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बेअंत सिंह हत्याकांड के आरोपी तारा को हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका

Sat, 13 Aug 2016 08:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Sat, 13 Aug 2016 08:45 AM IST
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former cm punjab, beant singh murder case, punjab-haryana highcourt, chandigarh
जगतार सिंह तारा - फोटो : ‌file photo
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी और बुड़ैल जेल ब्रेक केस में आरोपी जगतार सिंह तारा को हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने तारा की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें तारा ने अपने खिलाफ दायर केसों में खुद पैरवी करने की मांग की थी।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट के जस्टिस एबी चौधरी ने तारा के केस की पैरवी के लिए सीनियर एडवोकेट जेएस बेदी को नियुक्त कर दिया। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने जेल में तारा को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में चंडीगढ़ प्रशासन से सवाल किया कि तारा को जेल में क्या ऐसी सुविधा दी जा सकती हैं या नहीं।
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हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन दो सितंबर को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने को कहा है। तारा की ओर से अपने केस की खुद पैरवी की मांग का विरोध करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि तारा संगीन अपराध का दोषी है और हाई सिक्योरिटी कैदी है, इसलिए उसे किसी भी सूरत में जेल से बाहर निकल कर केस की पैरवी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। 
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फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारा जगतार सिंह हवारा - फोटो : फाइल फोटो
उल्लेखनीय है कि तारा ने जिला अदालत में दायर की अपनी अर्जी में भी केस की खुद पैरवी करने की मांग की थी। इसके अलावा उनसे अपने सहअभियुक्तों से जेल में मुलाकात करने की अनुमति भी मांगी। साथ ही जेल से अपने परिजनों से फोन पर बातचीत करने और तिहाड़ जेल में बंद जगतार सिंह हवारा व परमजीत सिंह भ्योरा से भी पेशियों के दौरान मुलाकात की इजाजत मांगी थी।

तारा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने फोन पर बात करने और बुड़ैल जेल में बंद सहअभियुक्तों से मुलाकात करने की इजाजत दे दी थी। जिला अदालत के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिस पर तारा को नोटिस जारी किया गया था। तारा ने जेल प्रशासन के जरिये हाईकोर्ट में अजी दायर की थी कि वह इस मामले में भी हाईकोर्ट में निजी तौर पर पेश होकर अपने मामले की पैरवी करना चाहता है।
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