फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Former SAD leader Babbi Badal joins Shiromani Akali Dal Taksali

लोकसभा 2019: पंजाब में शुरू हुआ भतीजा वार, ये दो पार्टियां ऐसे दे रही एक-दूसरे को चुनौती

Fri, 15 Mar 2019 01:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 15 Mar 2019 01:18 AM IST
विज्ञापन
Former SAD leader Babbi Badal joins Shiromani Akali Dal Taksali
शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) - फोटो : अमर उजाला

शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के प्रधान रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के भतीजे गुरिंदर सिंह टोनी ब्रह्मपुरा के एक दिन पहले शिअद ज्वाइन की थी। उसके जवाब में टकसालियों ने पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के भतीजे हरसुखइंदर सिंह बब्बी बादल को शामिल करवाया। प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत में ब्रह्मपुरा ने बब्बी बादल को पार्टी की यूथ विंग का प्रधान बनाने का एलान किया। हालांकि उन्होंने कहा कि टोनी ब्रह्मपुरा उनके भतीजे नहीं हैं। 

विज्ञापन


वह उनके गांव तक के नहीं हैं और उनकी मुखालफत करते रहे हैं। जबकि, बब्बी बादल के दादा और सुखबीर बादल के दादा सगे भाई थे। इनके परिवार ने बादल परिवार और अकाली दल के लिए कुर्बानियां दीं। लेकिन इन्हें नजरंदाज कर दिया गया। सुखबीर के प्रधान बनने के बाद पार्टी का सत्यानाश हो गया। एसजीपीसी का सियासीकरण कर दिया गया। 
विज्ञापन


उन्होंने आरोप लगाया कि एक दिन पहले तरनतारन में शिअद की रैली में लंगर श्री दरबार साहिब से आया था। पूर्व एसजीपीसी प्रधान जागीर कौर की मौजूदगी में शराब पिलाई गई। बब्बी बादल ने कहा कि पार्टी में मजीठिया का प्रभाव बढ़ने के बाद से ही वह घुटन महसूस कर रहे थे। शिअद द्वारा बेअदबी की जांच को गठित एसआईटी का बायकॉट करने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या मनतार बराड़ श्री गुरु ग्रंथ साहिब से ऊपर हो गए हैं। कौम की रूह अब शिअद में नहीं बसती। मजीठिया को चाहिए कि वह पहले ड्रग्स केस की जांच से साफ निकलें। अगर गलती नहीं की तो जांच से क्यों भाग रहे हैं। इस मौके पर बीर दविंदर सिंह, सेवा सिंह सेखवां और उजागर सिंह बडाली भी मौजूद थे।

ब्रह्मपुरा को अभी भी गठबंधन की उम्मीद

आम आदमी पार्टी और शिअद-टकसाली, दोनों के ही आनंदपुर सीट पर अड़ने के बाद से इनके गठबंधन की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है। लेकिन रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा को अभी भी उम्मीद है कि गठबंधन हो सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव में अभी काफी समय है, तब तक कुछ भी सकता है। एक दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि वह गठबंधन चाहते हैं। 

आप से बातचीत शुरू होने से पहले ही हमने सोच लिया था कि आनंदपुर साहिब से बीर दविंदर सिंह को ही लड़ाया जाएगा। बातचीत के दौरान भी उन्हें यही कहा गया कि खडूर साहिब और आनंदपुर साहिब सीटें हमारे पास रहेंगी। लेकिन अभी भी उम्मीद खत्म नहीं हुई है।

चुनाव आयोग से की शिअद रैली की शिकायत
शिअद-टकसाली के दल ने मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू से मिल कर एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें शिअद की एक दिन पहले तरनतारन में हुई रैली को लेकर कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने कहा कि शिअद प्रत्याशी जगीर कौर ने रैली के बाद शराब बांटी। पार्टी चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रही है। डॉ. राजू ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed