28 मेडिकल आइटमें बरामद की है।
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इन्हें कब्जे में लेने के बाद फर्जी डाक्टर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। बताया गया है फर्जी डाक्टर पर इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट सेक्टर 15 के तहत कार्रवाई कई गई है। हरियाणा स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर पिछले काफी समय से झोला छाप डाक्टरों और भ्रूण हत्या जैसे घृणित कृत्यों में लिप्त गायनी सेंटरों और अल्टासाउंड केंद्र पर लगातार कार्रवाई जारी है। गत 18 मार्च को पंचकूला सेक्टर 17 की अस्पताल साइट में स्थित एक गायनी सेंटर पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की थी।
20 दिन पहले हुई इस कार्रवाई के दौरान एक प्राईवेट अस्पताल में चल रहे गायनी सेंटर के संचालक के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। डिप्टी सिविल सर्जन डा. यशपाल के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर झोलाछाप डाक्टरों और उन लोगों पर है,जो फर्जी डिग्रियों के दम पर लोगों का इलाज कर कर रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसे तत्वों पर नजर रखें और इसकी तुरंत सूचना विभाग को दें।
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छापेमारी के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया। टीम ने क्लीनिक चलाने वाले डा.सत्यवीर सिंह की डिग्री की जांच की तो ज्ञात हुआ ये फर्जी डिग्री थी। पुलिस ने बताया कि बिहार राज्य की फर्जी डिग्री पर डा. सत्यवीर पंचकूला में लंबे समय से प्राईवेट क्लीनिक चला रहा था। पुलिस ने गिरफ्तारी के उपरांत फर्जी डाक्टर को अदालत में पेश किया,जहां आगामी आदेशों तक उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए हैं।
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सेक्टर-20 थाना के प्रभारी यशदीप सिंह ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पंचकूला के सेक्टर 20 स्थित मकान नंबर 198 में प्राईवेट क्लीनिक चलाने वाला डाक्टर फर्जी है। यह सूचना मिलते ही जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित की गई, जिसमें डिप्टी सिविल सर्जन यशपाल, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. प्रतिभा तथा डीसीओ डा. सारिका मलिक के अलावा सेक्टर 20 पुलिस थाना के उप निरीक्षक रमेश कुमार तथा हवलदार जोगिंद्र सिंह शामिल रहे। बुधवार को टीम ने छापेमारी के दौरान मौके से करीब कैप्टस, टेबलेट सहित करीब 28 मेडिकल आइटमें बरामद की है।
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इन्हें कब्जे में लेने के बाद फर्जी डाक्टर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। बताया गया है फर्जी डाक्टर पर इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट सेक्टर 15 के तहत कार्रवाई कई गई है। हरियाणा स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर पिछले काफी समय से झोला छाप डाक्टरों और भ्रूण हत्या जैसे घृणित कृत्यों में लिप्त गायनी सेंटरों और अल्टासाउंड केंद्र पर लगातार कार्रवाई जारी है। गत 18 मार्च को पंचकूला सेक्टर 17 की अस्पताल साइट में स्थित एक गायनी सेंटर पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की थी।
20 दिन पहले हुई इस कार्रवाई के दौरान एक प्राईवेट अस्पताल में चल रहे गायनी सेंटर के संचालक के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। डिप्टी सिविल सर्जन डा. यशपाल के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर झोलाछाप डाक्टरों और उन लोगों पर है,जो फर्जी डिग्रियों के दम पर लोगों का इलाज कर कर रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसे तत्वों पर नजर रखें और इसकी तुरंत सूचना विभाग को दें।